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\r\n\r\n\r\n\r\nथाना गोवर्धन पुलिस द्वारा बहला फुसलाकर ब्रेनवॉश कर युवतियों के साथ दुष्कर्म करने वाले 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार ।
\r\n— MATHURA POLICE (@mathurapolice) June 1, 2026
\r\nउक्त के सम्बन्ध में #COGOVERDHAN_MTA द्वारा दी गई बाइट:-@Uppolice @adgzoneagra @digrangeagra https://t.co/Hk5TmfIprS pic.twitter.com/ycGMhwj8mV
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इंजीनियरिंग से अपराध तक का सफर: कौन है अभिषेक मिश्रा?
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- \r\n शिक्षा और करियर: आरोपी ने करीब पांच साल पहले 'आईआईटी रुड़की' (IIT Roorkee) जैसी प्रतिष्ठित संस्था से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उसने एक मल्टीनेशनल कंपनी में 20 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी भी की।\r\n \r\n
- \r\n मथुरा में एंट्री: आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने नौकरी छोड़ दी और पिछले तीन साल से मथुरा में रह रहा था। शुरुआत में उसने गोवर्धन के राधाकुंड इलाके में किराए पर एक मकान लिया और बाद में वहीं अपना खुद का मकान भी खरीद लिया।\r\n \r\n
- \r\n भेष बदला: लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसने अपना नाम अभिषेक मिश्रा से बदलकर 'आदिकर्ता नारायण दास' रख लिया। वह हमेशा सफेद कुर्ता पहनता, माथे पर लंबा चंदन लगाता और गले में एक बड़ी सी माला धारण करता था, ताकि लोग उसे एक सिद्ध और ज्ञानी साधु समझें।\r\n \r\n
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वारदात का दिन: जन्मदिन की खुशियों पर फेरा पानी
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5 लाख की फिरौती और ब्लैकमेलिंग का खेल
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: कैसे कसा शिकंजा?
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- \r\n FIR दर्ज: 25 मई को ही गोवर्धन थाने में आरोपी अभिषेक मिश्रा के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।\r\n \r\n
- \r\n छापेमारी और गिरफ्तारी: केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया। 1 जून (सोमवार) को पुलिस की एक विशेष टीम ने गोवर्धन के राधाकुंड स्थित आरोपी के मकान पर अचानक छापा मारा। पुलिस ने आरोपी अभिषेक मिश्रा को मौके से ही धर दबोचा।\r\n \r\n
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छापेमारी में हुए दिल दहला देने वाले खुलासे
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- \r\n बंधक मुक्त कराए गए युवा: पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को सुरक्षित मुक्त कराया है। ये तीनों भी इस पाखंडी के प्रभाव में आकर वहां रह रहे थे। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया है।\r\n \r\n
- \r\n डिजिटल सबूत: जब पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी जांच की, तो जांच अधिकारियों के होश उड़ गए। फोन की गैलरी में 12 से ज्यादा अलग-अलग युवक-युवतियों के बेहद अश्लील फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि यह कोई पहली घटना नहीं थी, बल्कि आरोपी लंबे समय से यह रैकेट चला रहा था।\r\n \r\n
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'मोडस ऑपरेंडी': कैसे बिछाता था ऑनलाइन जाल?
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- \r\n यूट्यूब और प्रवचन: आरोपी यूट्यूब (YouTube) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव आकर ज्ञान, धर्म और अध्यात्म की बातें करता था।\r\n \r\n
- \r\n टारगेट ऑडियंस: वह जानबूझकर पढ़ी-लिखी, अमीर और मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में काम करने वाली इंडिपेंडेंट लड़कियों को टारगेट करता था।\r\n \r\n
- \r\n ब्रेनवॉश (Brainwash): जब ये युवतियां उसके ऑनलाइन प्रवचनों से प्रभावित होकर उससे संपर्क करती थीं, तो वह पहले मीठी और धार्मिक बातों से उनका पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर देता था।\r\n \r\n
- \r\n मथुरा बुलाना और गंधर्व विवाह: विश्वास जीतने के बाद वह उन्हें मथुरा बुलाता था। उन्हें तीर्थ स्थानों पर घुमाता था और आध्यात्म के नाम पर उनके साथ 'गंधर्व विवाह' (बिना किसी कानूनी या पारिवारिक मान्यता के आपसी सहमति से विवाह का नाटक) करवाता था।\r\n \r\n
- \r\n नशा और ब्लैकमेल: अंत में, वह प्रसाद के बहाने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाता, शारीरिक संबंध बनाता, उनके वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर शुरू होता था ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने का गंदा खेल।\r\n \r\n
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समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी
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Sabse pehle comment karne wale banein.