धर्मनगरी मथुरा से एक ऐसा सनसनीखेज और रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने अध्यात्म के नाम पर चल रहे एक घिनौने खेल की पोल खोल कर रख दी है। एक शख्स जिसने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान 'IIT रुड़की' (IIT Roorkee) से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लाखों रुपये का पैकेज छोड़कर मथुरा आया और साधु का भेष धारण कर लिया। लेकिन इस सफेद कुर्ते और चंदन के पीछे एक ऐसा शातिर अपराधी छिपा था, जो हाई-प्रोफाइल युवतियों को अपने जाल में फंसाकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर रहा था।READ ALSO:-आठवें अजूबे जैसा मौसम! जून में भी महसूस हो रही फरवरी जैसी ठंड; दिल्ली-UP समेत 23 राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का अलर्ट
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गोवर्धन थाना क्षेत्र के राधाकुंड में रहने वाले इस फर्जी साधु अभिषेक मिश्रा (उर्फ आदिकर्ता नारायण दास) को मथुरा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उस पर छत्तीसगढ़ की रहने वाली 22 वर्षीय बीएससी (BSc) नर्सिंग की छात्रा को प्रसाद में नशीला पदार्थ देकर उसके साथ रेप करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप है।
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इंजीनियरिंग से अपराध तक का सफर: कौन है अभिषेक मिश्रा?

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पुलिस की सघन पूछताछ में आरोपी के बारे में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी अभिषेक मिश्रा (29 वर्ष) मूल रूप से ओडिशा राज्य का रहने वाला है। वह कोई साधारण अपराधी नहीं, बल्कि एक उच्च शिक्षित युवा है।
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    शिक्षा और करियर: आरोपी ने करीब पांच साल पहले 'आईआईटी रुड़की' (IIT Roorkee) जैसी प्रतिष्ठित संस्था से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक (B.Tech) की डिग्री हासिल की थी। इसके बाद उसने एक मल्टीनेशनल कंपनी में 20 लाख रुपये के सालाना पैकेज पर नौकरी भी की।
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    मथुरा में एंट्री: आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने नौकरी छोड़ दी और पिछले तीन साल से मथुरा में रह रहा था। शुरुआत में उसने गोवर्धन के राधाकुंड इलाके में किराए पर एक मकान लिया और बाद में वहीं अपना खुद का मकान भी खरीद लिया।
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    भेष बदला: लोगों की आंखों में धूल झोंकने के लिए उसने अपना नाम अभिषेक मिश्रा से बदलकर 'आदिकर्ता नारायण दास' रख लिया। वह हमेशा सफेद कुर्ता पहनता, माथे पर लंबा चंदन लगाता और गले में एक बड़ी सी माला धारण करता था, ताकि लोग उसे एक सिद्ध और ज्ञानी साधु समझें।
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वारदात का दिन: जन्मदिन की खुशियों पर फेरा पानी

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इस पूरे खौफनाक खेल का शिकार बनी 22 वर्षीय पीड़िता छत्तीसगढ़ की रहने वाली है और बीएससी नर्सिंग के थर्ड सेमेस्टर की छात्रा है। पीड़िता की सगी बहन मथुरा स्थित इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) में इंटर्नशिप कर रही है और वह इसी फर्जी साधु अभिषेक मिश्रा के मकान में किराए पर रहती थी।
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 ये तस्वीर खुद को साधु बताने वाले अभिषेक मिश्रा उर्फ आदिकर्ता नारायण दास की है।

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शिकायत के मुताबिक, 15 मई को पीड़िता अपना जन्मदिन (Birthday) मनाने के लिए अपनी बहन के पास मथुरा आई थी। बहन के कमरे पर ही उसकी मुलाकात मकान मालिक अभिषेक मिश्रा से हुई। आरोपी ने बड़े ही शांत और आध्यात्मिक तरीके से अपना परिचय एक प्रवचनकर्ता और साधु के रूप में दिया। रात के समय, जब जन्मदिन का जश्न खत्म हुआ, तो आरोपी ने पीड़िता को भगवान का 'प्रसाद' बताकर पीने के लिए दूध दिया। उस दूध में पहले से ही भारी मात्रा में नशीला पदार्थ मिला हुआ था। दूध पीते ही छात्रा गहरी बेहोशी में चली गई। इसी बेसुध हालत का फायदा उठाकर इस दरिंदे ने छात्रा के साथ रेप किया और उसके कई अश्लील फोटो और वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिए। सुबह जब छात्रा को होश आया और उसने इस घिनौनी हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। बुरी तरह खौफजदा छात्रा वहां से तुरंत अपने घर छत्तीसगढ़ लौट गई।
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5 लाख की फिरौती और ब्लैकमेलिंग का खेल

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छत्तीसगढ़ पहुंचने के बाद भी छात्रा का खौफ कम नहीं हुआ। आरोपी अभिषेक मिश्रा ने उसे वीडियो कॉल करना शुरू कर दिया। उसने छात्रा को उसके अश्लील वीडियो और फोटो दिखाए और धमकी दी कि अगर उसे 5 लाख रुपये नहीं दिए गए, तो वह इन सभी तस्वीरों को सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
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लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना से टूट चुकी छात्रा ने हिम्मत जुटाई और अपनी मां को इस पूरी खौफनाक घटना की जानकारी दी। मां ने तुरंत पीड़िता के पिता को सब कुछ बताया। इसके बाद परिवार ने डरने के बजाय इस पाखंडी का पर्दाफाश करने का फैसला किया और वे सीधा मथुरा पहुंचे।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई: कैसे कसा शिकंजा?

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मथुरा पहुंचने के बाद 25 मई को पीड़िता अपने पिता के साथ सीधे मथुरा के एसएसपी (SSP) श्लोक कुमार के कार्यालय पहुंची और अपनी लिखित शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता और आरोपी की प्रोफाइल को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
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    FIR दर्ज: 25 मई को ही गोवर्धन थाने में आरोपी अभिषेक मिश्रा के खिलाफ रेप, ब्लैकमेलिंग और आईटी एक्ट की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
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    छापेमारी और गिरफ्तारी: केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने जाल बिछाया। 1 जून (सोमवार) को पुलिस की एक विशेष टीम ने गोवर्धन के राधाकुंड स्थित आरोपी के मकान पर अचानक छापा मारा। पुलिस ने आरोपी अभिषेक मिश्रा को मौके से ही धर दबोचा।
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छापेमारी में हुए दिल दहला देने वाले खुलासे

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पुलिस अधीक्षक (SP) ग्रामीण सुरेश चंद्र रावत और क्षेत्राधिकारी (CO) अनिल कुमार सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के घर से जो चीजें बरामद हुईं, वे एक बड़े सेक्स स्कैंडल की ओर इशारा करती हैं।
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    बंधक मुक्त कराए गए युवा: पुलिस ने मकान की तलाशी के दौरान वहां से दो युवतियों और एक युवक को सुरक्षित मुक्त कराया है। ये तीनों भी इस पाखंडी के प्रभाव में आकर वहां रह रहे थे। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया है।
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    डिजिटल सबूत: जब पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर उसकी जांच की, तो जांच अधिकारियों के होश उड़ गए। फोन की गैलरी में 12 से ज्यादा अलग-अलग युवक-युवतियों के बेहद अश्लील फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। इससे यह साफ हो गया है कि यह कोई पहली घटना नहीं थी, बल्कि आरोपी लंबे समय से यह रैकेट चला रहा था।
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'मोडस ऑपरेंडी': कैसे बिछाता था ऑनलाइन जाल?

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सीओ अनिल कुमार सिंह ने आरोपी के 'मोडस ऑपरेंडी' (अपराध करने के तरीके) का विस्तार से खुलासा किया है। यह शातिर अपराधी आम लोगों को नहीं, बल्कि एक खास वर्ग को अपना शिकार बनाता था।
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    यूट्यूब और प्रवचन: आरोपी यूट्यूब (YouTube) और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लाइव आकर ज्ञान, धर्म और अध्यात्म की बातें करता था।
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    टारगेट ऑडियंस: वह जानबूझकर पढ़ी-लिखी, अमीर और मल्टीनेशनल कंपनियों (MNCs) में काम करने वाली इंडिपेंडेंट लड़कियों को टारगेट करता था।
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    ब्रेनवॉश (Brainwash): जब ये युवतियां उसके ऑनलाइन प्रवचनों से प्रभावित होकर उससे संपर्क करती थीं, तो वह पहले मीठी और धार्मिक बातों से उनका पूरी तरह से ब्रेनवॉश कर देता था।
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    मथुरा बुलाना और गंधर्व विवाह: विश्वास जीतने के बाद वह उन्हें मथुरा बुलाता था। उन्हें तीर्थ स्थानों पर घुमाता था और आध्यात्म के नाम पर उनके साथ 'गंधर्व विवाह' (बिना किसी कानूनी या पारिवारिक मान्यता के आपसी सहमति से विवाह का नाटक) करवाता था।
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    नशा और ब्लैकमेल: अंत में, वह प्रसाद के बहाने उन्हें नशीला पदार्थ खिलाता, शारीरिक संबंध बनाता, उनके वीडियो रिकॉर्ड करता और फिर शुरू होता था ब्लैकमेलिंग और पैसे ऐंठने का गंदा खेल।
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समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी

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मथुरा पुलिस की इस बड़ी कामयाबी ने एक बड़े आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। लेकिन यह घटना समाज, विशेषकर युवाओं और युवतियों के लिए एक बहुत बड़ा सबक है। इंटरनेट की दुनिया में दिखने वाली हर चमकदार चीज सोना नहीं होती और हर गेरुआ या सफेद वस्त्र धारण करने वाला व्यक्ति संत नहीं होता। सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी स्वयंभू 'धर्मगुरु' या 'लाइफ कोच' पर आंख मूंदकर विश्वास करना, उनसे एकांत में मिलना और उनके द्वारा दी गई किसी भी खाने-पीने की वस्तु को बिना सोचे-समझे ग्रहण करना कितना घातक हो सकता है, यह इस घटना ने साबित कर दिया है।
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फिलहाल, पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस की साइबर सेल उसके मोबाइल से मिले अन्य 12 पीड़ितों की पहचान करने में जुटी है, ताकि इस हैवान को कोर्ट में सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके और इसके द्वारा चलाए जा रहे पूरे सिंडिकेट का जड़ से खात्मा किया जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इस पाखंडी का शिकार हुआ है, तो वह बिना डरे सामने आए और पुलिस से शिकायत करे। उसकी पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
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