खबरीलाल इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्क | नई दिल्ली
\r\n\r\n
​उत्तर प्रदेश और देश की राजधानी दिल्ली के बीच सफर की तस्वीर हमेशा के लिए बदलने जा रही है। मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के सफल निर्माण के बाद अब नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) का अगला और सबसे महत्वपूर्ण फोकस 'दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर' (Delhi-Varanasi Bullet Train) पर है।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​यह न केवल देश की दूसरी प्रमुख बुलेट ट्रेन परियोजना होगी, बल्कि 865 किलोमीटर की कुल लंबाई के साथ यह भारत का सबसे लंबा बुलेट ट्रेन रूट भी बनने जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली से वाराणसी जाने में ट्रेन से 8 से 12 घंटे और सड़क मार्ग से 10 से 11 घंटे का समय लगता है, लेकिन बुलेट ट्रेन के शुरू होते ही यह दूरी महज 3 घंटे 55 मिनट (लगभग 4 घंटे) में तय हो जाएगी। Khabreelal.com की इस खास रिपोर्ट में जानिए इस ड्रीम प्रोजेक्ट की पूरी ए टू जेड जानकारी।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​हाइलाइट्स: दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट एक नजर में

\r\n\r\n\r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n \r\n
\r\n
प्रमुख बिंदु
\r\n
\r\n
विवरण (Details)
\r\n
\r\n
कुल लंबाई (Total Length)
\r\n
\r\n
865 किलोमीटर (देश का सबसे लंबा कॉरिडोर)
\r\n
\r\n
डिजाइन स्पीड (Design Speed)
\r\n
\r\n
350 किमी प्रति घंटा
\r\n
\r\n
ऑपरेटिंग स्पीड (Operating Speed)
\r\n
\r\n
320 किमी प्रति घंटा
\r\n
\r\n
अनुमानित लागत (Estimated Cost)
\r\n
\r\n
₹1.21 लाख करोड़ से ₹1.71 लाख करोड़
\r\n
\r\n
सफर का समय (Travel Time)
\r\n
\r\n
3 घंटे 55 मिनट
\r\n
\r\n
प्रस्तावित स्टेशन
\r\n
\r\n
12 से 13 स्टेशन
\r\n
\r\n
कवर होने वाले जिले
\r\n
\r\n
यूपी के 22 से अधिक जिले
\r\n
\r\n
कार्यान्वयन एजेंसी
\r\n
\r\n
नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL)
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

पूरा रूट मैप: किन 12 शहरों में बनेंगे बुलेट ट्रेन स्टेशन?

\r\n\r\n
​दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां (हजरत निजामुद्दीन) टर्मिनल से शुरू होकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य यूपी और पूर्वांचल को जोड़ते हुए वाराणसी तक जाएगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​प्रस्तावित प्रमुख 12 स्टेशनों की सूची:

\r\n\r\n
    \r\n
  1. \r\n
    ​सराय काले खां / हजरत निजामुद्दीन (दिल्ली - मुख्य टर्मिनल)
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    ​नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर, ग्रेटर नोएडा)
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    ​मथुरा
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    ​आगरा
    \r\n
  8. \r\n
  9. \r\n
    ​इटावा
    \r\n
  10. \r\n
  11. \r\n
    ​कन्नौज
    \r\n
  12. \r\n
  13. \r\n
    ​लखनऊ
    \r\n
  14. \r\n
  15. \r\n
    ​अयोध्या (लखनऊ से 135 किमी का विशेष लिंक रूट)
    \r\n
  16. \r\n
  17. \r\n
    ​रायबरेली
    \r\n
  18. \r\n
  19. \r\n
    ​प्रयागराज
    \r\n
  20. \r\n
  21. \r\n
    ​भदोही
    \r\n
  22. \r\n
  23. \r\n
    ​वाराणसी (मंडुवाडीह)
    \r\n
  24. \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
\r\n

अयोध्या के लिए 135 किमी का अलग स्पर्/लिंक रूट:

\r\n\r\n
मुख्य लाइन के अलावा लखनऊ से अयोध्या धाम को सीधे जोड़ने के लिए 135 किलोमीटर का एक अलग लिंक रूट भी इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है, ताकि रामलला के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिल सके।
\r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

​जेवर एयरपोर्ट से डायरेक्ट कनेक्टिविटी: NCR और यूपी के लिए गेमचेंजर

\r\n\r\n
​एनसीआर (NCR) और उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए यह रूट एक बहुत बड़ा गेमचेंजर (Gamechanger) साबित होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) पर बुलेट ट्रेन का स्टेशन बनने से दिल्ली, मथुरा, आगरा और लखनऊ के लोग मिनटों में सीधे एयरपोर्ट पहुंच सकेंगे।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
​विदेशों से जेवर एयरपोर्ट उतरने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्री और पर्यटक उतरते ही बुलेट ट्रेन पकड़कर कुछ ही घंटों के भीतर आगरा का ताजमहल, अयोध्या का राम मंदिर या काशी विश्वनाथ धाम पहुंच सकेंगे। इससे यूपी का एविएशन और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क दुनिया के बेहतरीन मॉडल्स से मुकाबला करेगा।
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n

धार्मिक पर्यटन और व्यापार को मिलेगी नई उड़ान

\r\n\r\n
​यह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर भारत के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन सर्किट को एक साथ पिरोने का काम करेगा:
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    ​टूरिज्म सर्किट (Tourism Circuit): दिल्ली से निकलकर यात्री एक ही दिन में मथुरा-वृंदावन, आगरा (ताजमहल), अयोध्या (राम मंदिर), प्रयागराज (संगम) और वाराणसी (काशी विश्वनाथ धाम) की यात्रा पूरी कर सकेंगे।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​देसी-विदेशी पर्यटकों को सहूलियत: इस रूट के बनने से उत्तर प्रदेश में विदेशी पर्यटकों की संख्या में भारी उछाल आने की उम्मीद है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    ​कार्पेट व इत्र उद्योग को बढ़ावा: भदोही का कालीन (Carpets) उद्योग और कन्नौज का इत्र (Perfume) उद्योग सीधे दिल्ली और बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार में नए अवसर पैदा होंगे।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n
 
\r\n\r\n
दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन परियोजना न केवल उत्तर प्रदेश के 22 से अधिक जिलों की अर्थव्यवस्था को नई गति देगी, बल्कि भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर के इतिहास में एक नया मील का पत्थर साबित होगी। 1.71 लाख करोड़ रुपये की यह महत्वाकांक्षी योजना पूरे उत्तर भारत के परिवहन ढांचे को 21वीं सदी की आधुनिक रफ्तार प्रदान करेगी।
\r\n\r\n
    \r\n
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें