उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। गुरुवार तड़के बुलंदशहर सिपाही सुसाइड मामले ने पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। मात्र 3 महीने पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में भर्ती हुए 25 वर्षीय सिपाही सुधीर ठाकुर ने अपनी ही सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर मौत के घाट उतार लिया। यह दर्दनाक घटना औरंगाबाद कस्बे के लखावटी पुलिस चौकी क्षेत्र की है।READ ALSO:-IRCTC ने लॉन्च किया अपनी वेबसाइट का नया बीटा वर्जन: अब चुटकियों में बुक होंगे ट्रेन टिकट, स्मार्ट कैप्चा और फास्ट चेकआउट से यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
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सुसाइड से ठीक पहले सिपाही ने एक भावुक ऑडियो संदेश अपने परिजनों को भेजा था, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर थाने के एसओ (SO) और मुंशी को जिम्मेदार ठहराया है।
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सिपाही के आत्महत्या करने से पहले उसके एक साथी ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की थी। लेकिन मानसिक तनाव में आ चुके सुधीर ने अपने ही साथी को गोली मारने की धमकी दी और हवा में फायरिंग कर दी। आइए इस बुलंदशहर सिपाही सुसाइड मामले की पूरी इनसाइड स्टोरी, वायरल ऑडियो का सच, प्रेम-प्रसंग का एंगल और पुलिस की शुरुआती जांच पर विस्तार से नजर डालते हैं।
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रात 3 बजे का खौफनाक मंजर: साथी ने बचाने की की कोशिश

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मृतक सिपाही के साथी सौरभ ने पुलिस अधिकारियों को दिए अपने बयान में घटना वाली रात का रोंगटे खड़े कर देने वाला सच बताया है। सौरभ के मुताबिक, बुधवार देर रात सभी पुलिसकर्मियों के साथ बैठे होने के बावजूद सुधीर काफी बेचैन और गुमसुम नजर आ रहा था। वह हताशा में बार-बार अपने साथियों से कह रहा था कि "अब मैं और जीना नहीं चाहता।"
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गुरुवार तड़के करीब 3 बजे सुधीर अचानक अपनी सरकारी सर्विस राइफल लेकर लखावटी चौकी से बाहर निकला और थोड़ी दूर स्थित नहर की तरफ पैदल जाने लगा। सौरभ को सुधीर की इस असामान्य हरकत पर शक हुआ और अनहोनी की आशंका के चलते वह उसे रोकने के लिए उसके पीछे-पीछे जाने लगा। सुधीर ने सौरभ को अपने पीछे आने से सख्त मना किया, लेकिन सौरभ उसे समझाने की कोशिश करता रहा।
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इसी बात पर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हो गई। सुधीर ने स्पष्ट कर दिया कि वह खुद को गोली मारकर अपनी जान देने जा रहा है। जब सौरभ ने करीब जाकर उसे पकड़ने और राइफल छीनने की कोशिश की, तो सुधीर ने हवा में एक राउंड फायरिंग कर दी और सौरभ को गोली मारने की धमकी दी।
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इस चेतावनी के बाद सौरभ घबरा गया और तुरंत चौकी इंचार्ज को घटना की सूचना देने के लिए चौकी की तरफ दौड़ पड़ा। जैसे ही सौरभ वहां से हटा, सुधीर ने नहर के पास अपनी गर्दन से राइफल सटाकर ट्रिगर दबा दिया। गोली की तेज आवाज सुनकर जब तक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, सुधीर खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर चुका था। पुलिस ने आनन-फानन में शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। फोरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाए हैं।
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वायरल ऑडियो का सच: एसओ और मुंशी पर प्रताड़ना का आरोप

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इस बुलंदशहर सिपाही सुसाइड मामले में जांच का दायरा तब और बढ़ गया जब सुधीर द्वारा मरने से ठीक पहले रिकॉर्ड किया गया एक ऑडियो सामने आया। मृतक के परिजनों का कहना है कि सुधीर ने सुसाइड से पहले यह ऑडियो रिकॉर्ड करके उन्हें भेजा था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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इस ऑडियो में सुधीर रोते हुए कह रहा है: "मैं सुधीर सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल। 13 तारीख को मेरे पेट में बहुत तेज दर्द हो रहा था। मैंने अपने थाने के मुंशी अंकित को अपनी शारीरिक परेशानी बताई, लेकिन उन्होंने मेरी एक नहीं सुनी। इसके बाद मैंने नए कोतवाली प्रभारी (एसओ) राहुल चौधरी को भी अपनी बीमारी के बारे में बताया। लेकिन उन्होंने मेरी परेशानी समझने के बजाय मेरे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। मेरे साथ गाली-गलौज की गई और मुझे लाइन हाजिर कर दिया। मैं अब इस नौकरी से त्यागपत्र दे रहा हूं और अपनी जिंदगी से भी। मेरी मौत के जिम्मेदार मुंशी अंकित और एसओ राहुल चौधरी रहेंगे। मैं सिर्फ इनकी वजह से अपनी जान दे रहा हूं।"
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यह ऑडियो पुलिस विभाग के अंदर निचले स्तर के कर्मचारियों के साथ होने वाले कथित दुर्व्यवहार, असंवेदनशीलता और मानसिक प्रताड़ना की एक बेहद डरावनी तस्वीर पेश करता है।
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प्रेम प्रसंग और ब्रेकअप का दूसरा एंगल

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यद्यपि ऑडियो में विभागीय अधिकारियों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है, लेकिन साथी पुलिसकर्मियों के बयानों से जांच में एक दूसरा निजी पहलू भी सामने आया है। सुधीर के साथी सौरभ ने पुलिस को बताया कि सुधीर किसी लड़की से बहुत प्यार करता था, लेकिन दुर्भाग्यवश करीब एक महीने पहले उस लड़की की कहीं और शादी हो गई थी।
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लड़की की शादी हो जाने के बाद से ही सुधीर गहरे डिप्रेशन (तनाव) में रहने लगा था। उसके साथियों ने कई बार उसे समझाकर इस सदमे से बाहर निकालने की कोशिश की थी, लेकिन वह अक्सर हताशा में कहता था कि "मुझे बस मरना है।" अब जांच अधिकारी इस बात की तफ्तीश कर रहे हैं कि क्या सुधीर की आत्महत्या की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग में मिली यह नाकामी थी, या फिर विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया दुर्व्यवहार, या फिर इन दोनों ही बातों ने मिलकर उसे इस खौफनाक कदम को उठाने के लिए मजबूर कर दिया।
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आगरा का रहने वाला था मृतक सिपाही सुधीर

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महज 25 साल की उम्र में अपनी जान देने वाला सिपाही सुधीर मूल रूप से आगरा जिले के इरादतनगर थाना क्षेत्र के संगेचा गांव का रहने वाला था। वह अपने तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसका बड़ा भाई कृष्णा (32 वर्ष) गांव में ही रहकर खेती-बाड़ी करता है, जबकि सबसे छोटा भाई पवन (21 वर्ष) अभी पढ़ाई कर रहा है।
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सुधीर के पिता जगवीर और मां गुड्डी देवी खेती-मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। तीन महीने पहले जब सुधीर को उत्तर प्रदेश पुलिस में सरकारी नौकरी मिली थी, तो पूरे परिवार और गांव में जश्न का माहौल था। लेकिन महज 90 दिनों के भीतर ही उस जवान बेटे की लाश गांव पहुंचने की खबर से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और वे अपने बेटे के लिए इंसाफ की गुहार लगा रहे हैं।
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कुल मिलाकर, बुलंदशहर सिपाही सुसाइड की यह घटना बेहद हृदयविदारक है। यह पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, अधिकारियों के रवैये और जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक तरफ डिप्रेशन का एंगल है, तो दूसरी तरफ बीमारी की हालत में भी अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर की गई गाली-गलौज का वायरल ऑडियो। पुलिस के आला अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच का दावा कर रहे हैं। अब यह देखना अहम होगा कि सुधीर के वायरल ऑडियो को आधार मानकर पुलिस विभाग आरोपी एसओ और मुंशी के खिलाफ क्या अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई करता है। यह घटना प्रशासन के लिए एक अलार्म है कि पुलिस बल में काम करने वाले नए जवानों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
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बुलंदशहर के औरंगाबाद स्थित लखावटी पुलिस चौकी में तैनात 25 वर्षीय सिपाही सुधीर ठाकुर ने गुरुवार तड़के 3 बजे अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। 3 महीने पहले ही आगरा के इस युवक की पुलिस में नौकरी लगी थी। आत्महत्या से पहले उसने एक ऑडियो परिजनों को भेजा, जिसमें उसने थाने के एसओ राहुल चौधरी और मुंशी अंकित पर बीमारी के दौरान गाली-गलौज करने और लाइन हाजिर करने का आरोप लगाया है। वहीं, साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि प्रेमिका की शादी हो जाने के कारण सुधीर पिछले एक महीने से गहरे डिप्रेशन में भी था। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले के दोनों पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।
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