हापुड़ (Hapur News): उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक बेहद निंदनीय और आक्रोश पैदा करने वाली खबर सामने आई है। जिले के हाफिजपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घूंघराला गांव में बीती रात कुछ असामाजिक तत्वों (सामंती गुंडों) ने भारतीय संविधान के निर्माता और दलितों-शोषितों के मसीहा भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को तोड़ दिया। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में भारी तनाव और गुस्से का माहौल है।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में यूपी पुलिस का एक्शन: मंदिर में शराब पीने से रोका तो पुजारी को उतारा था मौत के घाट, 24 घंटे में एनकाउंटर कर सिखाया सबक
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जैसे ही इस शर्मनाक घटना की खबर फैली, 'शोषित क्रांति दल' (Shoshit Kranti Dal - SKD) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। दल के कार्यकर्ताओं ने बिना कोई देरी किए घटनास्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाल लिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आइए, इस पूरी घटना, कार्यकर्ताओं के आक्रोश और प्रशासन की अब तक की कार्रवाई को विस्तार से समझते हैं।
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रात के अंधेरे में हुई कायराना हरकत (The Incident)
\r\n\r\nहाफिजपुर थाना क्षेत्र का गांव घूंघराला आमतौर पर शांत रहता है, लेकिन बीती रात की एक घटना ने यहां की शांति को पूरी तरह से भंग कर दिया है। गांव के एक सार्वजनिक स्थल पर बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की एक आदमकद प्रतिमा स्थापित थी, जो स्थानीय बहुजन समाज और ग्रामीणों की गहरी आस्था का केंद्र थी।
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मिली जानकारी के अनुसार, रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों (जिन्हें स्थानीय लोग सामंती गुंडे बता रहे हैं) ने मूर्ति स्थल पर धावा बोला और प्रतिमा को बुरी तरह खंडित कर दिया। सुबह जब गांव की महिलाएं और अन्य ग्रामीण वहां से गुजरे तो उन्होंने अपने मसीहा की मूर्ति को खंडित अवस्था में देखा। इस दृश्य को देखते ही ग्रामीणों में आक्रोश की लहर दौड़ गई और तुरंत इसकी सूचना पुलिस और स्थानीय सामाजिक संगठनों को दी गई।
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शोषित क्रांति दल का कड़ा एक्शन: टेंट गाड़कर आर-पार की लड़ाई का ऐलान
\r\n\r\nबाबा साहेब की मूर्ति तोड़े जाने की भनक जैसे ही 'शोषित क्रांति दल' (SKD) की हापुड़ जिला यूनिट को लगी, दल के तमाम युवा और वरिष्ठ कार्यकर्ता लामबंद हो गए। वरिष्ठ और तेजतर्रार कार्यकर्ता अजब सिंह के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता तुरंत घूंघराला गांव स्थित घटनास्थल पर पहुंच गए।
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शोषित क्रांति दल के कार्यकर्ताओं ने केवल नारेबाजी तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने वहीं घटनास्थल पर ही टेंट गाड़कर अपना अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। दल का स्पष्ट कहना था कि जब तक प्रशासन उनकी मांगें पूरी नहीं करता, वे इस जगह से एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।
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थाना प्रभारी से हुई तीखी नोकझोंक
\r\n\r\nधरना स्थल पर टेंट लगाने को लेकर माहौल उस वक्त और भी ज्यादा गरमा गया जब हाफिजपुर थाने के प्रभारी (SHO) अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। पुलिस ने शांति व्यवस्था का हवाला देते हुए कार्यकर्ताओं को टेंट लगाने से रोकने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर शोषित क्रांति दल के कार्यकर्ताओं और थाना प्रभारी अरविंद कुमार के बीच तीखी नोकझोंक और बहस बाजी हुई।
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कार्यकर्ताओं का साफ कहना था कि, "जब मूर्ति तोड़ी जा रही थी तब पुलिस की गश्त कहां थी? हम शांतिपूर्ण तरीके से अपने महापुरुष के सम्मान के लिए बैठे हैं और हमें यहां से कोई नहीं हटा सकता।" कार्यकर्ताओं के कड़े रुख और भारी भीड़ को देखते हुए अंततः पुलिस को बैकफुट पर आना पड़ा।
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शोषित क्रांति दल की मुख्य मांगें (Demands of the Activists)
\r\n\r\nधरने पर बैठे अजब सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के सामने अपनी दो टूक और स्पष्ट मांगें रखी हैं, जिन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा:
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- \r\n तत्काल नई और भव्य मूर्ति की स्थापना: जिस स्थान पर मूर्ति को खंडित किया गया है, वहां प्रशासन अपने खर्चे पर तुरंत बाबा साहेब की नई और पहले से अधिक भव्य प्रतिमा स्थापित करवाए।\r\n \r\n
- \r\n सामंती गुंडों की अविलंब गिरफ्तारी: इस कायराना हरकत को अंजाम देने वाले असामाजिक तत्वों की तत्काल पहचान की जाए और उन पर 'एससी/एसटी एक्ट' (SC/ST Act), राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षा की गारंटी: भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए महापुरुषों की मूर्तियों के आसपास सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाएं और पुलिस की नियमित गश्त सुनिश्चित की जाए।\r\n \r\n
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बैकफुट पर प्रशासन: मेरठ से मंगवाई जा रही है नई मूर्ति
\r\n\r\nमामले की गंभीरता, बढ़ते तनाव और शोषित क्रांति दल के उग्र धरने को देखते हुए पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों ने तुरंत डैमेज कंट्रोल (Damage Control) शुरू किया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में वरिष्ठ अधिकारियों ने धरना दे रहे कार्यकर्ताओं से बातचीत की।
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पुलिस प्रशासन ने एसकेडी (SKD) कार्यकर्ताओं को लिखित और मौखिक आश्वासन दिया है कि:
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- \r\n प्रतिमा की जगह को तुरंत साफ करवा दिया गया है और एक नई, आदमकद मूर्ति मेरठ (Meerut) से विशेष वाहन द्वारा मंगवाई जा रही है।\r\n \r\n
- \r\n इसे पूरे सम्मान के साथ उसी स्थान पर स्थापित किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस की कई विशेष टीमों (Special Teams) का गठन कर दिया गया है। मुखबिरों को सक्रिय कर दिया गया है और संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।\r\n \r\n
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धरना स्थल पर मौजूद रहे प्रमुख चेहरे
\r\n\r\nइस पूरे आंदोलन और धरने को मजबूती देने के लिए शोषित क्रांति दल के कई युवा और कर्मठ कार्यकर्ता मौके पर डटे रहे। प्रशासन की आंखों में आंखें डालकर जवाब मांगने वालों में मुख्य रूप से शामिल रहे:
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- \r\n अरुण जाटव (Arun Jatav)\r\n \r\n
- \r\n प्रिंस (Prince)\r\n \r\n
- \r\n गौरव (Gaurav)\r\n \r\n
- \r\n आकाश (Akash)\r\n \r\n
- \r\n राकेश (Rakesh)\r\n \r\n
- \r\n प्रमोद (Pramod)\r\n \r\n
- \r\n राहुल (Rahul)\r\n \r\n
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इन युवाओं की मौजूदगी ने यह साबित कर दिया कि बहुजन समाज का युवा अब अपने महापुरुषों के अपमान को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त करने वाला नहीं है।
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सामाजिक दृष्टिकोण: आखिर कब तक होगा महापुरुषों का अपमान?
\r\n\r\nयह कोई पहली घटना नहीं है जब उत्तर प्रदेश या देश के किसी अन्य हिस्से में डॉ. बीआर अंबेडकर की मूर्ति को निशाना बनाया गया हो। समाजशास्त्रियों और सामाजिक न्याय के पैरोकारों का मानना है कि मूर्तियां तोड़ना केवल पत्थर तोड़ना नहीं है, बल्कि यह एक 'विचारधारा' पर हमला है।
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बाबा साहेब ने समाज के सबसे निचले तबके को सम्मान से जीने का अधिकार दिया, उन्हें शिक्षा और समानता का पाठ पढ़ाया। सामंती मानसिकता से ग्रसित कुछ लोगों को आज भी समाज के शोषित वर्ग का आगे बढ़ना पच नहीं रहा है। इसलिए वे रात के अंधेरे में ऐसी ओछी हरकतों को अंजाम देकर अपनी कुंठा निकालते हैं। लेकिन आज का बहुजन युवा 'शोषित क्रांति दल' जैसे संगठनों के झंडे तले एकजुट है। वे न केवल अपने संवैधानिक अधिकारों को समझते हैं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपने महापुरुषों के सम्मान की रक्षा करना भी बखूबी जानते हैं।
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फिलहाल, घूंघराला गांव में एहतियातन भारी पीएसी (PAC) और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। गांव छावनी में तब्दील है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। अब देखना यह है कि हापुड़ पुलिस अपने वादे के मुताबिक कितनी जल्दी मेरठ से नई मूर्ति मंगवाकर स्थापित करती है और उन 'सामंती गुंडों' के हाथों में हथकड़ी डालती है जिन्होंने समाज का सौहार्द बिगाड़ने की यह घिनौनी साजिश रची है।
\r\n\r\n(यह प्रेस विज्ञप्ति और सूचना 'शोषित क्रांति दल' द्वारा जारी की गई है।)
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