आगरा: आगरा कैंट रेलवे स्टेशन (Agra Cantt Railway Station) पर रविवार को हुई एक शर्मनाक और हैरान कर देने वाली घटना ने रेलवे प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। प्लेटफॉर्म पर एक महिला यात्री की मदद करने के लिए ट्रेन रुकवाने वाले डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (DSS) नरेंद्र सिंह चाहर के साथ RPF (रेलवे सुरक्षा बल) के जवानों ने सरेआम मारपीट की और उन्हें अपराधियों की तरह 300 मीटर तक घसीटते हुए थाने ले गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद फतेहपुर सीकरी से बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर (MP Rajkumar Chahar) का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मौके पर पहुंचकर RPF अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और उन्हें सरकार की बदनामी करने वाला बताया।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में 'ऑपरेशन सवेरा' की बड़ी कामयाबी: 10 लाख के गांजे के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए महिला को ढाल बनाते थे तस्कर
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"वर्दी और सरकार की बदनामी करोगे...": सांसद का वीडियो वायरल

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रविवार शाम को जब सांसद राजकुमार चाहर को इस पूरे विवाद और DSS के साथ हुई अभद्रता की जानकारी मिली, तो वे तुरंत रेलवे इंस्टीट्यूट पहुंचे। वहां मौजूद RPF के बड़े अधिकारियों को देखते ही सांसद भड़क गए। इस दौरान किसी ने उनका वीडियो रिकॉर्ड कर लिया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
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वीडियो में सांसद अधिकारियों को फटकारते हुए साफ तौर पर कहते हुए सुने जा सकते हैं:

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"तुम्हारी इस हरकत की वजह से मुझे यहां आना पड़ा है। किसने आदेश दिया ऐसा करने का? खुद की भी कोई बुद्धि होती है कि पब्लिक और स्टाफ के साथ कैसे डील किया जाता है। ये कोई तरीका है कि एक क्लास-2 ऑफिसर (डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट) को घसीटकर ले जा रहे हैं। वर्दी की भी बदनामी करोगे और हमारी सरकार की भी बदनामी करोगे... बदतमीज कहीं के!"
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आखिर क्या है पूरा विवाद? (ट्रेन, पेठा और वसूली का खेल)

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यह पूरा विवाद रविवार सुबह 10:53 बजे का है। अमृतसर से आने वाली हीराकुंड एक्सप्रेस आगरा कैंट स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर आकर रुकी थी।
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    महिला यात्री की परेशानी: इसी ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री आगरा का मशहूर पेठा खरीदने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरी थी। पेठा खरीदते समय अचानक ट्रेन चल पड़ी।
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    DSS ने रुकवाई ट्रेन: महिला को घबराया हुआ देखकर ड्यूटी पर तैनात डिप्टी स्टेशन सुपरिटेंडेंट (ऑपरेटिंग) नरेंद्र सिंह चाहर ने तुरंत अपने वॉकी-टॉकी से गार्ड को संदेश भेजा और ट्रेन रुकवा दी ताकि महिला उसमें चढ़ सके।
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    RPF की वसूली और विवाद: ट्रेन रुकते ही वहां RPF के जवान पहुंच गए। आरोप है कि उन्होंने महिला पर अवैध रूप से 'चेन पुलिंग' का झूठा आरोप लगाया और उससे 1000 रुपये का जुर्माना भरने का दबाव बनाने लगे।
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    हाथापाई और घसीटना: जब DSS नरेंद्र सिंह चाहर ने बीच-बचाव किया और RPF कर्मियों से कहा कि ट्रेन महिला ने नहीं, बल्कि उन्होंने खुद रुकवाई है, तो बात बिगड़ गई। RPF जवान भड़क गए। दोनों पक्षों में तीखी बहस और धक्का-मुक्की होने लगी। इसी दौरान कई अन्य RPF जवान वहां आ धमके और उन्होंने सरेआम DSS के साथ मारपीट शुरू कर दी। हद तो तब हो गई जब वे डीएसएस को प्लेटफॉर्म पर करीब 300 मीटर तक जानवरों की तरह घसीटते हुए आरपीएफ थाने ले गए।
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डीआरएम के बंगले पर धरना, आरोपी जवानों पर गिरी गाज

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इस अपमानजनक घटना से आहत होकर डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर शाम को अपनी पत्नी और अन्य परिजनों के साथ डीआरएम (DRM) के बंगले के बाहर धरना देने पहुंच गए। परिजनों की मांग थी कि आरोपी आरपीएफ कर्मी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। सांसद राजकुमार चाहर ने भी डीआरएम से मिलकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की।
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बढ़ते दबाव और वायरल वीडियो को देखते हुए रेलवे प्रशासन तुरंत एक्शन में आ गया। मारपीट में शामिल चारों आरोपी RPF कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया गया है।
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जीआरपी में FIR दर्ज, हाई लेवल जांच कमेटी गठित

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स्टेशन उपाधीक्षक (DSS) नरेंद्र चाहर की लिखित शिकायत के आधार पर जीआरपी (GRP) थाना आगरा कैंट में चारों नामजद आरपीएफ कर्मियों और कुछ अन्य अज्ञात जवानों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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    नामजद आरोपी: एएसआई मेघराज मीणा, एएसआई बालकिशन, कांस्टेबल जितेंद्र और बदन सिंह।
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    लगाई गईं धाराएं: भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(2) (बलवा), 115(2) (मारपीट), 351(2) (गाली-गलौज) और 352 (जान से मारने की धमकी)।
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उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के CPRO डॉ. शिवम शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक उच्च स्तरीय जांच समिति (High-Level Probe Committee) का गठन कर दिया गया है। इसमें सीनियर डीओएस, सीनियर डीईई और सीनियर डीएससी (RPF) स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जो पूरे मामले की रिपोर्ट सौंपेंगे।
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सोशल मीडिया पर DSS के समर्थन में उतरा रेलवे स्टाफ और आम जनता

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इस घटना ने सोशल मीडिया पर भी तूल पकड़ लिया है। रेलवे कर्मचारियों के साथ-साथ आम लोग भी DSS नरेंद्र चाहर के समर्थन में कैंपेन चला रहे हैं। लोगों का कहना है कि: "जिस अधिकारी ने एक महिला यात्री की मदद की और उसे ट्रेन छूटने से बचाया, उसे सम्मानित करने के बजाय RPF कर्मियों ने सरेआम घसीटकर अपमानित किया और महिला से 1000 रुपये की अवैध वसूली करने की कोशिश की। यह वर्दी का साफ दुरुपयोग है।"
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इस घटना ने आगरा कैंट जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर RPF की कार्यप्रणाली और यात्रियों व सहकर्मियों के प्रति उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद रेलवे इन दागी जवानों पर क्या ठोस कार्रवाई करता है।
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