आजकल स्मार्टफोन गुम हो जाने के बाद लोग उसे वापस पाने की उम्मीद लगभग छोड़ ही देते हैं। लेकिन, मुजफ्फरनगर पुलिस ने बेहतरीन तकनीक और सर्विलांस के दम पर लोगों की यह उम्मीद फिर से जगा दी है। पिछले तीन महीनों में पुलिस ने शानदार काम करते हुए 131 खोए हुए स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई है।READ ALSO:-मुजफ्फरनगर में दबंगों का दुस्साहस: सुमन विहार से कम्पनी बाग जाने वाले सरकारी रास्ते पर चुनी दीवार, भड़के बुजुर्गों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन
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मुजफ्फरनगर पुलिस ने सर्विलांस और तकनीक का किया सटीक इस्तेमाल

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जिले की सर्विलांस सेल पिछले कई दिनों से खोए हुए मोबाइलों की लगातार मिल रही शिकायतों पर काम कर रही थी। एसपी देहात इंदु सिद्धार्थ के कुशल पर्यवेक्षण में सर्विलांस टीम ने इसे एक विशेष अभियान का रूप दिया।
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सर्विलांस सेल प्रभारी विकास चौधरी के निर्देशन में पुलिसकर्मियों ने लगातार तकनीकी निगरानी रखी। सर्विलांस टीम ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर इन मोबाइलों की सटीक लोकेशन ट्रेस की। इसके बाद विभिन्न थाना पुलिस की मदद से इन्हें अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया।
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CEIR पोर्टल से मोबाइल तलाशना हुआ बेहद आसान

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इस पूरे अभियान में भारत सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की भूमिका बहुत अहम रही। यह पोर्टल देश भर में चोरी या गुम हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और उन्हें ट्रेस करने में बहुत मदद करता है।
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मुजफ्फरनगर पुलिस की सर्विलांस टीम ने आम जनता की शिकायतों के आधार पर मोबाइल डेटा को CEIR पोर्टल पर दर्ज किया। पोर्टल से मिले आईएमईआई (IMEI) डेटाबेस और लोकल नेटवर्क ट्रैकिंग की मदद से फोन इस्तेमाल करने वालों तक पुलिस आसानी से पहुंच गई।
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क्यों महत्वपूर्ण है गुम मोबाइल की रिपोर्ट दर्ज कराना?

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जब किसी व्यक्ति का मोबाइल खो जाता है, तो उसके गलत हाथों में पड़ने का खतरा रहता है। साइबर अपराधी ऐसे मोबाइलों का इस्तेमाल ठगी, फर्जी कॉल या अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। इसलिए, पुलिस हमेशा सलाह देती है कि मोबाइल खोने पर तुरंत स्थानीय थाने या ऑनलाइन पोर्टल पर इसकी शिकायत जरूर दर्ज कराएं।
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करीब 14 लाख रुपये है बरामद मोबाइलों की कीमत

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पुलिस टीम द्वारा पिछले तीन महीनों की कड़ी मेहनत के बाद कुल 131 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। बाजार के वर्तमान मूल्य के अनुसार, इन सभी बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख रुपये आंकी गई है।
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बुधवार की दोपहर मुजफ्फरनगर पुलिस लाइन में एक विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) संजय कुमार वर्मा ने खुद अपने हाथों से सभी 131 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे।
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खोया मोबाइल वापस पाकर भावुक हुए असली मालिक

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अपना गुम हो चुका कीमती मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से पूरी तरह खिल उठे। कई लोगों ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने तो कभी सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल पाएगा।
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मोबाइल वापस पाने वाले लोगों ने मुजफ्फरनगर पुलिस का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आजकल मोबाइल में न केवल उनके बैंक खाते लिंक होते हैं, बल्कि निजी यादें, जरूरी दस्तावेज और कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी सुरक्षित रहती हैं। ऐसे में मोबाइल का वापस मिलना उनके लिए एक बड़ी राहत है।
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आगे भी जारी रहेगा मुजफ्फरनगर पुलिस का यह अभियान

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मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने जनता को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी का यह विशेष अभियान आगे भी इसी तरह लगातार जारी रहेगा।
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भविष्य में भी आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक और बेहतर उपयोग कर लोगों को उनका खोया सामान वापस दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। इस तरह के सकारात्मक और सफल अभियानों से आम जनता का मुजफ्फरनगर पुलिस पर भरोसा काफी मजबूत हुआ है।
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निष्कर्ष के तौर पर, 14 लाख रुपये के 131 मोबाइल वापस लौटाकर मुजफ्फरनगर पुलिस ने 'गुड पुलिसिंग' की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। तकनीक, CEIR पोर्टल और सर्विलांस सेल का यह संयुक्त प्रयास न सिर्फ लोगों को उनकी कीमती चीज लौटा रहा है, बल्कि समाज में पुलिस विभाग की एक सकारात्मक और मददगार छवि भी पेश कर रहा है।
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