मुजफ्फरनगर में गुरुवार दोपहर एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर उस समय हड़कंप मच गया, जब मुजफ्फरनगर से मेरठ जा रही वैशाली डिपो की एक सीएनजी बस में अचानक भीषण आग लग गई। यह घटना वहलना कट के पास दोपहर करीब 2:30 बजे हुई। गनीमत रही कि बस चालक और परिचालक ने अपनी सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित समय रहते नीचे उतार लिया।READ ALSO:-सरकार ला रही है कारों के लिए नया और सख्त कानून 'CAFE-III': अब गाड़ियों का माइलेज तो बढ़ेगा, लेकिन खरीदने के लिए ढीली करनी होगी जेब
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क्या था पूरा घटनाक्रम?

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प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस जब वहलना चौक कट के पास पहुंची, तभी चालक और परिचालक को बस के पिछले हिस्से से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया। खतरे को भांपते हुए चालक ने बिना देर किए बस को सड़क किनारे सुरक्षित रोक लिया। चालक और परिचालक ने फौरन सभी यात्रियों को बस से उतरने का निर्देश दिया। उस दौरान बस में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी सवार थे।
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यात्रियों के बस से उतरने के कुछ ही क्षण बाद, आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरी बस धू-धू कर जलने लगी। बस के अंदर आग फैलते ही उसमें एक तेज धमाका भी हुआ, जिससे आसपास के राहगीर और यात्री सहम गए। यदि चालक ने कुछ मिनट की भी देरी की होती, तो यह घटना एक बड़ी त्रासदी में बदल सकती थी।
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राहत और बचाव कार्य

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इस घटना के बाद नेशनल हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि हाईवे से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार थम गई। राहगीरों ने तत्काल पुलिस और दमकल विभाग (Fire Brigade) को सूचना दी। सूचना मिलते ही मंसूरपुर थाना पुलिस और शहर कोतवाली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
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सीएफओ (CFO) अनुराग कुमार के अनुसार, आग की भयावहता को देखते हुए हाईवे पर दोनों ओर से यातायात पूरी तरह रोक दिया गया, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में बाधा न आए। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने घंटों मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक बस पूरी तरह से जलकर खाक हो चुकी थी। आग बुझने के बाद पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क से हटवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हुआ।
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यात्रियों ने बयां की खौफनाक दास्तां

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बस में सवार यात्री सतीश 'भगत जी', जो कि खुबापुर के निवासी हैं, ने बताया कि वह महावीर चौक से इस बस में बैठे थे। उन्होंने कहा, "जैसे ही बस वहलना कट पर पहुंची, अचानक धुआं भरने लगा। चालक और परिचालक ने जिस तेजी से हमें नीचे उतारा, उसी की बदौलत आज हम सुरक्षित हैं। नीचे उतरते ही बस में जोरदार धमाका हुआ, जिसे देखकर हम सभी के रोंगटे खड़े हो गए।"
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क्या हो सकती है आग लगने की वजह?

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फिलहाल बस में आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सका है। सीएनजी बसों में तकनीकी खराबी या शॉर्ट-सर्किट अक्सर आग का कारण बनते हैं। प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। घटना के कारण हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और लंबा जाम लग गया, जिसे संभालने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
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मुजफ्फरनगर की इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा और समय-समय पर होने वाली फिटनेस जांच पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह तो चालक और परिचालक की तत्परता थी कि किसी की जान नहीं गई, लेकिन ऐसी घटनाएं भविष्य के लिए एक चेतावनी हैं। बस मालिकों और परिवहन विभाग को ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए वाहनों के रखरखाव और सुरक्षा मापदंडों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा।
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मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वैशाली डिपो की एक सीएनजी बस में गुरुवार को आग लग गई। वहलना कट के पास हुए इस हादसे में बस चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाते हुए सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यात्रियों के उतरने के कुछ देर बाद बस में तेज धमाका हुआ और वह पूरी तरह जल गई। घटना के बाद हाईवे पर यातायात बाधित रहा। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
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