मुजफ्फरनगर।
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शुक्रवार की शाम जब ढल रही थी, तब मुजफ्फरनगर की धरती पर एक कुख्यात अपराधी के आतंक का सूरज भी हमेशा के लिए अस्त हो रहा था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हत्या और लूट की अनगिनत वारदातों से दहशत फैलाने वाला, 1 लाख का इनामी बदमाश नईम कुरैशी पुलिस के साथ हुई एक भीषण मुठभेड़ में मारा गया। मीरापुर थाना क्षेत्र के एक खंडहर में करीब आधे घंटे तक चली गोलियों की बौछार के बाद पुलिस ने उस अपराधी को ढेर कर दिया, जिसके नाम से 35 से ज्यादा संगीन मुकदमे दर्ज थे। इस साहसिक ऑपरेशन में एक हेड कांस्टेबल भी गोली लगने से घायल हुआ है।READ ALSO:-मुरादाबाद में 8 साल की मासूम से दरिंदगी करने वाला शैतान एनकाउंटर में ढेर, पुलिस ने पैर में गोली मारकर दबोचा
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नहर किनारे आखिरी आमना-सामना
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कहानी की शुरुआत हुई कुतुबपुर झाल नहर की पटरी से। एसएसपी संजय वर्मा के निर्देशन में मीरापुर थाना प्रभारी बबलू सिंह वर्मा अपनी टीम के साथ रूटीन चेकिंग पर थे। तभी दो बाइकें तेज रफ्तार से आती दिखीं। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो वे मौत के सौदागरों की तरह बाइकें मोड़कर भूम्मा चौकी की तरफ भागने लगे। पुलिस ने तुरंत पीछा किया, यह जानते हुए कि उनका सामना किसी मामूली चोर से नहीं, बल्कि जुर्म की दुनिया के बड़े नाम से होने वाला है।
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आधे घंटे तक गूंजती रहीं गोलियां
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पुलिस को पीछे आते देख दोनों बदमाश भूम्मा चौकी से पहले एक पुराने खंडहर में जा घुसे और वहीं से पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। अचानक हुए इस हमले ने शाम के सन्नाटे को चीर दिया। लेकिन पुलिस भी पूरी तैयारी में थी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग ने इस खंडहर को एक वॉर-जोन में बदल दिया। दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं। करीब आधे घंटे के इस एक्शन-पैक्ड एनकाउंटर के बाद बदमाशों की तरफ से फायरिंग शांत हुई। पुलिस जब अंदर दाखिल हुई तो एक बदमाश सीने में गोली लगने से जमीन पर पड़ा तड़प रहा था, जबकि दूसरा अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला। इस गोलीबारी में हेड कांस्टेबल कालूराम यादव के बाजू में भी एक गोली लगी।Read also:-जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेत्री की मामी का ICU में मिला शव, पति बोला- 'तबीयत खराब है' और अस्पताल से हो गया फरार
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 एसएसपी संजय वर्मा ने मुठभेड़ में घायल सिपाही कालूराम का अस्पताल पहुंचकर हाल जाना।

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कौन था आतंक का दूसरा नाम 'नईम कुरैशी'?
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अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने घायल बदमाश को मृत घोषित कर दिया। उसकी पहचान पश्चिमी यूपी के सबसे खूंखार अपराधियों में से एक, नईम कुरैशी पुत्र युसुफ, निवासी दक्षिणी खालापार के रूप में हुई। पुलिस रिकॉर्ड में उसका नाम 35 से ज्यादा बार दर्ज था, जिसमें हत्या के 6 और लूट के 20 जघन्य मामले शामिल थे। वह कुख्यात नफीस कालिया गैंग का सदस्य भी रह चुका था और लंबे समय से पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
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SSP ने ठोकी टीम की पीठ
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एनकाउंटर का नेतृत्व कर रहे एसएसपी संजय वर्मा ने इसे पुलिस के लिए एक बहुत बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने घायल कांस्टेबल के बेहतर इलाज का आश्वासन देते हुए पूरी टीम को इस बहादुरी के लिए पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस को मौके से एक पिस्टल और बाइक बरामद हुई है। अब पुलिस की टीमें नईम के फरार साथी की तलाश में खाक छान रही हैं, ताकि इस गैंग का पूरी तरह से सफाया किया जा सके।
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