मेरठ: मेरठ के LLRM मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बुधवार को एक प्रसूता की मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतका का नाम बिंदिया (22) है, जिसने मंगलवार को ही एक बच्ची को जन्म दिया था। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से बिंदिया की मौत हुई है।READ ALSO:-UP में जमीन बेचने के नए नियम 2025: सर्कल रेट तय करने का नया फॉर्मूला लागू, जानें सड़क से सटी जमीन पर कितना होगा असर
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परिजनों ने किया 'महा-हंगामा' बिंदिया की मौत की खबर मिलते ही घरवालों ने मेडिकल अस्पताल में हंगामा कर दिया। परिजनों का एक ही आरोप था कि डॉक्टरों ने सही इलाज नहीं किया, जिस कारण महिला की जान चली गई। हंगामे की सूचना पर मेडिकल थाना पुलिस और CCSU के छात्र नेता विनीत चपराणा सहित अन्य छात्र भी मौके पर पहुंच गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि मेरठ मेडिकल अस्पताल में डॉक्टरों की लापरवाही से मरीजों की जान जाना आम बात हो गई है।READ ALSO:-मेरठ रेंज में 12 नवंबर से 'ऑपरेशन ब्लैक कैट'! काले शीशे वाली गाड़ियां होंगी 'सीज', DIG ने दिए सख्त निर्देश
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ASHA कार्यकत्री: 'इंजेक्शन के बाद बिगड़ी हालत' आशा कार्यकत्री प्रीति, जिसने बिंदिया को अस्पताल में भर्ती कराया था, ने बताया, "मैंने ही महिला को भर्ती कराया था। थोड़ी देर पहले ही मैंने उससे पूछा कि तुम सही हो, उसने 'हां' में जवाब दिया। मैं बिंदिया को छोड़कर इमरजेंसी तक गई, इतने में फोन आया कि उसकी हालत खराब हो गई है।"
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प्रीति ने सीधे आरोप लगाते हुए कहा, "मैं तुरंत भागकर उसके पास गई, तो पता चला कि वह मर चुकी थी। महिला डॉक्टर ने कोई इंजेक्शन लगाया, उसके बाद ही महिला की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। उसे पहले न कोई ब्लीडिंग थी, न कोई परेशानी थी।"
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भाई: 'टांकों से हो रही थी ब्लीडिंग, डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया' मृतका बिंदिया के भाई सुमित ने रोते हुए बताया, "मैं एक घंटा पहले ही अपनी बहन से मिलकर गया था। उसे चाय-बिस्किट खिलाकर गया था। उसने कहा कि तुम खाना खाने चले जाओ। मैं कमरे पर पहुंचा ही था कि फोन आ गया कि बहन की तबीयत बिगड़ रही है।"
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सुमित ने आरोप लगाया, "बहन बिल्कुल सही थी, लेकिन डॉक्टरों ने लापरवाही बरती है। उसके टांकें खुल रहे थे, लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। उसको टांकों में दर्द था, लेकिन डॉक्टरों ने ध्यान नहीं दिया।" भाई ने कहा कि वह इस मामले में शिकायत करेंगे और अपनी बहन का पोस्टमार्टम कराकर पूरी जांच कराएंगे।
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पति: 'डॉक्टरों ने मेरी पत्नी को मार डाला' मृतका के पति गौरव ने बताया, "हम अब्दुल्लापुर के रहने वाले हैं। यह हमारा पहला बेबी था। मंगलवार को बड़े ऑपरेशन से बेटी का जन्म हुआ था। आज (बुधवार) डॉक्टरनी ने मेरी मम्मी को वार्ड से बाहर निकाल दिया और कहा कि कुछ पट्टी करनी है। मेरी बहन को दूसरी जगह से रिपोर्ट लाने भेज दिया। बस इतने में डॉक्टरों ने मेरी पत्नी को मार डाला।"
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सास: 'चिल्लाती रही बेटा उठ जा... पर वो नहीं बोली' महिला की सास सुमन ने कहा, "डॉक्टरनी ने मुझसे कहा कि तुम बच्ची को लेकर बाहर निकल जाओ। बहू मुझसे कहती रही 'मम्मी ये मेरे साथ क्या करेंगी?' मैंने कहा 'बेटा ये तुम्हारी पट्टी करेंगी'। बस जैसे ही मैं लौटी, तो देखा कि वो मर चुकी थी। मैं चिल्लाती रही बिंदिया... बिंदिया... लेकिन वो बोली ही नहीं। डॉक्टर की लापरवाही से मेरी बहू की जान चली गई। अब बताओ ये नन्हीं सी जान को कौन पालेगा।"
Sabse pehle comment karne wale banein.