नई दिल्ली/अमरावती। दुनिया भर में तबाही मचाने और लाखों जिंदगियों को प्रभावित करने के बाद, ऐसा लग रहा था जैसे कोरोना वायरस (Covid-19) अब अतीत का हिस्सा बन चुका है। लोग अपनी सामान्य जिंदगी में लौट चुके थे और मास्क-सैनिटाइजर जैसी चीजें अलमारियों के किसी कोने में कैद हो गई थीं। लेकिन, कुदरत और वायरस के म्यूटेशन (Mutation) का खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। देश के कुछ हिस्सों में कोरोना वायरस ने एक बार फिर से फन उठाना शुरू कर दिया है।READ ALSO:-मुज़फ्फरनगर में गूंजा 'हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई... आपस में सब भाई-भाई' का नारा, जमीयत के सद्भावना सम्मेलन में कांवड़ यात्रा को लेकर हुई खास अपील
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हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोविड-19 के मामलों में एक बार फिर से धीमी लेकिन चिंताजनक बढ़ोतरी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और डॉक्टरों ने चेतावनी जारी की है कि इस ताज़ा उछाल के पीछे कोरोना के 'ओमिक्रॉन' (Omicron) परिवार का एक नया और बेहद शातिर सब-वेरिएंट 'RF.5' जिम्मेदार है। दक्षिण भारत से आए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की नींद उड़ा दी है। आइए विस्तार से समझते हैं कि यह नया वेरिएंट क्या है, यह हमारे शरीर पर कैसे हमला करता है और इससे बचने के अचूक उपाय क्या हैं।
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आंध्र प्रदेश से बजा खतरे का अलार्म: NIV पुणे ने की पुष्टि

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कोरोना के इस नए वेरिएंट का सबसे पहला और बड़ा अलर्ट आंध्र प्रदेश से सामने आया है। राज्य के कडप्पा (Kadapa) जिले में अचानक से वायरल संक्रमण और कोविड जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा देखा गया। जब स्वास्थ्य विभाग ने इन मरीजों के सैंपल लिए और उन्हें जीनोम सीक्वेंसिंग (Genome Sequencing) के लिए भारत की सबसे प्रतिष्ठित लैब—नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV), पुणे—भेजा, तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आए।
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NIV पुणे की रिपोर्ट में इस बात की आधिकारिक पुष्टि हो गई है कि ये मरीज किसी सामान्य फ्लू के नहीं, बल्कि कोरोना के ओमिक्रॉन परिवार के नए सब-वेरिएंट RF.5 की चपेट में हैं। इस खुलासे के बाद से ही राज्य और केंद्र सरकार का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है।
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क्या है यह नया 'RF.5' वेरिएंट? (What is RF.5 Variant)

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जब भी कोई वायरस इंसानी शरीर में लंबे समय तक रहता है और एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है, तो वह अपने मूल स्वरूप को बदलने लगता है। इस प्रक्रिया को वैज्ञानिक भाषा में 'जेनेटिक म्यूटेशन' (Genetic Mutation) कहा जाता है।
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RF.5 कोई बिल्कुल नया वायरस नहीं है, बल्कि यह ओमिक्रॉन (Omicron) वेरिएंट के ही परिवार का एक नया 'सब-वेरिएंट' (Sub-variant) है। ओमिक्रॉन को शुरुआत से ही तेजी से फैलने (Highly Transmissible) वाले वेरिएंट के रूप में जाना जाता रहा है। RF.5 ने भी अपने जीनोम में कुछ ऐसे बदलाव किए हैं, जो इसे इंसानी इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को चकमा देकर शरीर में प्रवेश करने में मदद करते हैं।
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कितना खतरनाक है यह नया वेरिएंट? क्या फिर लगेगा लॉकडाउन?

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जैसे ही कोरोना के नए वेरिएंट की खबर आती है, लोगों के मन में लॉकडाउन और ऑक्सीजन की कमी वाले खौफनाक दिन घूमने लगते हैं। लेकिन, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, बस सतर्कता जरूरी है।
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डॉक्टरों का कहना है कि प्रारंभिक जांच और डेटा के अनुसार, RF.5 वेरिएंट ओमिक्रॉन के पिछले सब-वेरिएंट्स की तुलना में बहुत अधिक जानलेवा या खतरनाक (Lethal) नहीं है। यह फेफड़ों को उस तरह से डैमेज नहीं कर रहा है जैसा कि कोरोना की दूसरी लहर (डेल्टा वेरिएंट) के दौरान देखा गया था। हालांकि, यह बहुत तेजी से लोगों को बीमार जरूर डाल रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार इस वेरिएंट के व्यवहार की निगरानी (Surveillance) कर रहा है। समय पर अगर इसकी पहचान कर ली जाए, तो मरीज घर पर ही कुछ दिनों के आइसोलेशन और सामान्य दवाओं से पूरी तरह ठीक हो सकता है।
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किन लोगों को है सबसे ज्यादा खतरा? (High-Risk Groups)

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भले ही यह वेरिएंट आम लोगों के लिए जानलेवा न हो, लेकिन समाज के एक खास वर्ग के लिए यह अभी भी बेहद गंभीर साबित हो सकता है। डॉक्टरों ने निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है:
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    बुजुर्ग नागरिक (Senior Citizens): उम्र बढ़ने के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरस का असर ज्यादा होता है।
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    पुरानी बीमारियों के मरीज (Comorbidities): जिन लोगों को पहले से ही हृदय रोग (Heart Disease), फेफड़े या किडनी (Kidney) की गंभीर बीमारी है।
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    डायबिटीज (Diabetes) के मरीज: अनियंत्रित शुगर लेवल वाले मरीजों के शरीर में संक्रमण बहुत तेजी से फैलता है।
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    कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग: ऐसे लोग जिनका हाल ही में कोई बड़ा ऑपरेशन हुआ हो, या वे कैंसर जैसी बीमारियों का इलाज करा रहे हों।
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    गर्भवती महिलाएं: इन्हें भी भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है।
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RF.5 वेरिएंट के प्रमुख लक्षण (Symptoms of Covid RF.5)

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इस नए वेरिएंट के लक्षण काफी हद तक बदलते मौसम में होने वाले सामान्य वायरल फीवर या फ्लू जैसे ही हैं। इसीलिए इसकी पहचान में अक्सर लोग धोखा खा जाते हैं। यदि आपको या आपके परिवार में किसी को नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत कोविड-19 का टेस्ट (RT-PCR) कराएं:
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    गले में गंभीर खराश: निगलने में तकलीफ होना और गले में कांटे जैसी चुभन महसूस होना।
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    तेज बुखार आना: अचानक शरीर का तापमान बढ़ना जो जल्दी कम न हो।
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    भयंकर सिरदर्द: सिर के अगले हिस्से और आंखों के पीछे दर्द रहना।
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    नाक बहना या बंद होना: सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण जो लगातार बने रहें।
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    बदन दर्द (Body Ache): मांसपेशियों में भयंकर खिंचाव और दर्द का अहसास।
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    अत्यधिक थकान (Extreme Fatigue): थोड़ा सा काम करने पर ही कमजोरी महसूस होना और बिस्तर से उठने का मन न करना।
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क्या करें और कैसे करें अपना बचाव? (Prevention Guidelines)

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कोरोना वायरस से लड़ने का सबसे अचूक हथियार हमारी अपनी जागरूकता है। अगर आप बीमार नहीं पड़ना चाहते हैं, तो आज से ही इन नियमों का पालन शुरू कर दें:
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    मास्क की वापसी: जब भी आप किसी भीड़भाड़ वाली जगह (जैसे बाजार, सिनेमाघर, रेलवे स्टेशन या अस्पताल) पर जाएं, तो एक अच्छी क्वालिटी का N-95 या सर्जिकल मास्क जरूर पहनें।
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    हाथों की स्वच्छता (Hand Hygiene): किसी भी बाहरी सतह को छूने के बाद अपने हाथों को साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक धोएं। सफर में अल्कोहल-बेस्ड सैनिटाइजर (Sanitizer) साथ रखें।
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    दूरी बनाए रखें: यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति खांस या छींक रहा है, तो उससे उचित दूरी बना लें।
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    इम्यूनिटी मजबूत करें: अपनी डाइट में विटामिन सी (नींबू, संतरा, आंवला), जिंक और हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ाएं। पर्याप्त नींद लें और खुद को हाइड्रेटेड रखें।
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    लक्षण दिखने पर खुद को करें आइसोलेट: अगर आपको हल्का सा भी बुखार या जुकाम महसूस होता है, तो दूसरों के संपर्क में आने से बचें और तुरंत डॉक्टर की सलाह पर टेस्ट कराएं।
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कोरोना का यह नया RF.5 वेरिएंट इस बात का रिमाइंडर है कि हमारी लड़ाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पैनिक (Panic) करने या डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही भी जान पर भारी पड़ सकती है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग अपना काम कर रहे हैं, लेकिन एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर हमें भी अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए कोविड प्रोटोकॉल (Covid Protocols) का पालन करना होगा। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
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