नई दिल्ली: बस कुछ घंटों का इंतजार... और जैसे ही घड़ी की सुइयां 1 अक्टूबर, 2025 की तारीख पर पहुंचेंगी, भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के स्वागत का तरीका हमेशा के लिए बदल जाएगा। कलम और कागज की वो छोटी सी पर्ची, जो दशकों से भारत में प्रवेश का प्रतीक थी, अब इतिहास बन जाएगी। उसकी जगह लेगा एक 'स्मार्ट' डिजिटल वेलकम, जो दुनिया को बताएगा कि यह एक नए, तकनीक-संचालित भारत का 'डिजिटल गेटवे' है।READ ALSO:-कल से बदलने वाली है आपकी जिंदगी! LPG सिलेंडर, UPI पेमेंट, ट्रेन टिकट से जुड़े 8 बड़े नियम, जो आपकी जेब पर डालेंगे सीधा असर
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जब घड़ी में बजेंगे 12, इतिहास बन जाएगी कागज की पर्ची
\r\n\r\nकल्पना कीजिए उस दृश्य की, जब लंबी उड़ान के बाद थके हुए यात्री इमिग्रेशन हॉल में कलम और फॉर्म ढूंढते थे। अब उस कल्पना को बदल दीजिए। 1 अक्टूबर से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने वाले किसी भी अंतरराष्ट्रीय यात्री को अब कोई कागज नहीं भरना होगा। आव्रजन ब्यूरो (Bureau of Immigration) और DIAL की यह ई-अराइवल कार्ड पहल उस पूरी प्रक्रिया को आपके स्मार्टफोन में समेट लाई है, जो भारत में आपके पहले कदम को अब तक का सबसे सहज अनुभव बनाएगी।
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कैसा होगा आपका नया 'डिजिटल' सफर? 3 दिन पहले, 4 प्लेटफॉर्म, और 5 मिनट में एंट्री की तैयारी
\r\n\r\nयह भविष्य की यात्रा का अनुभव है, जिसे हकीकत बना दिया गया है। प्रक्रिया बेहद सरल है:
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- \r\n कब भरें? अपनी फ्लाइट से 3 दिन पहले तक आप कभी भी यह फॉर्म भर सकते हैं।\r\n \r\n
- \r\n कहाँ भरें? आपकी सुविधा के लिए 4 डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं- आव्रजन ब्यूरो का पोर्टल (boi.gov.in), इंडियन वीजा वेबसाइट, सु-स्वागतम मोबाइल ऐप और दिल्ली एयरपोर्ट की वेबसाइट।\r\n \r\n
- \r\n कैसे भरें? कुछ ही मिनटों में अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करें और सबमिट कर दें। बस! भारत पहुंचने पर आपको सिर्फ अपना पासपोर्ट दिखाना होगा।\r\n \r\n
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यह सिर्फ एक फॉर्म नहीं, नए भारत का 'फर्स्ट इम्प्रेशन' है
\r\n\r\nडायल के सीईओ, विदेह कुमार जयपुरियार के शब्दों में, यह पहल केवल सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि यह "विश्वस्तरीय, परेशानी मुक्त यात्रा अनुभव प्रदान करने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।" किसी भी यात्री के लिए उसके गंतव्य देश का पहला अनुभव हवाई अड्डे पर ही होता है। यह 'पेपरलेस' क्रांति सुनिश्चित करेगी कि भारत का पहला इम्प्रेशन एक आधुनिक, कुशल और स्वागत करने वाले देश का हो। इसके साथ ही, हर साल लाखों कागज के फॉर्म बचाकर भारत पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी का भी संदेश दे रहा है।
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दिल्ली अब ग्लोबल लीग में: दुनिया के टॉप एयरपोर्ट्स को चुनौती
\r\n\r\nइस एक कदम से दिल्ली एयरपोर्ट दुनिया के उन चुनिंदा और प्रतिष्ठित एयरपोर्ट्स की लीग में शामिल हो गया है, जो अपने यात्रियों को यह भविष्य की सुविधा प्रदान करते हैं। अब दिल्ली का मुकाबला सिंगापुर के चांगी, कुआलालंपुर और बैंकॉक जैसे एयरपोर्ट्स से है। जून 2024 में लॉन्च हुए फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम (FTI-TTP) के बाद, ई-अराइवल कार्ड यह साबित करता है कि भारत यात्री अनुभव के मामले में वैश्विक मानक स्थापित करने की दौड़ में सबसे आगे है। संदेश साफ है - भारत सिर्फ व्यापार के लिए नहीं खुला है; भारत भविष्य के लिए खुला है।
Sabse pehle comment karne wale banein.