गाजियाबाद/क्राइम डेस्क (स्पेशल रिपोर्ट): दिल्ली से सटे गाजियाबाद (Ghaziabad) का पॉश इलाका माना जाने वाला राजनगर एक्सटेंशन शनिवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से गूंज उठा। यहाँ की सड़कों पर बॉलीवुड फिल्म के किसी एक्शन सीन जैसा नजारा देखने को मिला, लेकिन फर्क सिर्फ इतना था कि यहाँ चलने वाली गोलियां असली थीं और निशाना एक मोबाइल कारोबारी था।READ ALSO:-UP School Big Update: यूपी में छात्रों और शिक्षकों के लिए 'डबल खबर'; सीएम योगी ने 5 जनवरी तक लगाई स्कूलों पर 'ताला', उधर 2026 के लिए छुट्टियों का 'पिटारा' खुला
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शनिवार दोपहर करीब 3 बजे, एक काले रंग की महिंद्रा थार (Thar) ने सड़क किनारे खड़ी लाल रंग की बलेनो कार को निशाना बनाया। थार सवार बदमाशों ने बिना किसी खौफ के पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि कार में बैठे कारोबारी को गोली नहीं लगी, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
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यह हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं थी, बल्कि इसके तार 1 जनवरी (नए साल) की रात को हुए एक झगड़े और शनिवार सुबह मिली "मौत की धमकी" से जुड़े हैं।
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1. CCTV में कैद हुआ खौफनाक मंजर: 30 सेकंड का वो सच

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इस पूरी वारदात का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आया है, जो अब पुलिस की जांच का सबसे अहम हिस्सा है। फुटेज में घटनाक्रम कुछ इस तरह दिखाई देता है:
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    दोपहर 03:00 बजे: सड़क किनारे एक लाल रंग की बलेनो कार शांति से खड़ी है। इसमें मोबाइल कारोबारी हर्ष कुमार बैठे हैं।
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    03:01 बजे: फ्रेम में एक काले रंग की थार (Black Thar) एंट्री लेती है। इस गाड़ी पर कोई नंबर प्लेट नहीं है।
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    एक्शन: थार, बलेनो कार के बिल्कुल बराबर में आकर धीमी होती है और फिर रुक जाती है। ड्राइवर सीट पर बैठा युवक शीशा नीचे करता है और पलक झपकते ही पिस्टल निकालकर सीधे बलेनो पर फायर झोंक देता है।
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    गोलियों के निशान: बदमाशों की फायरिंग से बलेनो कार के दरवाजों और शीशों पर 3 गोलियां लगती हैं।
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    पीड़ित की हिम्मत: गोली चलने के बाद बलेनो सवार हर्ष कुमार डरकर दुबकने के बजाय अपनी गाड़ी आगे बढ़ाते हैं और यू-टर्न लेकर हमलावरों का पीछा करने की कोशिश करते हैं।
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    फरार: खुद को घिरता देख थार सवार बदमाश हवा में फायरिंग करते हुए गाड़ी भगा ले जाते हैं।
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2. फ्लैशबैक: 1 जनवरी की रात शुरू हुई थी रंजिश

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इस गोलीबारी की स्क्रिप्ट 1 जनवरी, 2026 की रात को ही लिख दी गई थी। पीड़ित हर्ष कुमार (निवासी सिकरोड) ने पुलिस को बताया कि उनकी मेन रोड पर मोबाइल की दुकान है। नए साल के जश्न के दौरान, उनका छोटा भाई लक्की अपने एक दोस्त के साथ राजनगर एक्सटेंशन की एक वीवीआईपी सोसाइटी (VVIP Society) गया था।
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वहां लक्की की कार की टक्कर एक दूसरी गाड़ी से हो गई। यह एक सामान्य एक्सीडेंट हो सकता था, लेकिन सामने वाले पक्ष ने इसे रंजिश बना लिया। हर्ष के मुताबिक, आरोपी अमित काजरा, पंकज चौधरी, शाहिल, एकलव्य पाठक और दो अन्य युवकों ने लक्की को घेर लिया। उसके साथ बुरी तरह मारपीट की गई और जाते-जाते उसे जान से मारने की धमकी दी गई। लक्की ने उसी वक्त मोरटा पुलिस चौकी में इसकी सूचना भी दी थी, लेकिन शायद बदमाशों के हौसले बुलंद थे।
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3. 'तुझे ऐसी मौत देंगे कि लाश कोई पहचान नहीं पाएगा'

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शनिवार (3 जनवरी) की सुबह बदमाशों ने अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। हर्ष कुमार ने बताया कि सुबह करीब 10:30 बजे उनके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई।
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कॉल की ट्रांसक्रिप्ट (पीड़ित के अनुसार):

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    कॉलर: क्या हर्ष बोल रहे हो?
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    हर्ष: हां, बोल रहा हूं।
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    कॉलर: तू हमारे खिलाफ पुलिस में शिकायत करेगा? तुझे अपनी जिंदगी प्यारी नहीं है क्या? आज तुझे जीवन से मुक्ति देंगे। ऐसी मौत देंगे कि तेरी लाश कोई पहचान नहीं पाएगा। जो भी तेरी लाश देखेगा, हमारे नाम का ऐसा खौफ खाएगा कि फिर कभी कोई पुलिस में शिकायत करने की हिम्मत नहीं करेगा।
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यह धमकी देकर फोन काट दिया गया।
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4. गलत पहचान (Mistaken Identity): 10 मिनट बाद भाई पर तानी पिस्टल

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धमकी भरे कॉल के महज 10 मिनट बाद ही बदमाशों की थार दुकान के बाहर पहुंच गई। उस वक्त हर्ष दुकान पर नहीं थे, लेकिन उनका दूसरा भाई शुभम बाहर खड़ा था।
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    बिना नंबर की काली थार शुभम के पास रुकी।
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    गाड़ी के शीशे पर बड़े अक्षरों में "पंकज जाट 008" लिखा हुआ था।
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    थार सवार एक युवक ने शुभम की कनपटी पर पिस्टल सटा दी और उसे गाड़ी में खींचने की कोशिश की।
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    तभी गाड़ी में बैठे दूसरे साथी ने कहा, "छोड़ इसे, यह हर्ष नहीं है, यह उसका भाई है।" इसके बाद वे वहां से चले गए।
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5. दोपहर 3 बजे हुआ 'फाइनल अटैक'

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सुबह की धमकी और भाई पर हमले के बाद हर्ष सतर्क थे, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि बदमाश दिनदहाड़े फायरिंग कर देंगे। दोपहर 3 बजे जब हर्ष अपनी बलेनो कार में दुकान के पास बैठे थे, तभी वही थार वापस आई। इस बार बदमाशों ने बात करने के बजाय सीधे ट्रिगर दबा दिया।
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हर्ष ने बताया, "गोली मेरी कार की बॉडी को चीरती हुई निकली। अगर मैं थोड़ा भी इधर-उधर होता तो गोली सीधे मुझे लगती। जान बचाने के लिए मैंने कार भगाई और उनका पीछा भी किया, लेकिन वे हवाई फायरिंग करते हुए निकल गए।"
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6. पुलिस का एक्शन और कानून व्यवस्था पर सवाल

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घटना की सूचना मिलते ही एसीपी (सिहानी गेट) उपासना पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने घटनास्थल से गोलियों के खोखे बरामद किए हैं और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया है।
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एसीपी का बयान:

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"मैं अभी सरकारी काम से बाहर हूं, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम लगा दी गई है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज में गाड़ी और आरोपियों की पहचान स्पष्ट हो रही है। जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।"
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क्राइम फाइल एनालिसिस: NCR में 'थार कल्चर' और रोड रेज

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यह घटना गाजियाबाद में बढ़ते 'गन कल्चर' और रोड रेज की खतरनाक स्थिति को दर्शाती है।
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    नंबर प्लेट का न होना: अपराधी बेखौफ होकर बिना नंबर प्लेट की गाड़ियां चला रहे हैं, जो पुलिस की चेकिंग व्यवस्था पर सवाल उठाता है।
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    स्टिकर वाली गाड़ियां: गाड़ी पर 'जाट', 'गुर्जर' या किसी जाति विशेष का नाम और '008' जैसे कोड वर्ड लिखना एनसीआर में बदमाशों का स्टेटस सिंबल बन गया है।
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    भीड़भाड़ में फायरिंग: राजनगर एक्सटेंशन जैसा इलाका, जहां हजारों परिवार रहते हैं, वहां दिनदहाड़े फायरिंग होना बताता है कि बदमाशों में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।
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फिलहाल, पुलिस की कई टीमें आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। हर्ष और उनके परिवार को सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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