भीषण गर्मी, तपती धूप और रिकॉर्ड तोड़ लू (Heatwave) की मार झेल रहे उत्तर, मध्य और पूर्वी भारत के लिए राहत और आफत दोनों एक साथ आने वाली है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में देश के एक बड़े हिस्से के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। आगामी 9 जून को देश के करीब 15 राज्यों में मौसम का मिजाज पूरी तरह से पलटने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय चक्रवाती प्रणालियों के सक्रिय होने से अगले 24 घंटों के भीतर धूलभरी आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) का एक बड़ा दौर शुरू होने की आशंका है।READ ALSO:-मेरठ में ममता शर्मसार: प्रेम प्रसंग के चक्कर में मां ने 7 महीने के कलेजे के टुकड़े को सुलाया मौत की नींद, पति को दी थी 'नीले ड्रम' कांड दोहराने की धमकी
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मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कुछ मैदानी और तटीय इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 से लेकर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक दर्ज की जा सकती है। यह रफ्तार किसी छोटे चक्रवात जितनी शक्तिशाली होती है, जो पेड़ों को उखाड़ने, बिजली के खंभों को गिराने और कमजोर मकानों को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए काफी है। मौसम विभाग ने आम जनता से लेकर स्थानीय प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है।
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दिल्ली-एनसीआर: तपते तापमान से मिलेगी मुक्ति, लेकिन थमेगी रफ्तार
\r\n\r\nदेश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में रहने वाले लोगों के लिए यह बदलाव दोधारी तलवार की तरह साबित होगा। पिछले कई हफ्तों से 45 डिग्री के पार जा रहे पारे से राहत तो मिलेगी, लेकिन धूल का गुबार और तेज हवाएं जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर सकती हैं।
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9 जून की सुबह से ही आसमान में आंशिक रूप से घने बादलों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है। दोपहर या शाम के समय गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ने और अंधड़ चलने की प्रबल संभावना है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 70 से 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के कारण सड़कों पर विजिबिलिटी अचानक कम हो सकती है। इसके साथ ही, दिल्ली एयरपोर्ट से उड़ानों के संचालन और सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को इस दौरान सुरक्षित इमारतों के अंदर रहने की हिदायत दी है।
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उत्तर प्रदेश: पश्चिमी और पूर्वी जिलों में बादलों का डेरा, मूसलाधार बारिश की चेतावनी
\r\n\r\nउत्तर प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा इस समय प्रचंड गर्मी की चपेट में है, लेकिन 9 जून को राज्य के मौसम में बड़ा उलटफेर होने जा रहा है। आईएमडी ने यूपी के पूर्वी (East UP) और पश्चिमी (West UP) दोनों अंचलों में एक साथ आंधी-बारिश का येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
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मौसम विभाग ने विशेष रूप से राज्य के इन प्रमुख जिलों को चिन्हित किया है, जहां मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक हो सकता है:
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- \r\n पश्चिमी उत्तर प्रदेश: मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, मोरादाबाद, आगरा और मथुरा।\r\n \r\n
- \r\n पूर्वी व मध्य उत्तर प्रदेश: कानपुर, आजमगढ़, पीलीभीत, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज।\r\n \r\n
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इन सभी जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है, जिससे आम और अन्य नकदी फसलों को भारी नुकसान हो सकता है। बिजली विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है क्योंकि तेज आंधी के कारण ग्रामीण और शहरी इलाकों में बिजली के तार टूटने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
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बिहार: 17 जिलों में वज्रपात का तांडव, आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट पर
\r\n\r\nजून के महीने में बिहार में आंधी-पानी के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की घटनाएं बेहद आम और जानलेवा होती हैं। मौसम विभाग ने 9 जून को बिहार के लगभग 17 जिलों में गंभीर मौसमी संकट की चेतावनी जारी की है।
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प्रभावित होने वाले मुख्य जिले:
\r\n\r\nगया, जहानाबाद, पटना, गोपालगंज, बक्सर, भोजपुर, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, खगड़िया और भागलपुर।
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इन जिलों में न केवल मूसलाधार बारिश होगी, बल्कि बादलों की भयंकर गड़गड़ाहट के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आ सकती हैं। बिहार आपदा प्रबंधन विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए ग्रामीण इलाकों के लोगों, विशेषकर किसानों और चरवाहों से अपील की है कि वे मौसम खराब होने पर किसी भी हाल में खेतों में न जाएं और धातु की वस्तुओं या पेड़ों से दूर रहें।
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राजस्थान और मध्य प्रदेश: धूल के गुबार के बाद मूसलाधार बौछारें
\r\n\r\n| \r\n राज्य \r\n | \r\n \r\n मुख्य रूप से प्रभावित क्षेत्र / जिले \r\n | \r\n \r\n मौसमी प्रभाव और तीव्रता \r\n | \r\n
| \r\n राजस्थान \r\n | \r\n \r\n जयपुर, सवाई माधोपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, बीकानेर, अजमेर, सीकर, पाली और उदयपुर। \r\n | \r\n \r\n 80 किमी/घंटा की रफ्तार से धूलभरी आंधी (अंधड़), जिसके तुरंत बाद मध्यम से भारी बारिश। \r\n | \r\n
| \r\n मध्य प्रदेश \r\n | \r\n \r\n इंदौर, भोपाल, धार, विदिशा, कटनी, होशंगाबाद, मुरैना, श्योपुर, उज्जैन, मंदसौर, अशोक नगर, नीमच, आगर-मालवा। \r\n | \r\n \r\n तेज आंधी-तूफान के साथ भारी प्री-मानसून बारिश और बिजली चमकना। \r\n | \r\n
राजस्थान के रेगिस्तानी और अर्ध-रेगिस्तानी इलाकों में चलने वाली यह धूलभरी आंधी यातायात को पूरी तरह से रोक सकती है। वहीं, मध्य प्रदेश के मालवा, निमाड़ और चंबल संभाग में तेज आंधी के कारण फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
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पूर्वोत्तर भारत: असम और मेघालय में बाढ़ जैसी स्थिति, भूस्खलन का रेड अलर्ट
\r\n\r\nभारत के पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून का आगमन समय से पहले होने के कारण स्थिति पहले से ही नाजुक बनी हुई है। असम और मेघालय में 9 जून को बारिश का यह दौर और अधिक भयानक रूप ले सकता है।
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असम के प्रमुख हिस्सों जैसे गुवाहाटी, लखीमपुर, कोकराझार, माजुली, धुबरी, बाजाली, बारपेटा, डिमा हासाओ, होजाई और जोरहाट में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही भारी बारिश के चलते पहाड़ी नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। डिमा हासाओ और अन्य पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन (Landslides) के कारण सड़कें ब्लॉक हो सकती हैं, जिससे संपर्क टूटने का खतरा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
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दक्षिण भारत: केरल और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में हाई वेव अलर्ट
\r\n\r\nदक्षिण भारत में मानसून अपनी पूरी सक्रियता के साथ आगे बढ़ रहा है। समुद्र में उठने वाली तेज लहरों और हवाओं के कारण तटीय जनजीवन प्रभावित होने की कगार पर है।
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- \r\n केरल: तिरुवनंतपुरम, वायनाड, त्रिशूर, कोट्टायम, एर्नाकुलम, इडुक्की, कन्नूर और मल्लपुरम में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।\r\n \r\n
- \r\n तमिलनाडु: राजधानी चेन्नई सहित कन्याकुमारी, धर्मपुरी, नागपट्टिनम और ईरोड में आंधी के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे शहरी इलाकों में जलभराव की समस्या खड़ी हो सकती है।\r\n \r\n
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प्रशासनिक तैयारियां और सुरक्षा गाइडलाइंस
\r\n\r\n90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाले इस संभावित तूफान को देखते हुए विभिन्न राज्यों के स्थानीय प्रशासनों ने आपातकालीन बैठकें बुलाई हैं। एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को स्टैंडबाय पर रहने के लिए कहा गया है।
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आम जनता के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह:
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- \r\n यात्रा करने से बचें: यदि बहुत आवश्यक न हो, तो आंधी-तूफान के समय सड़क या रेल यात्रा करने से बचें।\r\n \r\n
- \r\n सुरक्षित स्थानों पर लें शरण: यदि आप रास्ते में हैं, तो किसी पक्के मकान या शेल्टर के नीचे रुकें। पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के तारों के नीचे खड़े होने की भूल बिल्कुल न करें।\r\n \r\n
- \r\n बिजली के उपकरणों का सही उपयोग: घर के भीतर रहने के दौरान आकाशीय बिजली चमकने पर टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे उपकरणों के मुख्य स्विच बंद कर दें।\r\n \r\n
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9 जून को होने वाला यह मौसमी बदलाव भले ही उत्तर भारत को झुलसाने वाली लू से परमानेंट राहत दे देगा, लेकिन इसके साथ आने वाली आंधी और आकाशीय बिजली भारी तबाही का कारण बन सकती है। प्रकृति के इस यू-टर्न को देखते हुए सतर्कता और पूर्व-तैयारी ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय मौसम केंद्र के अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें।
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Sabse pehle comment karne wale banein.