नई दिल्ली, 10 मई 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 11 मई 2026 और उसके बाद के दिनों के लिए मौसम का ताजा और महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बनने की प्रबल संभावना के चलते देश के मौसम में व्यापक और अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। IMD की इस ताजा रिपोर्ट में देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग तरह का मौसम बताया गया है। एक तरफ जहां उत्तर भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं दूसरी तरफ मध्य और पश्चिम भारत के राज्यों में भीषण लू (Heatwave) चलने की चेतावनी (Warning) दी गई है।READ ALSO:-सिनेमा के पर्दे पर उतरा 'द्वापर युग': यूपी में 'कृष्णावतारम्' हुई टैक्स फ्री, सीएम योगी ने 'बेटियों के सम्मान' में लिया दिल छू लेने वाला फैसला
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आइए जानते हैं कि 11 मई 2026 (Kal Ka Mausam 11 May 2026) को देश के विभिन्न राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
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उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में झमाझम बारिश का अलर्ट

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IMD के आधिकारिक पूर्वानुमान के अनुसार, 11 मई से उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मौसम पूरी तरह से करवट लेगा। दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में 11 से 14 मई 2026 के बीच मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है।
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मौसम विभाग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर स्पष्ट किया है कि इन राज्यों में केवल बारिश ही नहीं होगी, बल्कि छिटपुट गरज, तेज बिजली चमकने और 40-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज और तूफानी हवाएं (Gusty winds) भी चलेंगी। लोगों को घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। अचानक आने वाली इस आंधी और बारिश से तापमान में कुछ गिरावट जरूर दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से हल्की राहत मिल सकती है। 
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पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना

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मैदानी इलाकों के अलावा, पहाड़ी राज्यों में भी मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में 11 और 12 मई को तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होने की भी आशंका जताई गई है।
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वहीं, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के लोगों और पर्यटकों के लिए भी अलर्ट है। यहां 12 और 13 मई को काफी बड़े इलाके में तेज बारिश और बर्फबारी (Snowfall) होने का अनुमान है। इन दोनों राज्यों के अलग-अलग स्थानों पर अचानक आंधी-तूफान भी आ सकता है। स्थानीय प्रशासन ने भूस्खलन (Landslide) की आशंका को देखते हुए पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर ही रहने की सलाह दी है।
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पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत में कैसा रहेगा मौसम?

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वोत्तर राज्यों के लिए भी विशेष बुलेटिन जारी किया है। असम और मेघालय में 12 से 14 मई को, जबकि अरुणाचल प्रदेश में 12 और 13 मई को तेज बिजली कड़कने के साथ बारिश के आसार हैं।
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इसके अलावा, मेघालय (11 मई को), नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 11 से 14 मई के दौरान मौसम खराब रहेगा। इन राज्यों के काफी बड़े हिस्से में हल्की से मध्यम बारिश (Light to moderate rain) के साथ आंधी, बिजली कड़कने और 30-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
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पूर्वी भारत की बात करें तो 11 से 14 मई के दौरान बिहार, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों में 11 मई को और झारखंड में 11 से 16 मई तक लगातार बिजली कड़कने और छिटपुट बारिश की आशंका है। 
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मध्य और पश्चिम भारत: इन राज्यों में चलेगी लू (Heatwave Warning)

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जहां एक ओर उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश का दौर जारी रहेगा, वहीं मध्य और पश्चिम भारत के लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ेगा। IMD ने राजस्थान के कुछ हिस्सों और गुजरात में 11 से 14 मई के बीच भीषण लू (Heatwave) चलने की कड़ी चेतावनी दी है। इन इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
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पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 12 से 14 मई, 2026 के दौरान छिटपुट स्थानों पर लू चलने की संभावना है। हालांकि, छत्तीसगढ़ में मौसम थोड़ा मिला-जुला रहेगा। वहां कुछ स्थानों पर बादलों की आवाजाही लगी रहेगी और हल्की बारिश हो सकती है, जिससे उमस बढ़ने की भी संभावना है। प्रशासन ने लू प्रभावित राज्यों में लोगों को दिन के समय घर में रहने और हाइड्रेटेड (Hydrated) रहने की सख्त हिदायत दी है। 
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दक्षिण भारत: उमस भरी गर्मी और कम दबाव के क्षेत्र का असर

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दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में जो कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) बन रहा है, उसका सबसे ज्यादा असर तटीय इलाकों पर देखने को मिलेगा। इस मौसमी सिस्टम के कारण दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है।
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IMD के अनुसार, केरल और तमिलनाडु के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। हालांकि, बारिश के बावजूद इन राज्यों में उमस भरी गर्मी (Humid weather) लोगों को परेशान करती रहेगी। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे समुद्र के गहरे पानी में जाने से बचें क्योंकि समुद्र में हलचल तेज हो सकती है। 
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कुल मिलाकर, 11 मई 2026 से भारत का मौसम पूरी तरह से 'दोहरे चरित्र' का रहने वाला है। उत्तर और पूर्वी भारत को जहां बारिश और तेज हवाओं का सामना करना है, वहीं पश्चिम और मध्य भारत गर्मी की भट्टी में तपेगा। कृषि के दृष्टिकोण से भी यह मौसम काफी महत्वपूर्ण है; जिन इलाकों में फसलें कटने को तैयार हैं, वहां आंधी-बारिश नुकसान पहुंचा सकती है। आने वाले दिनों में मौसम के पल-पल के अपडेट और अधिक जानकारी के लिए आम जनता IMD की आधिकारिक वेबसाइट और स्थानीय मौसम केंद्रों के संपर्क में रह सकती है।
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11 मई 2026 से भारत के मौसम में बड़े बदलाव होने जा रहे हैं। IMD के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के कारण 11 से 14 मई तक दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली कड़कने का अलर्ट है। वहीं, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि और बर्फबारी की संभावना है। इसके विपरीत, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण लू (Heatwave) चलने की चेतावनी जारी की गई है। दक्षिण भारत में बारिश के साथ उमस भरी गर्मी रहेगी।
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