नई दिल्ली (मौसम डेस्क): भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 मई 2026 को जारी अपने नवीनतम बुलेटिन में देश भर के मौसम को लेकर कई बड़े और चौंकाने वाले अपडेट दिए हैं। 17 मई 2026 को भारत में मौसम के दो बिल्कुल अलग और खतरनाक रूप देखने को मिलेंगे। एक तरफ जहां दक्षिण-पश्चिम मानसून ने समय से पहले दस्तक देकर लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत की उम्मीद बंधाई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में आसमान से आग बरसने वाली है।READ ALSO:-CBSE का ऐतिहासिक फैसला: 9वीं-10वीं में अब 3 भाषाएं पढ़ना अनिवार्य, 2 इंडियन लैंग्वेज जरूरी, जानें तीसरी भाषा के बोर्ड एग्जाम का पूरा सच
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मौसम विभाग के अनुसार, देश के 19 राज्यों में आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई मैदानी इलाकों में भीषण लू (हीटवेव) का रेड अलर्ट घोषित किया गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 17 मई और उसके बाद के दिनों में आपके राज्य का मौसम कैसा रहने वाला है।
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⛈️ मानसून की धमाकेदार एंट्री: समय से पहले पहुंचा अंडमान
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किसानों और आम जनता के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी निर्धारित समय-सीमा से पहले ही अंडमान सागर और निकोबार द्वीप समूह में अपनी शानदार दस्तक दे दी है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, मानसून की यह रफ्तार अगर ऐसे ही बनी रही, तो 26 मई 2026 तक मानसून के केरल तट से टकराने की पूरी उम्मीद है। मानसून के इस जल्दी आगमन से कृषि क्षेत्र को भारी फायदा होने की उम्मीद है, क्योंकि इससे खरीफ की फसलों की बुवाई समय पर शुरू हो सकेगी। हालांकि, मानसून के आगे बढ़ने के साथ-साथ तटीय इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
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उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में 'अग्निपथ': भीषण लू का प्रकोप

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जहां एक ओर दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत पानी-पानी हो रहा है, वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में सूरज आग उगल रहा है। मौसम विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि 20 मई तक इन इलाकों के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है।
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    उत्तर प्रदेश: यूपी के निवासियों के लिए मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। 19 से 22 मई के बीच पूरे राज्य में भीषण लू (Heatwave) चलने के आसार हैं। दिन के समय बाहर निकलना खतरनाक हो सकता है।
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    राजस्थान: पश्चिमी राजस्थान हमेशा से गर्मी का केंद्र रहा है। इस बार भी 21 और 22 मई को यहां भीषण लू की स्थिति बनेगी, जिससे तापमान 45-47 डिग्री के पार जा सकता है।
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    दिल्ली, पंजाब और हरियाणा: राजधानी दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी राजस्थान में 18 से 22 मई के बीच लू का जबरदस्त प्रकोप रहेगा।
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    मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़: इन दोनों राज्यों के बड़े हिस्से में भी अगले कुछ दिनों तक लोगों को झुलसाने वाली गर्मी और लू का सामना करना पड़ेगा।
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दक्षिण भारत में जलप्रलय और ओलावृष्टि की चेतावनी

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दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। 17 से 20 मई के बीच मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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    केरल, माहे, लक्षद्वीप और रायलसीमा: इन क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है।
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    ओलावृष्टि का अलर्ट: केरल, माहे, लक्षद्वीप और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ-साथ ओले गिरने (Hailstorm) की भी आशंका जताई गई है, जिससे फसलों और संपत्तियों को नुकसान पहुंच सकता है।
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    तमिलनाडु और पुडुचेरी: तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश का अनुमान है, जिसके चलते प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
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पूर्वोत्तर और पूर्वी राज्यों में आंधी-तूफान का तांडव

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पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत (Northeast India) में भी मौसम बेहद आक्रामक रुख अपनाए हुए है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण इन इलाकों में भारी तबाही की आशंका है।
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    पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 22 मई तक कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) का भी खतरा बढ़ गया है।
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    पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 22 मई तक गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहेगा।
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    तूफानी हवाएं: सबसे ज्यादा खतरा बिहार और झारखंड में है। बिहार में 16-17 मई को और झारखंड में 16, 19 और 20 मई को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की खतरनाक रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। इससे कच्चे मकानों, पेड़ों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी भारी बारिश का अलर्ट लगातार बना हुआ है।
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मछुआरों के लिए रेड अलर्ट: समुद्र में जाने पर सख्त पाबंदी

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मौसम की इस भयंकर खराबी और समुद्र में उठने वाली ऊंची लहरों को देखते हुए IMD ने मछुआरों के लिए सख्त एडवाइजरी जारी की है। 17 से 21 मई के बीच मछुआरों को निम्नलिखित समुद्री क्षेत्रों में जाने से सख्त रूप से मना किया गया है:
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    अंडमान सागर
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    मन्नार की खाड़ी
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    बंगाल की खाड़ी का बड़ा हिस्सा
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    केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और मालदीव से सटे अरब सागर के इलाके।
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IMD की आम जनता से अपील (Public Advisory): मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे लू वाले इलाकों में दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक घरों से बाहर निकलने से बचें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, ओआरएस (ORS) का इस्तेमाल करें और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। वहीं, आंधी-तूफान और बिजली गिरने वाले क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित और पक्के मकानों में रहने, और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लेने की कड़ी सलाह दी गई है।
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