देशभर में हर छोटी-बड़ी खरीदारी के लिए इस्तेमाल होने वाले यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है। अगर आप भी हर जगह स्कैन करके पेमेंट करते हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि सरकार UPI लेनदेन में क्या बदलाव करने जा रही है।READ ALSO:-ब्रेकिंग न्यूज़: बिजनौर के नूरपुर में दो कारों की आमने-सामने भीषण भिड़ंत, चीख-पुकार के बीच कई लोग गंभीर रूप से घायल
\r\n\r\n\r\n\r\n
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में संसद में ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट’ (Payment and Settlement Systems Act) में संशोधन विधेयक पेश किया है। इस बिल का मुख्य उद्देश्य भविष्य में चुनिंदा UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज लगाने के लिए एक कानूनी ढांचा (Legal Framework) तैयार करना है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
आइए 5 आसान बिंदुओं में समझते हैं कि इस संभावित बदलाव का आप पर और बाजार पर क्या असर पड़ेगा:
\r\n\r\n\r\n\r\n
1. क्या आम ग्राहकों को देना होगा चार्ज?
\r\n\r\nनहीं। मीडिया रिपोर्ट्स और प्रस्ताव के मुताबिक, इस नए कानून का आम ग्राहकों (Consumers) पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अगर आप किसी दोस्त को पैसे भेज रहे हैं या अपनी रोजमर्रा की खरीदारी कर रहे हैं, तो आपके लिए यह सेवा पहले की तरह ही मुफ्त (Free) रहने की उम्मीद है।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
2. किन पर और कितना लग सकता है चार्ज?
\r\n\r\nयह नियम मुख्य रूप से बड़े व्यावसायिक लेन-देन को ध्यान में रखकर बनाया जा रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n ट्रांजैक्शन की सीमा: प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है कि 2,000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर शुल्क लगाया जाए।\r\n \r\n
- \r\n कितना चार्ज: यह मर्चेंट चार्ज 0.3% से लेकर 0.5% के बीच हो सकता है।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
3. छोटे दुकानदारों को मिलेगी पूरी छूट
\r\n\r\nइस नियम से छोटे व्यापारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह चार्ज केवल उन 'बड़े कारोबारियों' (Large Merchants) पर लागू करने की योजना है, जिनका सालाना टर्नओवर (Annual Turnover) 1.5 करोड़ रुपये से ज्यादा है। आपके आस-पास के छोटे दुकानदार, किराना स्टोर और रेहड़ी-पटरी वाले इस दायरे से पूरी तरह बाहर रहेंगे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
4. आखिर क्यों उठ रही है चार्ज लगाने की मांग?
\r\n\r\nडिजिटल पेमेंट्स इंडस्ट्री (जैसे पेटीएम, फोनपे आदि) लंबे समय से सरकार से इसकी मांग कर रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n कंपनियों का कहना है कि वे बिना किसी चार्ज के इतनी बड़ी सर्विस दे रही हैं, जिससे उनके लिए एक टिकाऊ बिजनेस मॉडल (Business Model) बनाना मुश्किल हो रहा है।\r\n \r\n
- \r\n कमाई न होने के कारण वे नई टेक्नोलॉजी, सिस्टम के रखरखाव और सिक्योरिटी सिस्टम (Security System) को अपग्रेड करने में मनमुताबिक निवेश नहीं कर पा रही हैं।\r\n \r\n
\r\n\r\n
5. फिनटेक कंपनियों के लिए अरबों का फायदा
\r\n\r\nअगर यह चार्ज लागू हो जाता है, तो Paytm और Pine Labs जैसी फिनटेक कंपनियों के लिए यह एक बड़ा 'गेम चेंजर' साबित होगा। बाजार के जानकारों का अंदाजा है कि सिर्फ बड़े कारोबारियों पर चार्ज लगाने से ही ये कंपनियां हर साल 5,000 करोड़ से 10,000 करोड़ रुपये तक का बंपर रेवेन्यू जनरेट कर सकती हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अभी क्या है मौजूदा स्थिति?
\r\n\r\nअधिकारियों के बीच अभी इस बात पर गहरी चर्चा चल रही है कि इस चार्ज को कैसे, किस पर और कितना लगाया जाए। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी प्रकार का नया चार्ज तुरंत लागू नहीं किया गया है और न ही इस पर कोई अंतिम मुहर लगी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक नजर में प्रभाव (Impact Assessment):
\r\n\r\n| \r\n वर्ग (Category) \r\n | \r\n \r\n क्या चार्ज लगेगा? \r\n | \r\n \r\n प्रभाव (Impact) \r\n | \r\n
| \r\n आम ग्राहक (Customers) \r\n | \r\n \r\n नहीं \r\n | \r\n \r\n कोई प्रभाव नहीं, पेमेंट फ्री रहेगा। \r\n | \r\n
| \r\n छोटे व्यापारी (टर्नओवर < 1.5 करोड़) \r\n | \r\n \r\n नहीं \r\n | \r\n \r\n कोई प्रभाव नहीं, मुफ्त सेवा जारी रहेगी। \r\n | \r\n
| \r\n बड़े कारोबारी (टर्नओवर > 1.5 करोड़) \r\n | \r\n \r\n हां (संभावित) \r\n | \r\n \r\n ₹2000 से ऊपर के पेमेंट पर 0.3% - 0.5% चार्ज संभव। \r\n | \r\n
| \r\n फिनटेक कंपनियां \r\n | \r\n \r\n - \r\n | \r\n \r\n रेवेन्यू में भारी उछाल आने की उम्मीद। \r\n | \r\n
Sabse pehle comment karne wale banein.