लखनऊ/मेरठ (इन्फ्रास्ट्रक्चर डेस्क)। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के इतिहास में बुधवार का दिन एक स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के सबसे लंबे और महात्वाकांक्षी 594 किलोमीटर लंबे 'गंगा एक्सप्रेस-वे' (Ganga Expressway) का भव्य उद्घाटन कर प्रदेशवासियों को एक बड़ी सौगात दी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के प्रयागराज तक जाने वाला यह हाईस्पीड कॉरिडोर यूपी की अर्थव्यवस्था की नई जीवन रेखा बनने जा रहा है।READ ALSO:-फैक्ट चेक: क्या रातों-रात 10 रुपये महंगा हो गया पेट्रोल और 12.50 रुपये बढ़ा डीजल? PIB ने किया 'सरकारी आदेश' का पर्दाफाश, जानें पूरा सच!
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एक्सप्रेस-वे के शुरू होने के साथ ही सफर सुहाना जरूर हो गया है, लेकिन इसके लिए अब यात्रियों को अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ेगी। आज रात 12 बजे (यानी गुरुवार) से इस नवनिर्मित एक्सप्रेस-वे पर आधिकारिक रूप से टोल टैक्स (Toll Tax) की वसूली शुरू हो जाएगी। अगर आप इस शानदार 6-लेन (भविष्य में 8-लेन) एक्सप्रेस-वे पर सफर करने का प्लान बना रहे हैं, तो आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि किस वाहन के लिए प्रति किलोमीटर कितना टोल तय किया गया है।
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यूपीडा (UPEIDA) की पूरी तैयारी: कैसे कटेगा आपका टोल?

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उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने गंगा एक्सप्रेस-वे पर टोल वसूली को लेकर अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। यूपीडा के चीफ इंजीनियर राज चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि 594 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर पर सभी जरूरी इंटरचेंज और अत्याधुनिक टोल प्लाजा (Toll Plaza) का निर्माण कार्य पहले ही संपन्न किया जा चुका है।
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ऑटोमैटिक FASTag सिस्टम:

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इस एक्सप्रेस-वे पर सफर करने वालों को टोल नाकों पर लंबी लाइनों में लगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यूपीडा ने बताया कि टोल की दरें 'प्रति किलोमीटर' के हिसाब से वैज्ञानिक तरीके से तय की गई हैं। यह सिस्टम पूरी तरह से ऑटोमैटिक है। आपके वाहन के 'एंट्री पॉइंट' (जहां से आप एक्सप्रेस-वे पर चढ़ेंगे) और 'एग्जिट पॉइंट' (जहां आप उतरेंगे) को कैमरों और सेंसर द्वारा स्कैन किया जाएगा और तय की गई कुल दूरी के आधार पर आपके फास्टैग (FASTag) खाते से टोल का शुल्क अपने आप (Auto-deduct) कट जाएगा।
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किस वाहन पर लगेगा कितना टोल? (पूरी रेट लिस्ट)

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यूपीडा द्वारा निर्धारित की गई दरों के अनुसार, हल्के वाहनों से लेकर भारी मशीनरी तक के लिए अलग-अलग स्लैब बनाए गए हैं। अधिकारियों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति अपनी कार से मेरठ से प्रयागराज तक का पूरा 594 किलोमीटर का सफर तय करता है, तो उसे एक तरफ (One-way) का लगभग 1500 रुपये टोल चुकाना पड़ेगा।
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प्रति किलोमीटर टोल की निर्धारित दरें इस प्रकार हैं:

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वाहन की श्रेणी (Vehicle Category)
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टोल दर (प्रति किलोमीटर)
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दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर (बिना ट्रॉली)
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₹ 1.28
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कार, जीप, वैन और अन्य हल्के मोटर वाहन (LMV)
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₹ 2.50
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हल्के कॉमर्शियल वाहन (LCV) और मिनी बस
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₹ 4.05
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बस और ट्रक (2 एक्सल वाले)
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₹ 8.20
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मल्टीएक्सल वाहन, भारी मशीनरी और अर्थमूविंग इक्विपमेंट
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₹ 12.60
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ओवरसाइज वाहन (7 या अधिक एक्सल वाले)
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₹ 16.10
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 शुरुआती दिनों में मिल सकती है बड़ी राहत:

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हालांकि सफर महंगा लग सकता है, लेकिन आम जनता के लिए एक अच्छी खबर भी है। यूपीडा के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बात के स्पष्ट संकेत दिए हैं कि एक्सप्रेस-वे के शुरुआती दिनों में यात्रियों को आकर्षित करने और सुविधा देने के लिए टोल दरों में कुछ रियायत (Discount) दी जा सकती है। ज्ञात हो कि इससे पहले पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के बाद भी सरकार ने कुछ समय तक टोल में भारी छूट प्रदान की थी।
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120 KM/H की रफ्तार और 2 घंटे की भारी बचत

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भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश प्रवक्ता अवनीश त्यागी ने इस एक्सप्रेस-वे के फायदों को गिनाते हुए बताया कि यह सड़क आम आदमी के समय और ईंधन दोनों की भारी बचत करेगी।
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    रफ्तार का रोमांच: गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटे निर्धारित की गई है।
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    समय की बचत: पहले पुरानी सड़कों और हाईवे के जरिए गाजियाबाद या मेरठ से प्रयागराज पहुंचने में अक्सर भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता था, जिससे 10 से 12 घंटे का समय लग जाता था। अब इस एक्सप्रेस-वे के चालू होने से इस सफर में कम से कम 2 घंटे की सीधी बचत होगी।
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    नया रूट: यात्री अब प्रयागराज से लखनऊ होते हुए या सीधे हापुड़ के रास्ते बिना किसी रुकावट के गाजियाबाद और दिल्ली-एनसीआर तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
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यूपी की अर्थव्यवस्था के लिए 'गेमचेंजर': इन 12 जिलों को सीधा लाभ

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गंगा एक्सप्रेस-वे सिर्फ एक सड़क नहीं है, बल्कि यह पश्चिमी यूपी के औद्योगिक हब को पूर्वी यूपी (पूर्वांचल) के कृषि और श्रमिक वर्ग से जोड़ने वाला एक 'इकोनॉमिक कॉरिडोर' है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना प्रदेश के लिए एक 'गेमचेंजर' (Gamechanger) साबित होगी।
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सीधे तौर पर लाभांवित होने वाले जिले:

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यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के 12 प्रमुख जिलों के बीच से होकर गुजरेगा। इनमें हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ प्रमुख रूप से शामिल हैं।
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आर्थिक फायदे:

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    औद्योगिक निवेश (Industrial Investment): एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक कलस्टर (Industrial Corridors) विकसित किए जाएंगे, जिससे राज्य में विदेशी और घरेलू निवेश आएगा।
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  3. \r\n
    लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट: माल ढुलाई में लगने वाला समय आधा रह जाएगा, जिससे ट्रांसपोर्टरों का मुनाफा बढ़ेगा और 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को नई मजबूती मिलेगी।
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    किसानों को लाभ: गांवों और छोटे शहरों के किसान अपने ताजे कृषि उत्पादों (सब्जियां, दूध, अनाज) को बिना खराब हुए तेजी से दिल्ली-एनसीआर की बड़ी मंडियों तक पहुंचा सकेंगे।
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तीर्थ स्थलों तक पहुंच होगी बेहद आसान: धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बूस्ट

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उत्तर प्रदेश अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए विश्व विख्यात है। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि यह श्रद्धालुओं की यात्रा को भी सुगम बनाए।
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यह एक्सप्रेस-वे प्रदेश के कई अति-महत्वपूर्ण धार्मिक और पौराणिक स्थलों को सीधे तौर पर एक सूत्र में जोड़ेगा। अब देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इन स्थानों तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगा:
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    गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़): गंगा स्नान के लिए प्रसिद्ध तीर्थ।
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    कल्कि धाम (संभल): भगवान कल्कि का नव-निर्मित भव्य मंदिर।
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    बेल्हा देवी धाम (प्रतापगढ़): सई नदी के तट पर स्थित सिद्ध पीठ।
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    चंद्रिका देवी शक्ति पीठ (लखनऊ/उन्नाव सीमा): प्रसिद्ध शक्ति पीठ।
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    त्रिवेणी संगम (प्रयागराज): गंगा, यमुना और सरस्वती का पावन संगम, जहां कुंभ का आयोजन होता है।
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यूं तो 1500 रुपये का टोल पहली नजर में अधिक लग सकता है, लेकिन अगर हम इसके एवज में बचने वाले समय, गाड़ी के ईंधन (Fuel), और बिना किसी जाम के मिलने वाले विश्वस्तरीय ड्राइविंग अनुभव की तुलना करें, तो यह एक फायदे का सौदा साबित होता है। गंगा एक्सप्रेस-वे उत्तर प्रदेश को 'एक्सप्रेस-वे प्रदेश' बनाने की दिशा में सबसे बड़ा और सबसे सफल मील का पत्थर बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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