भारतीय एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी एक के बाद एक आक्रामक कदम उठा रहे हैं। सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में 'कैंपा कोला' (Campa Cola) की सफल री-लॉन्चिंग के बाद, अब कंपनी ने डेयरी बेवरेज सेक्टर में भी बड़ा दांव चल दिया है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड (RCPL) ने तमिलनाडु के बाजार में 20 रुपये की किफायती कीमत पर अपना नया ब्रांड 'जॉयलैंड' (Joyland) फ्लेवर्ड मिल्क लॉन्च कर दिया है।

इस महत्वपूर्ण लॉन्च के साथ ही रिलायंस ने भारत के तेजी से उभरते 'रेडी-टू-ड्रिंक' (Ready-to-Drink) डेयरी मार्केट में आधिकारिक रूप से एंट्री कर ली है। कंपनी के इस कदम से बाजार में पहले से स्थापित दिग्गजों—जैसे अमूल (Amul), मदर डेयरी (Mother Dairy), आईटीसी (ITC) और कैविन्स (CavinKare)—के लिए एक नई और कड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।

शुद्ध डेयरी इंग्रीडिएंट्स और बेहतरीन फ्लेवर्स का संगम रिलायंस ने 'जॉयलैंड' को खास तौर पर रेडी-टू-ड्रिंक फॉर्मेट में पेश किया है। कंपनी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, जॉयलैंड फ्लेवर्ड मिल्क पूरी तरह से उच्च गुणवत्ता वाले डेयरी इंग्रीडिएंट्स से तैयार किया जाएगा। शुरुआती चरण में इसे युवाओं और बच्चों के बीच सबसे ज्यादा पसंद किए जाने वाले स्ट्रॉबेरी (Strawberry) और वनीला (Vanilla) जैसे क्लासिक फ्लेवर्स में उपलब्ध कराया गया है। रिलायंस का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं को असली स्वाद के साथ एक शानदार डेयरी अनुभव प्रदान करना है।

पूरे भारत में विस्तार की है बड़ी योजना इस नई शुरुआत पर रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के डायरेक्टर टी. कृष्णकुमार ने कंपनी के विजन को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "रेडी-टू-ड्रिंक डेयरी मार्केट में हमारी एंट्री RCPL के एफएमसीजी पोर्टफोलियो को और अधिक व्यापक बनाने तथा ग्राहकों को बेहतर विकल्प देने की दिशा में एक बेहद अहम कदम है।"

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि तमिलनाडु से तो केवल इस लंबे सफर की शुरुआत हुई है। कृष्णकुमार ने कहा, "हम जॉयलैंड को डेयरी ड्रिंक्स के एक बहुत बड़े पोर्टफोलियो के तौर पर विकसित कर रहे हैं। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से पूरे भारत में इसकी पहुंच बढ़ाई जाएगी।"

कैंपा की तर्ज पर बाजार में खलबली मचाने की तैयारी बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस उसी आक्रामक रणनीति पर काम कर रही है, जिसने उसे बेवरेज मार्केट में सफलता दिलाई है। इससे पहले रिलायंस ने 10 रुपये वाले 'कैम्पा' (Campa) के साथ सॉफ्ट ड्रिंक्स मार्केट में जोरदार एंट्री की थी। कैंपा की उस प्राइसिंग रणनीति ने कोका-कोला (Coca-Cola) और पेप्सी (Pepsi) जैसी दिग्गज ग्लोबल कंपनियों के सामने भारी दबाव और कड़ी टक्कर पैदा कर दी थी।

अब मिल्क-बेस्ड ड्रिंक कैटेगरी में Reliance Joyland Flavored Milk की एंट्री से कॉम्पिटिशन की एक बिल्कुल नई लहर देखने को मिल रही है। हालांकि, इस बार 20 रुपये की कीमत (Price) बाजार के लिहाज से कोई बहुत बड़ा प्राइस-वार नहीं है, क्योंकि अमूल कूल और कैविन्स जैसे लोकप्रिय ब्रांड भी लगभग इसी कीमत पर अपने प्रोडक्ट्स बेचते हैं। लेकिन रिलायंस ने 'किफायती कीमत पर ग्लोबल क्वालिटी' का जो वादा किया है, वह निश्चित रूप से ब्रांड लॉयल्टी को प्रभावित करेगा।

8,360 करोड़ रुपये का है फ्लेवर्ड मिल्क का विशाल बाजार भारत में फ्लेवर्ड मिल्क का बाजार लगातार तेज गति से बढ़ रहा है। मिंट (Mint) में प्रकाशित यूरोमॉनिटर की एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, भारत में फ्लेवर्ड मिल्क मार्केट इस साल (2026) के अंत तक 8,360 करोड़ रुपये के ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुंच जाने का अनुमान है।

इस बाजार की ग्रोथ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि साल 2021 में यह मार्केट महज 4,420 करोड़ रुपये का था, जो 2025 में बढ़कर 7,600 करोड़ रुपये का हो गया। आज के दौर में भारतीय उपभोक्ता अपनी फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक हो गए हैं। यही कारण है कि वे अब साधारण दूध या अत्यधिक शुगर वाले कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से आगे बढ़कर 'वैल्यू-एडेड' (Value-Added) और सुविधाजनक डेयरी ड्रिंक्स को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।

इस आकर्षक और बढ़ते हुए बाजार में अमूल कूल, मदर डेयरी, नंदिनी, सनफीस्ट स्मूथ (ITC) और कैविन्स जैसे ब्रांड्स ने अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। अब रिलायंस के पास अपना विशाल रिटेल नेटवर्क (JioMart, Smart Bazaar) है, जिसके दम पर वह 'जॉयलैंड' को बहुत ही कम समय में देश के कोने-कोने तक पहुंचाकर इन स्थापित कंपनियों के साम्राज्य को हिला सकती है।

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