नई दिल्ली (Business & Utility News): भारत में डिजिटल पेमेंट और UPI के बढ़ते चलन के बावजूद, नकदी (Cash) का महत्व आज भी कम नहीं हुआ है। रोजमर्रा की छोटी-बड़ी खरीदारी, त्योहारों की शॉपिंग या फिर आपातकालीन स्थितियों में नकदी ही सबसे बड़ा सहारा होती है। लेकिन, क्या आपने कभी गौर किया है कि बाजार में खरीदारी के बाद छुट्टे (चेंज) के रूप में जो 200 या 500 रुपये के नोट आपको मिलते हैं, वे असली हैं या नकली?READ ALSO:-कांवड़ यात्रा से पहले पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल: मेरठ के SSP डॉ. अविनाश पांडेय का एक्शन, 33 चौकी प्रभारियों समेत कई पुलिसकर्मियों के तबादले
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अक्सर हम जल्दबाजी में नोटों को बिना जांचे अपनी जेब या पर्स में रख लेते हैं। लेकिन आपकी यह छोटी सी लापरवाही आपको एक बड़े वित्तीय धोखे का शिकार बना सकती है। बाजारों में नकली नोटों (Fake Currency) के बढ़ते सर्कुलेशन को देखते हुए, भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India - RBI) ने आम जनता के लिए एक बेहद जरूरी एडवाइजरी जारी की है। RBI ने 200 रुपये (और इसी तर्ज पर 500 रुपये) के असली नोट की पहचान करने के लिए 7 ऐसे खास सुरक्षा फीचर्स (Security Features) बताए हैं, जिन्हें देखकर कोई भी आम नागरिक आसानी से असली और जाली नोट में फर्क कर सकता है।
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आइए, विस्तार से समझते हैं कि असली नोट की पहचान कैसे की जाए और वे कौन से 7 निशान हैं जो नकली नोट छापने वाले कभी हूबहू कॉपी नहीं कर पाते।
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क्यों बढ़ रहा है नकली नोटों का खतरा?

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त्योहारी सीजन, शादियों के मौसम और भीड़भाड़ वाले बाजारों में अक्सर दुकानदार और ग्राहक दोनों ही जल्दी में होते हैं। जालसाज इसी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। वे 200 और 500 रुपये के ऐसे जाली नोट बाजार में उतार देते हैं जो पहली नजर में बिल्कुल असली जैसे दिखते हैं। कागज की क्वालिटी से लेकर रंग तक, सब कुछ कॉपी करने की कोशिश की जाती है।
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लेकिन, RBI की छपाई तकनीक (Printing Technology) इतनी उन्नत है कि इसमें कुछ ऐसे बारीक सुरक्षा फीचर्स डाले जाते हैं, जिन्हें सामान्य प्रिंटर या स्कैनर से कॉपी करना असंभव है। अगर आप इन फीचर्स के प्रति जागरूक हैं, तो कोई भी आपको धोखा नहीं दे सकता।
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RBI गाइड: 200 और 500 रुपये के असली नोट के 7 अचूक सुरक्षा फीचर्स

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अगर आपके हाथ में 200 या 500 रुपये का नोट है, तो उसे अपनी जेब में रखने से पहले इन 7 बिंदुओं पर जरूर परखें:
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1. सी-थ्रू रजिस्टर (पारदर्शी निशान) में चमकता है मूल्य

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असली नोट की सबसे बड़ी और आसान पहचान उसका पारदर्शी हिस्सा (See-through Register) है। 200 रुपये (और 500 रुपये) के असली नोट के सामने वाले हिस्से में बाईं तरफ नीचे की ओर एक खास तरह का खाली या पारदर्शी सा दिखने वाला पैटर्न होता है। जब आप इस नोट को किसी लाइट (रोशनी) के सामने सीधा करके देखेंगे, तो इस पारदर्शी हिस्से के आर-पार आपको नोट का मूल्य यानी '200' (या 500 के नोट में 500) लिखा हुआ बिल्कुल साफ और सटीक नजर आएगा। नकली नोट में यह हिस्सा अक्सर धुंधला होता है या रोशनी में अंक स्पष्ट नहीं उभरते।
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2. देवनागरी (हिंदी) लिपि में मूल्य की स्पष्ट छपाई

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अंतरराष्ट्रीय अंकों (जैसे 200) के साथ-साथ, असली भारतीय करेंसी की यह खासियत है कि इस पर हमारी अपनी लिपि का भी प्रमुखता से इस्तेमाल होता है। महात्मा गांधी की तस्वीर के ठीक बाईं ओर देवनागरी लिपि (हिंदी) में '२००' (या '५००') स्पष्ट रूप से छपा होता है। जालसाज अक्सर इस देवनागरी छपाई में मात खा जाते हैं। नकली नोटों में यह छपाई या तो बहुत हल्की होती है, या फिर इसकी फिनिशिंग (किनारे) उखड़ी हुई नजर आती है।
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3. केंद्र में महात्मा गांधी की मुस्कुराती हुई तस्वीर

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भारतीय नोटों की पहचान 'बापू' से ही है। नए महात्मा गांधी सीरीज (New Mahatma Gandhi Series) के 200 और 500 रुपये के नोटों के बिल्कुल बीचों-बीच (Center) महात्मा गांधी की पारंपरिक और बेहद स्पष्ट तस्वीर बनी होती है। असली नोट में गांधीजी के चेहरे के भाव, उनके चश्मे की डिटेलिंग और छपाई की गहराई बहुत बारीक होती है। नकली नोट में अक्सर यह तस्वीर चपटी, डार्क या पिक्सलेटेड (धुंधली) दिखाई देती है।
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4. गवर्नर के हस्ताक्षर और आरबीआई (RBI) का गारंटी क्लॉज

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नोट के दाहिने हिस्से (Right Side) पर थोड़ा ध्यान से देखें। यहाँ नीचे की तरफ आपको भारतीय रिजर्व बैंक के वर्तमान या तत्कालीन गवर्नर के हस्ताक्षर (Signature) मिलेंगे। इसी के ठीक ऊपर 'मैं धारक को दो सौ रुपये अदा करने का वचन देता हूँ' (I promise to pay the bearer the sum of...) लिखा होता है, जिसे गारंटी क्लॉज कहा जाता है। इसके पास ही RBI का आधिकारिक लोगो (Emblem) भी मौजूद होता है। असली नोट पर ये अक्षर बहुत ही क्रिस्प और माइक्रो-प्रिंटिंग तकनीक से छपे होते हैं, जो पढ़ने में बिल्कुल साफ होते हैं।
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5. छोटे से बड़े आकार में बढ़ते हुए नंबरों का पैनल (Number Panel)

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यह असली नोट की सबसे बेहतरीन और जटिल सुरक्षा प्रणालियों में से एक है। नोट में ऊपर की तरफ बाएं कोने में और नीचे की तरफ दाहिने कोने में सीरियल नंबरों का एक पैनल होता है। आप ध्यान देंगे कि इस पैनल में लिखे गए अंक बाईं से दाईं ओर (Left to Right) जाते हुए आकार में छोटे से बड़े (Ascending Font Size) होते चले जाते हैं। नकली नोट बनाने वाले साधारण प्रिंटिंग प्रेस में इस इंक्रीजिंग फॉन्ट साइज को एकदम सटीक अलाइनमेंट में छापना लगभग नामुमकिन होता है।
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6. शान से चमकता 'अशोक स्तंभ' (उभरी हुई छपाई)

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नोट के निचले दाहिने (Bottom Right) हिस्से पर हमारा राष्ट्रीय चिन्ह 'अशोक स्तंभ' (Ashoka Pillar) बना होता है। यह सिर्फ एक साधारण प्रिंट नहीं है, बल्कि इसे 'इन्टाग्लियो' (Intaglio) यानी उभरी हुई छपाई तकनीक से बनाया जाता है। अगर आप असली 200 या 500 के नोट पर बने इस अशोक स्तंभ पर अपनी उंगली फेरेंगे, तो आपको इसका खुरदरापन या उभार साफ महसूस होगा। दृष्टिबाधित (नेत्रहीन) लोग भी इसी उभार को छूकर असली नोट की पहचान करते हैं।
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7. रंग बदलने वाला सुरक्षा धागा (Color Shifting Security Thread)

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हालांकि आपके मूल प्रश्न में 6 प्रमुख बातें थीं, लेकिन 7वीं सबसे महत्वपूर्ण पहचान नोट के बीच में मौजूद 'सुरक्षा धागा' (Security Thread) है। 200 और 500 के असली नोट में महात्मा गांधी की तस्वीर के बगल में एक हरे रंग का सुरक्षा धागा होता है, जिस पर 'भारत' और 'RBI' लिखा होता है। जब आप नोट को थोड़ा तिरछा (Tilt) करते हैं, तो इस धागे का रंग हरे (Green) से बदलकर नीला (Blue) हो जाता है। नकली नोटों में अक्सर यह धागा सिर्फ प्रिंट किया हुआ होता है और रंग नहीं बदलता।
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नकली नोट मिलने पर क्या करें? (RBI के निर्देश)

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अगर आपको खरीदारी के दौरान या किसी से लेन-देन करते समय कोई ऐसा नोट मिलता है, जिस पर आपको संदेह है, तो इन बातों का ध्यान रखें:
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    नोट स्वीकार न करें: अगर आपको उसी समय पता चल जाए कि नोट नकली है, तो उसे विनम्रता से वापस कर दें और दूसरा नोट मांगें।
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    आगे न चलाएं: यदि गलती से नकली नोट आपकी जेब में आ गया है, तो उसे बाजार में किसी और को चिपकाने की कोशिश बिल्कुल न करें। यह एक संज्ञेय अपराध (Cognizable Offense) है और इसके लिए जेल भी हो सकती है।
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    बैंक में जमा करें: आप उस नोट को लेकर अपने नजदीकी बैंक शाखा में जा सकते हैं। बैंक अधिकारी उस नोट की जांच करेंगे और जाली पाए जाने पर उसे जब्त कर लेंगे। हालांकि, बैंक इसके बदले आपको असली नोट नहीं देगा, लेकिन आप पुलिस केस या किसी बड़ी कानूनी मुसीबत से बच जाएंगे।
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सतर्कता ही बचाव है
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भारतीय रिजर्व बैंक समय-समय पर आम जनता को करेंसी नोटों के सुरक्षा फीचर्स के प्रति जागरूक करता रहता है। 200 और 500 रुपये के नोट हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इनका सबसे ज्यादा लेन-देन होता है। इसलिए, अगली बार जब भी कोई आपको खुले पैसे या बड़ी रकम दे, तो महज कुछ सेकंड निकालकर ऊपर बताए गए उभरे हुए अशोक स्तंभ, रंग बदलने वाले धागे, देवनागरी लिपि और बढ़ते हुए नंबरों की जांच जरूर करें। आपकी थोड़ी सी सतर्कता और जागरूकता आपके खून-पसीने की कमाई को धोखेबाजों की भेंट चढ़ने से बचा सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
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