नई दिल्ली / खबरीलाल विशेष रिपोर्ट:
\r\n\r\nदुनिया भर में चल रहे मिडिल ईस्ट संकट (Middle East Crisis) और इसके परिणामस्वरूप सप्लाई चेन में आ रही भारी रुकावटों ने एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडरों की किल्लत की आशंकाओं को बढ़ा दिया है। त्योहारों के मौसम में जब रसोई गैस की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, तब सिलेंडर की डिलीवरी में देरी आम बात हो जाती है। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए मोदी सरकार ने एक बेहद अहम और ऐतिहासिक कदम उठाया है।
\r\n\r\nसरकार का पूरा फोकस अब तेजी से घर-घर तक पाइप वाली रसोई गैस यानी PNG (Piped Natural Gas) कनेक्शन पहुंचाने पर है। लोगों को भारी-भरकम सिलेंडर उठाने, रिफिल की बुकिंग कराने और गैस खत्म होने के डर से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने 'APM Incentive Scheme 2026' लागू की है।
\r\n\r\nकंपनियों को मिलेगा बड़ा इनाम: क्या है APM Incentive Scheme?
\r\n\r\nभारत में पाइपलाइन के जरिए गैस पहुंचाने का जिम्मा सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों (जैसे- IGL, MGL, Adani Gas आदि) के पास है। अक्सर ये कंपनियां नए इलाकों में पाइपलाइन बिछाने में सुस्ती दिखाती थीं क्योंकि इसमें लागत बहुत ज्यादा आती है। लेकिन अब सरकार ने खेल बदल दिया है।
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\r\n\r\nनई APM Incentive Scheme (एपीएम प्रोत्साहन योजना) के तहत, जो भी गैस कंपनियां अपने तय लक्ष्य से ज्यादा नए PNG कनेक्शन बांटेंगी, उन्हें सरकार की तरफ से एक बहुत बड़ा इनाम दिया जाएगा।
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- \r\n 200 SCM गैस का एक्स्ट्रा आवंटन: योजना के मुताबिक, हर नए पीएनजी कनेक्शन (जिसका पहला बिल जनरेट हो चुका हो) पर कंपनी को 200 SCM (Standard Cubic Meter) कम कीमत वाली घरेलू एपीएम गैस का अतिरिक्त आवंटन मिलेगा।\r\n \r\n
- \r\n कंपनियों की लागत होगी कम: एपीएम (Administered Price Mechanism) गैस बाजार भाव से काफी सस्ती होती है। इसके ज्यादा आवंटन से गैस कंपनियों की ओवरऑल लागत (Blended Cost) में भारी कमी आएगी, जिससे वे ग्राहकों को और भी सस्ती दरों पर गैस उपलब्ध करा सकेंगी।\r\n \r\n
10 साल का लंबा इंतजार अब सिर्फ 3 साल में होगा खत्म
\r\n\r\nइस नई योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे गैस कंपनियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी। पहले जब कोई कंपनी किसी नए शहर या मोहल्ले में गैस पाइपलाइन बिछाती थी, तो उस भारी-भरकम निवेश की लागत वसूलने (Payback Period) में कम से कम 8 से 10 साल का समय लग जाता था। इस वजह से नेटवर्क का विस्तार बहुत धीमा था।
\r\n\r\nलेकिन सस्ती एपीएम गैस के इस नए इंसेंटिव के कारण कंपनियों का यह 'पेबैक पीरियड' 10 साल से घटकर महज 3 साल रह जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि:
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- \r\n गैस कंपनियां अब आपके इलाके, गली और मोहल्ले में तेजी से गैस पाइपलाइन का नेटवर्क बिछाएंगी।\r\n \r\n
- \r\n नए कनेक्शन देने की प्रक्रिया में जो महीनों की देरी होती थी, वह अब कुछ ही दिनों में पूरी हो जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n दूर-दराज के और अर्ध-शहरी (Semi-urban) इलाकों में भी जल्द ही पीएनजी की सुविधा पहुंच जाएगी।\r\n \r\n
नया PNG पोर्टल: अब सिंगल विंडो से मिलेगा आसान कनेक्शन
\r\n\r\nसरकार सिर्फ कंपनियों को ही नहीं, बल्कि आम जनता को भी सुविधा देने जा रही है। पीएनजी कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को एलपीजी से भी ज्यादा आसान बनाने के लिए एक नया 'सिंगल विंडो PNG पोर्टल' लॉन्च किया जा रहा है।
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- \r\n कागजी कार्रवाई से मुक्ति: अब आपको गैस कंपनी के दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आप घर बैठे इस नए पोर्टल या ऐप के जरिए कनेक्शन के लिए अप्लाई कर सकेंगे।\r\n \r\n
- \r\n लाइव ट्रैकिंग: पोर्टल पर आप देख सकेंगे कि आपके इलाके में पाइपलाइन कब बिछेगी, आपके कनेक्शन का स्टेटस क्या है और मीटर कब लगेगा।\r\n \r\n
- \r\n पारदर्शी बिलिंग: इसी पोर्टल के जरिए आप अपने मासिक गैस खर्च पर नजर रख सकेंगे और ऑनलाइन बिल का भुगतान भी कर पाएंगे।\r\n \r\n
\r\n\r\nLPG के मुकाबले क्यों बेहतर और सस्ती है PNG? (LPG vs PNG)
\r\n\r\nअगर आप अब भी एलपीजी सिलेंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपको जल्द से जल्द पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट होने पर विचार करना चाहिए। इसके कई बड़े फायदे हैं:
\r\n\r\n| \r\n एलपीजी (LPG Cylinder) \r\n | \r\n \r\n पीएनजी (PNG Pipeline) \r\n | \r\n |
|---|---|---|
| \r\n कीमत (Cost) \r\n | \r\n \r\n महंगी पड़ती है, हर महीने दाम बदलते हैं। \r\n | \r\n \r\n एलपीजी के मुकाबले करीब 15% से 20% सस्ती है। \r\n | \r\n
| \r\n सप्लाई (Supply) \r\n | \r\n \r\n खत्म होने पर रिफिल का इंतजार करना पड़ता है। \r\n | \r\n \r\n पानी और बिजली की तरह 24 घंटे और 365 दिन लगातार सप्लाई। \r\n | \r\n
| \r\n सुरक्षा (Safety) \r\n | \r\n \r\n सिलेंडर फटने और गैस लीक का भारी खतरा रहता है। \r\n | \r\n \r\n यह हवा से हल्की होती है। लीक होने पर तुरंत हवा में उड़ जाती है, आग लगने का खतरा न के बराबर है। \r\n | \r\n
| \r\n वजन व चोरी (Weight) \r\n | \r\n \r\n भारी सिलेंडर उठाना पड़ता है, गैस कम निकलने की शिकायतें रहती हैं। \r\n | \r\n \r\n कोई सिलेंडर नहीं, सिर्फ उतना ही बिल आएगा जितनी गैस आप इस्तेमाल करेंगे (मीटर के हिसाब से)। \r\n | \r\n
त्योहारी सीजन में रसोई का बजट और मिजाज दोनों रहेगा बढ़िया
\r\n\r\nपीएनजी न केवल सुरक्षित है, बल्कि एलपीजी से काफी किफायती भी है। 24 घंटे लगातार गैस सप्लाई मिलने से बीच कुकिंग में गैस खत्म होने का डर पूरी तरह खत्म हो जाएगा। मोदी सरकार की इस नई 'PNG प्रोत्साहन योजना' से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले 2 से 3 सालों में भारत के अधिकांश घरों में सिलेंडर की जगह स्मार्ट गैस मीटर ले लेंगे। इससे त्योहारी सीजन में आम आदमी की रसोई का बजट तो सुधरेगा ही, साथ ही काम भी आसान होगा।
\r\n\r\n(देश भर की ऐसी ही अहम योजनाओं, बिजनेस और यूटिलिटी न्यूज़ के सबसे तेज अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Khabreelal के साथ।)
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