केंद्र सरकार और तेल कंपनियों ने आम आदमी की रसोई से जुड़े गैस सिलेंडर (LPG) और पाइपलाइन वाली गैस (PNG) के नियमों में 1 जून से कई अहम बदलाव कर दिए हैं। इन नए नियमों का सीधा असर देश के करोड़ों उपभोक्ताओं की जेब और उनकी दैनिक सुविधा पर पड़ने वाला है। गैस की कालाबाजारी रोकने, सब्सिडी का सही वितरण सुनिश्चित करने और सुरक्षा मानकों को कड़ा करने के उद्देश्य से ये कदम उठाए गए हैं।Read also:-1 जुलाई से बदलने जा रहे हैं आपकी जेब से जुड़े ये 7 बड़े नियम, आर्थिक नुकसान से बचना है तो आज ही जान लें पूरी डिटेल
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अब न केवल सिलेंडर बुकिंग का समय बदल गया है, बल्कि डिलीवरी लेने का तरीका और उज्ज्वला योजना की सब्सिडी के नियम भी पूरी तरह से संशोधित कर दिए गए हैं। आइए, इन सभी नए नियमों और बदलावों को विस्तार से समझते हैं ताकि आपको भविष्य में गैस बुकिंग या सब्सिडी को लेकर कोई परेशानी न हो।
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1. गैस बुकिंग के समय में बड़ा बदलाव: अब कब बुक होगा दूसरा सिलेंडर?

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पहले उपभोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार 21 दिन के अंतराल पर दूसरा गैस सिलेंडर बुक कर सकते थे। लेकिन गैस की जमाखोरी (Hoarding) और व्यावसायिक उपयोग के लिए घरेलू गैस के दुरुपयोग को रोकने के लिए सरकार ने नई समय-सीमा तय कर दी है:
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    शहरी क्षेत्रों के लिए (Urban Areas): शहरों में रहने वाले उपभोक्ता अब एक सिलेंडर की डिलीवरी के 25 दिन बाद ही दूसरा घरेलू गैस सिलेंडर बुक करा सकेंगे।
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    ग्रामीण क्षेत्रों के लिए (Rural Areas): गांवों में यह नियम और भी सख्त है। ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता अब 45 दिन के अंतराल के बाद ही दूसरी बुकिंग कर पाएंगे।
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यह नियम सुनिश्चित करेगा कि घरेलू गैस का इस्तेमाल केवल घरों में हो और इसे होटलों या ढाबों में अवैध रूप से इस्तेमाल के लिए न डायवर्ट किया जा सके।
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2. सिलेंडर डिलीवरी का नया सिस्टम: OTP और DAC हुआ अनिवार्य

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अब केवल गैस एजेंसी पर फोन करने या डिलीवरी बॉय को रसीद दिखा देने भर से आपको सिलेंडर नहीं मिलेगा। सुरक्षा और सही उपभोक्ता तक गैस पहुंचाने के लिए डिजिटल वेरिफिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है।
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घरेलू गैस (14.2 किलोग्राम) के लिए OTP वेरिफिकेशन

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जब आप अपने घर के लिए सिलेंडर बुक करेंगे, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) भेजा जाएगा। डिलीवरी के समय आपको यह OTP गैस एजेंसी के डिलीवरी कर्मचारी को बताना होगा। जब कर्मचारी अपने सिस्टम में यह OTP दर्ज करेगा और वह वेरिफाई हो जाएगा, तभी आपको सिलेंडर सौंपा जाएगा।
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कॉमर्शियल गैस (19 किलोग्राम) के लिए DAC सिस्टम

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होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कॉमर्शियल सिलेंडर के लिए अब DAC (डिलिवरी ऑथेंटिकेशन कोड) अनिवार्य कर दिया गया है। हालांकि सरकार ने व्यावसायिक सिलेंडरों की खरीद पर कोई अधिकतम सीमा नहीं लगाई है, लेकिन डिलीवरी पूरी होने के लिए DAC देना जरूरी है। इसके बाद ग्राहक को डिजिटल कैश मेमो मिलेगा। चेतावनी: अपना DAC किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
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3. उज्ज्वला योजना (Ujjwala Yojana) और सब्सिडी के नए नियम

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गरीब परिवारों को धुआं-मुक्त रसोई देने के लिए शुरू की गई उज्ज्वला योजना के नियमों में भी बड़ा फेरबदल हुआ है।
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    सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या घटी: पहले उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक साल (वित्तीय वर्ष) में 9 सिलेंडरों पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सब्सिडी मिलती थी। लेकिन नए नियमों के तहत जून 2026 से अब एक साल में सिर्फ 4 सिलेंडरों पर ही यह सब्सिडी दी जाएगी।
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    e-KYC के बिना नहीं मिलेगी सब्सिडी: अगर आप सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो आपको 30 जून, 2026 तक अपना बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन (e-KYC) कराना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर न सिर्फ सब्सिडी रोक दी जाएगी, बल्कि लंबे समय तक वेरिफिकेशन न होने पर कनेक्शन ब्लॉक भी किया जा सकता है।
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4. कैसे पूरी करें अपनी LPG e-KYC? (विस्तृत प्रक्रिया)

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गैस एजेंसियों पर भीड़ से बचने के लिए तेल कंपनियों (Indane, HP Gas, Bharat Gas) ने e-KYC की प्रक्रिया को डिजिटल रूप से बहुत आसान बना दिया है। आप दो तरीकों से अपनी e-KYC पूरी कर सकते हैं:
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पहला तरीका: मोबाइल ऐप के जरिए (घर बैठे)

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    अपने स्मार्टफोन में अपनी संबंधित गैस कंपनी (जैसे- IndianOil ONE, HP Pay, या Hello BPCL) का ऐप डाउनलोड करें।
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    अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके ऐप में लॉगिन करें।
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    होम स्क्रीन पर ‘e-KYC’ या ‘Link Aadhaar’ का विकल्प चुनें।
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    अपना आधार कार्ड नंबर दर्ज करें और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आए OTP को डालकर वेरिफाई करें।
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    इसके बाद फेस ऑथेंटिकेशन (Face Authentication) होगा।
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      नोट: फेस स्कैन करने के लिए आपके फोन में UIDAI का आधिकारिक 'Aadhaar FaceRD' ऐप पहले से इंस्टॉल होना चाहिए।
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    चेहरा स्कैन होते ही आपकी e-KYC पूरी हो जाएगी और आपके नंबर पर कन्फर्मेशन SMS आ जाएगा।
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दूसरा तरीका: गैस एजेंसी जाकर (ऑफलाइन)

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अगर आप स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो अपनी गैस पासबुक, आधार कार्ड की कॉपी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लेकर अपनी गैस एजेंसी (डिस्ट्रीब्यूटर) के पास जाएं। वहां कर्मचारी बायोमेट्रिक मशीन (फिंगरप्रिंट स्कैनर) के जरिए आपकी e-KYC मिनटों में अपडेट कर देंगे।
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5. PNG (पाइपलाइन नेचुरल गैस) उपभोक्ताओं के लिए कड़े निर्देश

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शहरों में तेजी से फैल रहे PNG नेटवर्क के लिए भी पेट्रोलियम मंत्रालय ने नियम सख्त कर दिए हैं।
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    LPG सिलेंडर लौटाने की अनिवार्यता: कई लोग PNG कनेक्शन होने के बावजूद बैकअप के तौर पर LPG सिलेंडर भी बुक कर रहे थे। अब नियम है कि जिन घरों में PNG कनेक्शन चालू हो गया है, उन्हें 30 दिन के अंदर अपना LPG सिलेंडर और रेगुलेटर एजेंसी में जमा करना होगा।
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    ट्रांसफर वाउचर की सुविधा: जब आप अपना LPG सिलेंडर जमा करेंगे, तो गैस एजेंसी आपको एक 'ट्रांसफर वाउचर' (Transfer Voucher) देगी। भविष्य में अगर आप किसी ऐसे शहर या इलाके में शिफ्ट होते हैं जहां PNG की लाइन नहीं है, तो आप इस वाउचर को दिखाकर तुरंत दोबारा LPG कनेक्शन प्राप्त कर सकते हैं।
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    बिल भुगतान में देरी पर एक्शन: अगर कोई ग्राहक लगातार 2 महीने तक अपने PNG बिल का भुगतान नहीं करता है, तो कंपनी बिना कोई पूर्व नोटिस दिए कनेक्शन काट सकती है। इसे दोबारा चालू कराने के लिए पेनल्टी और 'री-कनेक्शन फीस' देनी होगी।
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    फिजिकल चेकिंग और मेंटेनेंस: गैस कंपनियों की टीमें घर-घर जाकर गैस मीटर, पाइपलाइन और वॉल्व की चेकिंग कर रही हैं। अगर जांच में यह पाया गया कि ग्राहक की लापरवाही या छेड़छाड़ से पाइपलाइन में खराबी आई है, तो मरम्मत (Repairing) का पूरा खर्च ग्राहक को ही वहन करना होगा।
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6. प्रवासी मजदूरों और किराएदारों के लिए विशेष राहत

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जो लोग नौकरी या मजदूरी के कारण बार-बार शहर या मकान बदलते हैं, उनके लिए सबसे बड़ी समस्या 'एड्रेस प्रूफ' (Address Proof) की होती है।
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    5 किलो वाला छोटू सिलेंडर: ऐसे प्रवासी मजदूरों के लिए नियम आसान किए गए हैं। अब वे केवल अपना आधार कार्ड (Aadhaar Card) दिखाकर किसी भी गैस एजेंसी या अधिकृत पेट्रोल पंप से 5 किलो वाला छोटा गैस सिलेंडर खरीद सकते हैं। इसके लिए किसी भी तरह के स्थायी पते के वेरिफिकेशन (Address Proof) की मांग नहीं की जाएगी।
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7. सुरक्षा, 50 लाख का बीमा और उपभोक्ता अधिकार

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गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते समय सुरक्षा सर्वोपरि है। सरकार ने उपभोक्ताओं के अधिकारों और सुरक्षा के लिए कुछ कड़े नियम बनाए हैं:
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    ₹50 लाख का एक्सीडेंटल बीमा: बहुत कम लोग जानते हैं कि अगर गैस सिलेंडर में लीकेज या ब्लास्ट के कारण घर में कोई दुर्घटना होती है, तो पीड़ित परिवार 50 लाख रुपए तक के दुर्घटना बीमा (Accidental Insurance) का हकदार होता है।
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    बीमा क्लेम की शर्त: यह क्लेम तभी पास होता है जब आपके घर में इस्तेमाल होने वाला गैस चूल्हा, रबर का पाइप और रेगुलेटर 'ISI' मार्क वाला हो। साथ ही, यह आवश्यक है कि आपका कनेक्शन और उपकरण गैस एजेंसी में विधिवत रजिस्टर्ड हों। इसलिए हमेशा एक्सपायरी डेट देखकर और ISI मार्क वाला पाइप ही खरीदें।
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पोर्टेबिलिटी और शिकायत निवारण

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    गैस एजेंसी बदलना हुआ आसान (LPG Portability): अगर आप अपनी मौजूदा गैस एजेंसी की सर्विस (जैसे डिलीवरी में देरी या खराब व्यवहार) से परेशान हैं, तो आप बिना किसी NOC के अपनी एजेंसी बदल सकते हैं। गैस कंपनी की वेबसाइट या ऐप पर जाकर अपने इलाके के अन्य डिस्ट्रीब्यूटर्स की रेटिंग देखें और अपनी पसंद की एजेंसी के लिए ऑनलाइन ट्रांसफर रिक्वेस्ट डाल दें।
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    हेल्पलाइन नंबर: अगर एजेंसी सिलेंडर देने में आनाकानी करे, तो आप राष्ट्रीय टोल-फ्री LPG हेल्पलाइन नंबर 1800-233-3555 पर तुरंत कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा Mylpg.in पोर्टल पर भी ऑनलाइन कंप्लेंट की जा सकती है।
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8. लगातार बढ़ती कीमतें: 3 महीने में ₹89 महंगा हुआ सिलेंडर

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नियमों की सख्ती के साथ-साथ उपभोक्ताओं को महंगाई का भी सामना करना पड़ रहा है। पिछले कुछ समय में गैस के दामों में लगातार इजाफा देखा गया है:
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    घरेलू गैस की बात करें तो 7 मार्च को इसकी कीमत में ₹60 का इजाफा हुआ था, जिसके बाद 6 जून को फिर से ₹29 बढ़ा दिए गए। यानी मात्र 3 महीने में घरेलू सिलेंडर ₹89 महंगा हो गया है।
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    कॉमर्शियल सिलेंडरों (होटल/रेस्टोरेंट वाले) पर तो महंगाई की और भी गहरी मार पड़ी है। मार्च में ₹114.50, अप्रैल में ₹195.50, मई में ₹100 और हाल ही में 1 जून को ₹42 की बढ़ोतरी के बाद कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत लगभग ₹3,113 के पार पहुंच गई है।
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LPG और PNG के इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना और गैस की कालाबाजारी को जड़ से खत्म करना है। एक जागरूक उपभोक्ता के तौर पर यह बेहद जरूरी है कि आप समय रहते अपनी e-KYC पूरी कर लें, अपने मोबाइल नंबर को गैस एजेंसी के साथ अपडेट रखें और डिलीवरी के समय OTP/DAC नियमों का पालन करें, ताकि आपको निर्बाध रूप से गैस की सप्लाई मिलती रहे।
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