मेरठ (Local News Desk): बारिश के मौसम में घुटनों तक भर जाने वाले पानी और जाम पड़े नालों से जूझने वाले मेरठ शहर के लाखों नागरिकों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। शहर की चरमराई जलनिकासी व्यवस्था को पूरी तरह से दुरुस्त करने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। एक बड़े फैसले के तहत, शहर की भौगोलिक और ढांचागत जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक ड्रेनेज अपग्रेडेशन प्लान (Drainage Upgradation Plan) लागू किया जा रहा है।
\r\n\r\nजलनिकासी की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में लगभग 67 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस बड़ी धनराशि के माध्यम से शहर के अलग-अलग हिस्सों में कुल 39 नाले और दो पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना का सीधा उद्देश्य शहर की ड्रेनेज क्षमता को बढ़ाना और जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों को सुरक्षित करना है।
\r\n\r\n30 सितंबर से शुरू होगा काम, पीडब्ल्यूडी (PWD) ने किया मूल्यांकन
\r\n\r\nविकास कार्यों में किसी भी तरह की देरी को रोकने के लिए नगर निगम ने सख्त टाइमलाइन तय की है। 30 सितंबर तक 15वें वित्त और अवस्थापना निधि के अंतर्गत आने वाले इन कार्यों को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
\r\n\r\nपरियोजना की गुणवत्ता और तकनीकी पहलुओं को लेकर नगर निगम बेहद सतर्क है। बैठक के दौरान मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार सिंह ने स्पष्ट रूप से बताया कि सभी कार्यों के प्रस्तावों का पीडब्ल्यूडी (PWD) से गहन मूल्यांकन (Evaluation) कराया गया है। इसका मतलब है कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और इंजीनियरिंग के मानक राज्य स्तर के सर्वश्रेष्ठ मानकों के अनुरूप होंगे।
\r\n\r\nनगर आयुक्त ने इस प्रोजेक्ट की गति को लेकर बताया कि काम को पूरा करने के लिए अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के तीन महीने सबसे अहम होंगे, जिनमें तेजी से काम करने का पूरा अवसर मिलेगा।
\r\n\r\n191 करोड़ के महा-प्रोजेक्ट को मिली थी हरी झंडी
\r\n\r\nइस पूरी योजना की नींव कुछ महीने पहले ही रख दी गई थी। 23 जुलाई को शहर के महापौर (Mayor) हरिकांत अहलूवालिया की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इसी बैठक के दौरान 15वें वित्त आयोग समिति और अवस्थापना निधि के तहत कुल 191 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्तावों को औपचारिक मंजूरी दी गई थी। इसी 191 करोड़ रुपये के बड़े बजट में से 67 करोड़ रुपये ड्रेनेज सिस्टम और नालों के निर्माण के लिए आवंटित किए गए हैं।
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\r\n\r\nनिर्माण में क्रांति: प्री-कास्ट (Pre-Cast) तकनीक का होगा इस्तेमाल
\r\n\r\nआमतौर पर नालों और पुलियों के निर्माण में महीनों लग जाते हैं, जिससे ट्रैफिक जाम और धूल-मिट्टी की समस्या पैदा होती है। लेकिन इस बार मेरठ में ऐसा नहीं होगा। बड़े नालों, रिटेनिंग वाल (Retaining Wall) और पुलिया का निर्माण 'प्री-कास्ट' तकनीक (Pre-cast Technology) से किया जाएगा।
\r\n\r\nइस तकनीक के तहत सीमेंट और कंक्रीट के स्ट्रक्चर कारखाने में ही पहले से तैयार कर लिए जाते हैं और सीधे मौके पर लाकर उन्हें फिट कर दिया जाता है। इससे न केवल निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि काम भी रिकॉर्ड समय में पूरा हो जाता है।
\r\n\r\nकिन-किन इलाकों में बनाए जाएंगे नए नाले? (विस्तृत सूची)
\r\n\r\nशहर के उन सभी प्रमुख क्षेत्रों को इस योजना में शामिल किया गया है, जहां जलभराव की समस्या सबसे अधिक देखी जाती है। निम्नलिखित क्षेत्रों में नालों का निर्माण किया जाएगा:
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- \r\n स्पोर्ट्स कांप्लेक्स क्षेत्र\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली रोड और पिलोखड़ी\r\n \r\n
- \r\n जयभीम नगर और सैनिक विहार\r\n \r\n
- \r\n गंगानगर और सुभाष नगर\r\n \r\n
- \r\n सोतीगंज स्कूटर मार्केट\r\n \r\n
- \r\n मोहनपुरी और खैरनगर\r\n \r\n
- \r\n बाउंड्री रोड और नौचंदी\r\n \r\n
- \r\n परतापुर और अहमद नगर\r\n \r\n
- \r\n सोतीगंज और यूनिवर्सिटी रोड\r\n \r\n
- \r\n मंगलपांडे नगर और फतेहउल्लापुर\r\n \r\n
- \r\n हापुड़ रोड\r\n \r\n
- \r\n सरस्वती विहार और खुशहाल नगर कालोनी\r\n \r\n
शहर में बनने वाले प्रमुख आरसीसी (RCC) नालों का विवरण
\r\n\r\nनगर निगम ने कुछ ऐसे विशेष और बड़े नालों की पहचान की है, जिनका निर्माण शहर की जल निकासी के लिए रीढ़ की हड्डी साबित होगा। ये प्रमुख आरसीसी नाले इस प्रकार बनेंगे:
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- \r\n दिल्ली रोड पर प्री-कास्ट तकनीक का उपयोग करते हुए फुटबाल चौक से लेकर ब्रह्मपुरी पुलिया तक एक बड़े नाले का निर्माण किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n गगोल रोड पर हनुमान मंदिर से शिव मंदिर तक नाला बनाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n इटायरा रोड पर दायीं ओर नाले का निर्माण होगा।\r\n \r\n
- \r\n स्पोर्ट्स कांप्लेक्स रोड पर जगवीर की चक्की से लेकर दिल्ली रोड तक सड़क के दोनों ओर नाला बनाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n दिल्ली रोड पर ईदगाह के पास प्री-कास्ट आरसीसी बाक्स कल्वर्ट (Box Culvert) का निर्माण किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n प्री-कास्ट तकनीक के जरिए रंगोली मंडप रोड के पुल का चौड़ीकरण कार्य पूरा किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n लोकप्रिय अस्पताल के पास प्री-कास्ट तकनीक से ही एक छोटा पुल बनाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n पल्लवपुरम फेज-2 में जय दुर्गा किराना स्टोर से लेकर नए थाना भवन तक नाले का निर्माण किया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n कंकरखेड़ा में मार्शल पिच से लेकर लाला मोहम्मदपुर पुलिया तक नाला बनाया जाएगा।\r\n \r\n
डिफेंस कालोनी और गंगा कालोनी को मिलेगी पंपिंग स्टेशन की सौगात
\r\n\r\nनालों के अलावा जलभराव वाले निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए भारी-भरकम पंपिंग मशीनों का सहारा लिया जाएगा। बरसात में जलभराव की गंभीर समस्या से घिरने वाली मवाना रोड स्थित डिफेंस कालोनी में एक संपवेल पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा। इसी तरह, बागपत रोड स्थित गंगा कालोनी में भी एक संपवेल पंपिंग स्टेशन स्थापित किया जाएगा।
\r\n\r\nपंपिंग स्टेशन की तकनीकी खासियतें:
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- \r\n इन दोनों पंपिंग स्टेशनों के निर्माण के लिए एक-एक करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।\r\n \r\n
- \r\n पानी को इकट्ठा करने के लिए 50 हजार लीटर क्षमता का एक विशाल टैंक बनाया जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n पानी को तेजी से बाहर फेंकने के लिए 40 हार्स पावर (HP) या उससे अधिक क्षमता की शक्तिशाली मोटर लगाई जाएगी।\r\n \r\n
- \r\n कालोनी की जलनिकासी व्यवस्था को सीधे इस टैंक से जोड़ा जाएगा।\r\n \r\n
- \r\n टैंक में जमा होने वाले वर्षा जल की निकासी विद्युत पंपों (Electric Pumps) के माध्यम से की जाएगी।\r\n \r\n
डेडलाइन: मार्च 2027 तक पूरा होगा काम
\r\n\r\nनगर आयुक्त ने इस प्रोजेक्ट की गंभीरता को देखते हुए मुख्य अभियंता को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि इन दोनों कालोनियों (डिफेंस कालोनी और गंगा कालोनी) में पंपिंग स्टेशन के लिए स्थान चयन का सर्वे कार्य इसी महीने (सितंबर में) पूरा कर लिया जाए।
\r\n\r\nस्थान तय होने के तुरंत बाद लेवल प्लान और पंपिंग स्टेशन का डिजाइन तैयार कर लिया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और तेज रखने के लिए एक अक्टूबर तक टेंडर निकाल दिया जाएगा। नगर निगम ने एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किया है कि इन दोनों कार्यों (नालों और पंपिंग स्टेशन) को मार्च-2027 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इस डेडलाइन को इसलिए चुना गया है ताकि अगले साल मानसून के आने से पहले ही शहर का ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह से काम करने लगे और जनता को जलभराव से बचाया जा सके।
\r\n\r\n67 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट मेरठ शहर के बुनियादी ढांचे के विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा। स्मार्ट सिटी की ओर कदम बढ़ा रहे मेरठ के लिए यह बेहद जरूरी है कि उसका ड्रेनेज सिस्टम भी उसी स्तर का हो। अत्याधुनिक प्री-कास्ट तकनीक और शक्तिशाली पंपिंग स्टेशनों की मदद से आने वाले वर्षों में मेरठ की सड़कों पर जलभराव बीते दिनों की बात हो जाएगी।
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Sabse pehle comment karne wale banein.