नई दिल्ली/गाजियाबाद: वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में हो रहे भारी उथल-पुथल के बीच, भारतीय कमोडिटी बाजार (Commodity Market) के लिए 13 अप्रैल 2026 (सोमवार) का दिन 'ब्लैक मंडे' साबित हुआ है। सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन सोने (Gold) और चांदी (Silver) की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह से ही बिकवाली का भारी दबाव देखा जा रहा है, जिसके चलते कीमती धातुओं के दाम ताश के पत्तों की तरह ढह गए हैं।READ ALSO:-हापुड़ में भीषण सड़क हादसा: खुशियां मातम में बदलीं, बारातियों से भरी खड़ी बस पर पलटा बेकाबू ट्रक; दूल्हे के पिता समेत 6 की दर्दनाक मौत
\r\n\r\n\r\n\r\n
सबसे ज्यादा चौंकाने वाली गिरावट चांदी में देखी गई है, जो अपने जनवरी 2026 के उच्चतम स्तर (All-time High) से लगभग आधी कीमत पर आ गई है। वहीं, पीली धातु (सोना) भी अपने रिकॉर्ड हाई से 51 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे तनाव में आए नए मोड़ ने बाजार का पूरा समीकरण बदल कर रख दिया है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
MCX पर आज चांदी का हाल: एक ही दिन में 6 हजार रुपये से ज्यादा सस्ती
\r\n\r\nअगर चांदी (Silver) की कीमतों के आज के ट्रेंड पर नजर डालें, तो निवेशकों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n शुक्रवार का बंद भाव: पिछले कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन यानी शुक्रवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के दाम 2,43,274 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुए थे।\r\n \r\n
- \r\n सोमवार की भारी गिरावट: आज (13 अप्रैल 2026) शेयर और कमोडिटी बाजार खुलते ही चांदी औंधे मुंह गिरी और इसके दाम लुढ़ककर 2,37,190 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गए।\r\n \r\n
- \r\n कुल गिरावट: इस लिहाज से देखा जाए तो महज़ एक वीकेंड के बाद ही प्रति 1 किलो चांदी पर 6,084 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।\r\n \r\n
Follow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
उच्चतम स्तर से 2 लाख रुपये से ज्यादा टूट चुकी है चांदी
\r\n\r\nसाल 2026 की शुरुआत चांदी के लिए ऐतिहासिक रही थी। जनवरी 2026 में सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की मांग के चलते चांदी ने 4 लाख रुपये का जादुई आंकड़ा पार कर लिया था और यह 4,39,337 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने सर्वकालिक उच्चतम (Record High) स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन, आज की मौजूदा कीमत (2,37,190 रुपये) की तुलना अगर उस हाई लेवल से की जाए, तो 1 किग्रा चांदी करीब 2,02,147 रुपये सस्ती हो चुकी है। यानी महज़ तीन-चार महीनों में ही चांदी की कीमत लगभग आधी रह गई है। यह कमोडिटी बाजार के इतिहास की सबसे बड़ी और तेज गिरावटों में से एक है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सोने के दामों में भी लगातार गिरावट जारी
\r\n\r\nचांदी ही नहीं, बल्कि पीली धातु यानी सोने (Gold) ने भी निवेशकों को निराश किया है। पिछले कुछ समय से सोने के दामों में रुक-रुक कर तेजी आ रही थी, लेकिन अब ट्रेंड पूरी तरह से रिवर्स (उल्टा) हो चुका है और कीमतें लगातार कम हो रही हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n शुक्रवार का बंद भाव: पिछले सप्ताह शुक्रवार को 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का MCX वायदा भाव 1,52,652 रुपये पर क्लोज हुआ था।\r\n \r\n
- \r\n सोमवार की स्थिति: आज मार्केट खुलते ही सोने में भी बिकवाली हावी रही और यह टूटकर 1,51,457 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।\r\n \r\n
- \r\n आज की गिरावट: इस तरह आज के दिन में सोना करीब 1,195 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ है।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
सोना भी अपने हाई से 51 हजार रुपये गिरा
\r\n\r\nआपको बता दें कि इस साल सोने ने भी ऐतिहासिक तेजी देखी थी और इसके दाम 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई तक पहुंच गए थे। अब यह अपने उस हाई लेवल से भरभराकर टूट रहा है। लेटेस्ट रेट्स की तुलना उस उच्चतम स्तर से की जाए तो 10 ग्राम 24 कैरेट सोना अब तक करीब 51,527 रुपये सस्ता हो चुका है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एक नजर में समझें सोने-चांदी के आंकड़े (MCX Rates)
\r\n\r\nनीचे दी गई टेबल में आप स्पष्ट रूप से देख सकते हैं कि सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार से लेकर सोमवार तक और उच्चतम स्तर से अब तक कितनी गिरावट आई है:
\r\n\r\n| \r\n कमोडिटी (मात्रा) \r\n | \r\n \r\n शुक्रवार का क्लोजिंग रेट \r\n | \r\n \r\n सोमवार का ओपनिंग/लेटेस्ट रेट \r\n | \r\n \r\n आज की गिरावट \r\n | \r\n \r\n 2026 का उच्चतम स्तर (Record High) \r\n | \r\n \r\n हाई लेवल से अब तक कुल गिरावट \r\n | \r\n
|---|---|---|---|---|---|
| \r\n चांदी (1 किलोग्राम) \r\n | \r\n \r\n ₹2,43,274 \r\n | \r\n \r\n ₹2,37,190 \r\n | \r\n \r\n - ₹6,084 \r\n | \r\n \r\n ₹4,39,337 \r\n | \r\n \r\n - ₹2,02,147 \r\n | \r\n
| \r\n सोना (10 ग्राम) \r\n | \r\n \r\n ₹1,52,652 \r\n | \r\n \r\n ₹1,51,457 \r\n | \r\n \r\n - ₹1,195 \r\n | \r\n \r\n ₹2,02,984 \r\n | \r\n \r\n - ₹51,527 \r\n | \r\n
\r\n\r\n
आखिर क्यों आ रही है इतनी बड़ी गिरावट? (Market Analysis)
\r\n\r\nअर्थशास्त्र और कमोडिटी मार्केट का एक सीधा सा नियम है—'जब वैश्विक स्तर पर कोई संकट या अनिश्चितता आती है, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सुरक्षित जगहों (Safe Haven) जैसे सोने और चांदी में निवेश करने लगते हैं।' इसी के चलते 2026 की शुरुआत में इनके दाम आसमान पर पहुंच गए थे। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। आइए इसके मुख्य कारणों को समझते हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
1. होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) पर अमेरिका की घोषणा: अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिली लेटेस्ट जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज स्ट्रेट' पर ब्लॉक की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस भू-राजनीतिक कदम के तुरंत बाद वैश्विक कमोडिटी इंडेक्स में कीमती धातुओं में 2 प्रतिशत तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है। बाजार को लग रहा है कि इस ब्लॉक के बाद वैश्विक शक्तियों का फोकस अब आर्थिक मोर्चे पर शिफ्ट होगा, जिससे युद्ध का प्रत्यक्ष खतरा थोड़ा टल सकता है या उसके परिणाम पहले से 'प्राइस्ड-इन' (Priced-in) हो चुके हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
2. अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का बदलता स्वरूप: बीते कुछ महीनों से अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष युद्ध के चलते सोने-चांदी में पैनिक बाइंग (Panic Buying) देखी जा रही थी। लोगों को लग रहा था कि तीसरे विश्व युद्ध जैसे हालात बन सकते हैं। लेकिन, अब जब यह युद्ध एक लंबी खिंचने वाली 'कोल्ड वॉर' या आर्थिक प्रतिबंधों के दौर में प्रवेश कर रहा है, तो निवेशकों का डर धीरे-धीरे कम हो रहा है। पैनिक खत्म होने से मांग घट रही है और दाम नीचे आ रहे हैं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
3. प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking): जिन निवेशकों या बड़े संस्थागत फंड्स (Institutional Funds) ने सोने को 1.5 लाख या चांदी को 2-3 लाख के स्तर पर खरीदा था, वे अब भारी मुनाफा वसूली (Profit Booking) कर रहे हैं। बाजार में बिकवाली बढ़ने से सप्लाई ज्यादा और डिमांड कम हो गई है, जो सीधे तौर पर कीमतों को नीचे खींच रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
निवेशकों के लिए क्या हैं संकेत?
\r\n\r\nबाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी के बाजार में अभी 'करेक्शन' (Correction) का दौर चल रहा है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n खुदरा खरीदारों के लिए: जो लोग शादियों या व्यक्तिगत उपयोग के लिए गहने बनवाना चाहते थे, उनके लिए यह गिरावट एक बड़ी राहत की खबर है। कीमतें अपने उच्चतम स्तर से काफी नीचे आ चुकी हैं।\r\n \r\n
- \r\n निवेशकों के लिए: कमोडिटी एक्सपर्ट्स की सलाह है कि गिरते बाजार में 'कैचिंग अ फॉलिंग नाइफ' (गिरते चाकू को पकड़ने) जैसी गलती न करें। बाजार को एक सपोर्ट लेवल तलाशने दें। जब तक भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह से शांत नहीं हो जाता, तब तक बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) बने रहने की संभावना है।\r\n \r\n
\r\n\r\n
(डिस्क्लेमर: यह समाचार रिपोर्ट बाजार के मौजूदा आंकड़ों और समाचारों पर आधारित है। कमोडिटी बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी तरह का निवेश करने से पहले अपने प्रमाणित वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से परामर्श अवश्य लें।)
Sabse pehle comment karne wale banein.