व्यापार डेस्क (Business & Market Desk): भारतीय सराफा बाजार के इतिहास में आज का दिन एक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उछाल के रूप में दर्ज हो गया है। अगर आप आज अपने लिए, अपने परिवार के लिए या आने वाले वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए सोने-चांदी के आभूषणों की खरीदारी करने का मन बना रहे हैं, तो आपको अपने बजट की पूरी रूपरेखा फिर से तैयार करनी पड़ सकती है। आज बाजार खुलते ही सोने और चांदी की कीमतों ने ऐसी बेतहाशा छलांग लगाई है, जिसने आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी के होश उड़ा दिए हैं।READ ALSO:-मई में महंगाई का 'डबल डोज': 5 किलो वाले 'छोटू' गैस सिलेंडर पर ₹261 की ऐतिहासिक बढ़ोतरी, छात्रों और प्रवासी मजदूरों की रसोई का बजट बिगड़ा
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अंतरराष्ट्रीय बाजार से आ रही तनावपूर्ण और चिंताजनक खबरों का सीधा असर घरेलू सराफा बाजार पर बम की तरह गिरा है। इस महाभूचाल के कारण न केवल सोने ने नए शिखर को छुआ है, बल्कि चांदी ने तो महंगाई के मामले में सभी पूर्वानुमानों को ध्वस्त करते हुए एक नया और डरा देने वाला रिकॉर्ड कायम कर दिया है। आइए इस पूरे घटनाक्रम और बाजार के गणित को विस्तार से समझते हैं।
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युद्ध की आहट और ग्लोबल मार्केट में 'पैनिक': सोना हुआ लाल सराफा बाजार में इस अचानक आई 'सुनामी' का सबसे बड़ा और मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tension) है। वैश्विक मीडिया की ताजा रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति समझौते की सभी कोशिशें बुरी तरह विफल हो गई हैं। दोनों देशों के बीच अघोषित युद्धविराम का न केवल गंभीर उल्लंघन हुआ है, बल्कि फिर से गोलीबारी और सैन्य टकराव की पुष्ट खबरें सामने आई हैं।
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इस तरह की युद्ध की आहट (War-like situation) और वैश्विक अनिश्चितता के माहौल में, दुनिया भर के शेयर बाजारों और मुद्रा बाजारों (Currency Markets) में भारी घबराहट (Panic) फैल गई है। जब भी दुनिया पर कोई बड़ा संकट आता है या युद्ध के बादल मंडराते हैं, तो बड़े वैश्विक निवेशक शेयर बाजार से अपना पैसा निकालकर उसे सबसे सुरक्षित माने जाने वाले विकल्प यानी 'सोने' (Gold) में निवेश करने लगते हैं। सुरक्षित निवेश की इसी अचानक और भारी मांग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में आग लगा दी है। लगातार दूसरे दिन सोने का ग्राफ रॉकेट की तरह ऊपर की ओर भाग रहा है।
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चांदी ने किया चमत्कार: ₹2.60 लाख के पार पहुंची कीमत सोने की कीमतों में उछाल तो फिर भी अपेक्षित माना जा रहा था, लेकिन आज चांदी (Silver) ने जो प्रचंड रफ्तार पकड़ी है, उसने निवेशकों और खुदरा खरीदारों दोनों को स्तब्ध कर दिया है। आज चांदी ने महंगाई की इस दौड़ में सोने को भी काफी पीछे छोड़ दिया है।
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भारतीय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह से ही चांदी में भारी और आक्रामक खरीदारी देखने को मिली। ताजा आंकड़ों के अनुसार, MCX पर चांदी 0.79% की बड़ी बढ़त के साथ ₹2,60,580 प्रति किलोग्राम के अपने सर्वकालिक और ऐतिहासिक उच्च स्तर (All-time High) पर पहुंच गई है। बाजार विशेषज्ञों और कमोडिटी एनालिस्ट्स का कहना है कि चांदी की चमक इस कदर बढ़ने के दो मुख्य कारण हैं—पहला, युद्ध के डर से निवेशकों द्वारा इसे सुरक्षित निवेश मानना और दूसरा, वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग (Industrial Demand) का लगातार बढ़ना। वर्तमान में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) मैन्युफैक्चरिंग, एडवांस सोलर पैनल निर्माण और 5G तकनीक के उपकरणों में चांदी का भारी इस्तेमाल हो रहा है, जिससे इसकी मांग और आपूर्ति (Demand and Supply) में एक बड़ा असंतुलन पैदा हो गया है।
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MCX और खुदरा बाजार में 24K सोने का ताजा और सटीक भाव वायदा बाजार (Futures Market) और हाजिर बाजार (Spot Market) दोनों जगह सोने के भाव आसमान छू रहे हैं, जिससे ग्राहकों की जेब पर भारी दबाव पड़ रहा है। वायदा बाजार MCX की बात करें तो, यहां सोना 0.31% की मजबूत बढ़त के साथ ₹1,52,732 प्रति 10 ग्राम के भारी-भरकम स्तर पर ट्रेड कर रहा है।
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वहीं, अगर हम देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के खुदरा सराफा बाजार की बात करें, तो यहां 24 कैरेट (24K Pure Gold) शुद्ध सोने की कीमत ₹1,52,680 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। ग्राहकों को यहां एक बात विशेष रूप से ध्यान रखनी चाहिए कि इन प्रदर्शित दरों में 3% का वस्तु एवं सेवा कर (GST) और ज्वेलर्स द्वारा लिया जाने वाला मेकिंग चार्ज (Making Charges) शामिल नहीं है। जब आप किसी शोरूम से गहने खरीदकर फाइनल बिल बनवाते हैं, तो इन अतिरिक्त शुल्कों के जुड़ने से अंतिम कीमत कई हजार रुपये और अधिक हो जाती है।
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प्रमुख शहरों का रेट चार्ट: दिल्ली, मुंबई से लेकर यूपी तक (प्रति 10 ग्राम) देश के अलग-अलग राज्यों में स्थानीय करों (Local Taxes) और परिवहन लागत के कारण सोने की कीमतों में मामूली अंतर होता है। आइए एक नजर डालते हैं देश के प्रमुख शहरों में आज के सोने के हाजिर रेट पर:
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    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (देश में सबसे महंगा): दिल्ली के सराफा बाजार में आज 24 कैरेट (24K) सोने का भाव ₹1,52,820 प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर है। वहीं, आभूषण बनाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट (22K) सोने की कीमत ₹1,36,900 प्रति 10 ग्राम चल रही है।
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    मुंबई, कोलकाता, चेन्नई और बेंगलुरु: इन सभी प्रमुख महानगरों में कीमतें लगभग एक समान स्तर पर कारोबार कर रही हैं। यहां 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,52,680 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,36,750 प्रति 10 ग्राम के आसपास मजबूती से टिका हुआ है।
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    अहमदाबाद और पुणे: इन शहरों में 24 कैरेट (24K) सोने की कीमत ₹1,52,720 और 22 कैरेट (22K) सोने की कीमत ₹1,36,800 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
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    उत्तर प्रदेश के बाजार (मेरठ, बिजनौर, लखनऊ): यूपी के प्रमुख सराफा बाजारों में भी भारी तेजी का रुख है। यहां 24 कैरेट सोना ₹1,52,700 से ₹1,52,800 के बीच कारोबार कर रहा है। क्षेत्रीय ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय ज्वेलर से मेकिंग चार्ज पर मोलभाव जरूर करें।
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महंगाई का 'डबल अटैक': कच्चा तेल (Crude Oil) भी हुआ बेकाबू अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते इस सैन्य तनाव का असर सिर्फ सोने-चांदी तक ही सीमित नहीं है। मध्य पूर्व (Middle East) में उत्पन्न हुई इस अस्थिरता का सीधा और भयंकर असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ रहा है। तनाव की खबरें आते ही कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें भी बेकाबू हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) अचानक बड़ी छलांग लगाते हुए $101 प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक और खतरनाक स्तर को पार कर गया है।
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अर्थशास्त्रियों की गंभीर चेतावनी है कि अगर यह भू-राजनीतिक तनाव शांत नहीं हुआ और जंग लंबी खिंचती है, तो भारत जैसे विकासशील देशों के लिए यह एक बहुत बड़ा आर्थिक संकट बन जाएगा। भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। क्रूड ऑयल के महंगे होने का सीधा मतलब है कि बहुत जल्द घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ेगी, जिससे रोजमर्रा के इस्तेमाल की हर चीज—फल-सब्जियों से लेकर एफएमसीजी (FMCG) उत्पादों तक—सब कुछ महंगा हो जाएगा, और आम आदमी का बजट पूरी तरह से चरमरा जाएगा।
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विशेषज्ञों की सलाह: क्या अभी खरीदना सही रहेगा? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार के वर्तमान अस्थिर हालात को देखते हुए फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में किसी बड़ी गिरावट (Correction) की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है। यदि आप केवल निवेश (Investment) के उद्देश्य से खरीदारी कर रहे हैं, तो यह समय बाजार पर नजर रखने और सावधानी से कदम बढ़ाने का है।
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वहीं, अगर आपके घर में शादी या कोई महत्वपूर्ण कार्यक्रम है और आपको गहने बनवाने ही हैं, तो जानकारों की सलाह है कि कीमतों में भारी गिरावट का लंबा इंतजार करने के बजाय अपनी जरूरत के हिसाब से किश्तों में (Staggered buying) खरीदारी करना एक ज्यादा सुरक्षित और व्यावहारिक विकल्प हो सकता है।
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