नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक मजबूत संकेत देते हुए, देश के फास्ट-मूविंग कंज्यूमर गुड्स (FMCG) सेक्टर ने वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज की है। किराना सामान और घर में इस्तेमाल होने वाले उत्पादों की मांग में आई तेजी के कारण FMCG सेक्टर ग्रोथ (FMCG Sector Growth) साल-दर-साल 4.7% तक पहुंच गई, जो पिछली तिमाही के 3.6% की तुलना में काफी अधिक है।READ ALSO: -SIR फॉर्म कैसे भरें और कौन से दस्तावेज़ हैं ज़रूरी, यहां देखें पूरी चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका
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सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह बढ़ोतरी जीएसटी दर में कटौती की घोषणा (जो 22 सितंबर को हुई) से पहले ही दर्ज की गई है, जो दिखाता है कि उपभोक्ता मांग में स्वाभाविक और मजबूत रिकवरी हो रही है।
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ग्रोथ के आंकड़े और अच्छे संकेत

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ब्रिटेन की रिसर्च कंपनी न्यूमेरेटर (Numerator) के ताजा आंकड़ों के अनुसार:
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    रिकॉर्ड बिक्री: जुलाई-सितंबर में एफएमसीजी की बिक्री में साल-दर-साल 4.7% की वृद्धि हुई। यह पिछली तिमाही (3.6%) और एक साल पहले की समान अवधि (4%) की वृद्धि से भी ज्यादा है।
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    बाजार की स्थिति: विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के सीईओ विनीत अग्रवाल ने इस वृद्धि को बाजार के लिए अच्छा संकेत बताया। उन्होंने कहा कि कीमतों में कमी, पेट्रोल-डीजल पर खर्च में स्थिरता और अच्छे मानसून ने मिलकर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बनाया है। (External link: Economic Times Report on FMCG Sector)
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इन प्रोडक्ट्स की मांग ने बढ़ाई FMCG सेक्टर ग्रोथ

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मांग में सुधार की शुरुआत घरेलू देखभाल (Home Care) उत्पादों से हुई, जो इस तिमाही में वृद्धि का मुख्य इंजन बने।
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उत्पाद का प्रकार
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वृद्धि दर (साल-दर-साल)
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प्रमुख उदाहरण
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घरेलू देखभाल (Home Care)
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6.1%
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वाशिंग लिक्विड (61%), फैब्रिक कंडीशनर (15%), वाशिंग पाउडर (4%)
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पर्सनल केयर
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अच्छी रफ्तार
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स्किन क्रीम (14%), हेयर कंडीशनर (19%), हेयर डाई (11%)
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खाद्य और पेय पदार्थ
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करीब तीन-चौथाई हिस्सा
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नूडल्स और नमकीन स्नैक्स (6%), खाद्य तेल (3%)
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वाशिंग लिक्विड की बिक्री में 61% की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज हुई, जबकि फैब्रिक कंडीशनर में 15% की वृद्धि देखी गई, जो दर्शाता है कि उपभोक्ता अब ज्यादा प्रीमियम और सुविधा वाले उत्पादों की ओर लौट रहे हैं। पर्सनल केयर में हेयर कंडीशनर की बिक्री 19% बढ़ी।
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कंपनियों को आगे और ग्रोथ की उम्मीद

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पिछली तिमाही में जीएसटी में बदलाव के चलते पूरे कंज्यूमर उद्योग में स्टॉक और सप्लाई चेन की स्थिति थोड़ी गड़बड़ा गई थी। हालांकि, अब सप्लाई चेन के पटरी पर आने से अधिकतर FMCG कंपनियों को वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में बिक्री में ज्यादा मात्रा में वृद्धि (Higher Volume Growth) होने की उम्मीद है।
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हिंदुस्तान यूनिलीवर की प्रबंध निदेशक प्रिया नायर ने विश्लेषकों को बताया कि कंपनी का पूरा ध्यान अब ग्रोथ पर केंद्रित रहेगा। उनका मानना है कि जब कंपनियां ग्रोथ पर फोकस करती हैं, तो उनके पास सही तरीके से मुनाफा कमाने और ऑपरेटिंग मार्जिन बेहतर रखने की क्षमता रहती है। 
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इस मजबूत प्रदर्शन ने संकेत दिया है कि ग्रामीण और शहरी दोनों ही बाजारों में उपभोक्ता खर्च बढ़ रहा है, जिससे देश में FMCG सेक्टर ग्रोथ की नींव और मजबूत हो रही है। टैक्स में आगामी राहत का फायदा और अच्छे मानसून की फसल आने वाले महीनों में इस सेक्टर को और भी गति प्रदान करेगी। 
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जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) में FMCG सेक्टर ग्रोथ 4.7% तक पहुंची है, जो पिछले कई तिमाहियों में सबसे अच्छी वृद्धि है। घरेलू देखभाल उत्पादों, विशेषकर वाशिंग लिक्विड और फैब्रिक कंडीशनर, की मांग में आए उछाल ने इस ग्रोथ को रफ्तार दी है। यह वृद्धि जीएसटी कट से पहले दर्ज हुई है, जो बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है और कंपनियों को आगामी तिमाहियों में और अधिक वॉल्यूम ग्रोथ की उम्मीद है।
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