नई दिल्ली: भारत में सोना (Gold) खरीदना कभी भी सिर्फ एक वित्तीय फैसला (Financial Decision) नहीं होता, बल्कि यह हमारी गहरी भावनाओं, परंपराओं और संस्कृति से जुड़ा एक अहम हिस्सा माना जाता है। देश में साल के कुछ खास त्योहारों और शुभ मुहूर्तों पर सोना खरीदने की सदियों पुरानी परंपरा है। सोने को न केवल धन-संपत्ति (Wealth) और सौभाग्य (Good Luck) का प्रतीक माना जाता है, बल्कि यह लंबी अवधि की बचत (Long Term Savings) और संकट के समय का सबसे भरोसेमंद साथी भी है।READ ALSO:-Delhi-Dehradun Expressway आज से शुरू: गाड़ी दौड़ाने से पहले जान लें ये कड़े नियम, वरना कट जाएगा भारी-भरकम चालान!
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इन्हीं शुभ मुहूर्तों में से एक है 'अक्षय तृतीया' (Akshaya Tritiya), जो साल की शुरुआत में आता है और इसे भारत में सोने की खरीद का दूसरा सबसे बड़ा मौका माना जाता है। लेकिन इस साल अक्षय तृतीया पर सोने के बाजार में कुछ अलग ही हलचल है। अक्षय तृतीया के बाद सोने की कीमतों में करीब 60% की भारी तेजी देखने को मिली है। वहीं, हाल ही में ऊपरी स्तरों से आई गिरावट के बाद, बाजार विशेषज्ञ इसे नए निवेशकों के लिए एक संभावित एंट्री पॉइंट (Entry Point) मान रहे हैं। आइए विस्तार से समझते हैं कि अक्षय तृतीया के दौरान सोने की चाल कैसी रही है और क्या अभी इसमें निवेश करना सही रणनीति होगी।
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सोने की कीमतों में हालिया उछाल: लगातार 9वें साल शानदार रिटर्न

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पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों ने निवेशकों को चौंकाने वाले रिटर्न दिए हैं। इंडियन स्पॉट मार्केट (Indian Spot Market) के आंकड़ों पर गौर करें तो अप्रैल 2025 से पिछले अक्षय तृतीया के बाद से गोल्ड प्राइस में लगभग 60% की जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। यह कोई मामूली बात नहीं है, बल्कि यह लगातार 9वां साल है जब सोने ने अपने निवेशकों को निराश नहीं किया है और इक्विटी मार्केट को टक्कर देते हुए शानदार रिटर्न दिया है।
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पिछले 12 सालों में अक्षय तृतीया पर सोने का प्रदर्शन (Historical Data)

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अगर हम इतिहास के पन्ने पलटें और पिछले 12 सालों में अक्षय तृतीया के आसपास सोने के रिटर्न का विश्लेषण करें, तो इसमें उतार-चढ़ाव जरूर रहा है, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड (Overall Trend) हमेशा पॉजिटिव (सकारात्मक) ही रहा है।
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    गिरावट वाले साल: कुछ सालों में निवेशकों को मामूली नुकसान भी उठाना पड़ा। जैसे कि साल 2017 में सोने ने -11% और 2019 में -3% का नेगेटिव रिटर्न दिया था।
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    तेजी वाले साल: वहीं, कोरोना महामारी के दौरान साल 2020 में सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से सोने में 47% की तेज बढ़त देखने को मिली थी।
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    हालिया वर्षों का शानदार सफर: इसके बाद 2023 से 2026 तक सोने में लगातार शानदार ग्रोथ देखी गई। इस अवधि में सोने ने क्रमशः 7%, 18%, 22% और 31% तक का बेहतरीन रिटर्न निवेशकों की झोली में डाला।
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कुल मिलाकर, सोने ने इस 12 साल के पीरियड में अपना स्ट्रॉन्ग परफॉर्मेंस (Strong Performance) बरकरार रखा है और मुश्किल वक्त में एक 'सेफ हेवन' (Safe Investment) के रूप में अपनी छवि को और अधिक मजबूत किया है।
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मौजूदा कीमत और मार्केट का वर्तमान ट्रेंड

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इस साल जनवरी 2026 में सोने ने एक नया इतिहास रचा और इसकी कीमतें 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सांकेतिक मूल्य) के सर्वकालिक रिकॉर्ड लेवल (Record High) को पार कर गईं। हालांकि, इसके बाद बाजार में करेक्शन (Correction) आया और अब कीमतें गिरकर करीब 1,50,000 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही हैं।
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यानी अपने हाल के ऑल-टाइम हाई से सोने में करीब 16% (लगभग 30,000 रुपये) की बड़ी गिरावट आ चुकी है। बाजार जानकारों के अनुसार, यह गिरावट मुख्य रूप से निवेशकों द्वारा की गई भारी प्रॉफिट बुकिंग (Profit Booking), क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे उतार-चढ़ाव और बढ़ती वैश्विक महंगाई (Inflation) की चिंताओं के कारण आई है। चूंकि अक्षय तृतीया निकट है, इसलिए घटे हुए दामों पर एक बार फिर मांग (Demand) में उछाल आने की पूरी उम्मीद है।
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अक्षय तृतीया से पहले क्या है डिमांड का ट्रेंड?

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एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस साल वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव (Geopolitical Tension) की वजह से सोने की डिमांड स्टेबल (स्थिर) बनी हुई है। हालांकि, कीमतें अभी भी ऐतिहासिक रूप से उच्च स्तर पर हैं, जिसके कारण रिटेल बायर्स (खुदरा खरीदार) बहुत ज्यादा एग्रेसिव (आक्रामक) होकर खरीदारी नहीं कर रहे हैं।
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कुछ प्रमुख बुलियन डीलर्स का भी कहना है कि इस बार ज्वैलर्स की बाइंग (खरीदारी) भी लिमिटेड ही रही है। आमतौर पर अक्षय तृतीया जैसे बड़े फेस्टिवल से पहले बाजारों में अच्छी खरीदारी देखने को मिलती है, लेकिन इस बार भारतीय बाजार थोड़ा स्लो (Slow) दिख रहा है। ग्लोबल लेवल पर भी, चीन जैसे बड़े आयातक देशों में सोने की डिमांड थोड़ी कमजोर पड़ी है। लेकिन, सकारात्मक बात यह है कि दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स (Central Banks) लगातार अपने रिजर्व में सोना बढ़ा रहे हैं, जिससे लंबी अवधि के निवेशकों का कॉन्फिडेंस (Long Term Confidence) बाजार में पूरी तरह बना हुआ है।
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क्या अभी सोना खरीदना सही फैसला है? (Expert Advice)

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INVasset PMS के जाने-माने वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले कुछ सालों की स्ट्रॉन्ग रैली के बावजूद सोने में आगे भी ऊपर जाने की क्षमता (Upside Potential) बाकी है। हालांकि, ग्रोथ की स्पीड अब पहले जितनी तेज नहीं होगी, बल्कि थोड़ी स्लो हो सकती है।
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दुनिया भर के सेंट्रल बैंक्स की लगातार बाइंग और ग्लोबल मार्केट में छाई अनसर्टेनिटी (Uncertainty) की वजह से सोना आज भी किसी भी आदर्श पोर्टफोलियो (Portfolio) के लिए एक बहुत ही अच्छा और जरूरी एसेट (Asset) माना जा रहा है। एक्सपर्ट के मुताबिक, सोने को सिर्फ शॉर्ट टर्म (कम समय) में भारी प्रॉफिट कमाने का जरिया नहीं मानना चाहिए, बल्कि इसे अपने पोर्टफोलियो को स्थिरता (Portfolio Stability) और सुरक्षा प्रदान करने वाले टूल के रूप में देखना चाहिए।
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एक्सपर्ट्स की सलाह: एकमुश्त निवेश से बचें

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अगर आप अक्षय तृतीया पर निवेश का मन बना रहे हैं, तो एक्सपर्ट्स एक बहुत जरूरी सलाह देते हैं। उनके अनुसार, सोने में एक साथ अपना सारा पैसा (Lump sum Investment) लगाने के बजाय, सिस्टमैटिक तरीके से धीरे-धीरे यानी फेज्ड मैनर (Phased Manner) में खरीदारी करनी चाहिए (जैसे SIP)।
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जिन निवेशकों के पास पहले से सोना बिल्कुल नहीं है, उनके लिए पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए थोड़ा-थोड़ा इन्वेस्टमेंट शुरू करना एक सही कदम हो सकता है। लेकिन सिर्फ शॉर्ट टर्म में बड़ा रिटर्न सोचकर हैवी बाइंग (भारी खरीदारी) करना मौजूदा बाजार स्थितियों में सही स्ट्रैटेजी (Strategy) नहीं मानी जा रही है।
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सोने के टेक्निकल लेवल्स (Technical Analysis)

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बाजार के तकनीकी चार्ट्स पर नजर डालें तो:
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    रेजिस्टेंस (ऊपरी स्तर): अगर सोने में आगे तेजी का रुख जारी रहता है, तो कीमतें पहले 1,55,000 रुपये के स्तर को छू सकती हैं, और अगर यह टूटता है तो फिर 1,70,000 रुपये तक जा सकती हैं। लॉन्ग टर्म में आगे चलकर 1,81,000 रुपये का लेवल भी दोबारा टेस्ट हो सकता है।
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    सपोर्ट (निचला स्तर): वहीं अगर गिरावट आती है (Downside), तो 1,36,200 रुपये पर सोने का एक बहुत मजबूत सपोर्ट लेवल (Strong Support) मौजूद है। इसके टूटने पर 1,27,500 रुपये के आसपास इसका एक और बेहद मजबूत बेस (Base) माना जा रहा है।
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Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और बाजार के रुझानों को समझने के लिए है और इसे किसी भी तरह से वित्तीय या इंवेस्टमेंट सलाह (Investment Advice) के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। खबरीलाल मीडिया (Khabreelal Media) अपने सभी पाठकों को पैसों या निवेश से जुड़ा कोई भी बड़ा फैसला लेने से पहले अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकारों (Financial Advisors) से व्यक्तिगत सलाह लेने का कड़ाई से सुझाव देता है।
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