बिजनौर न्यूज (Bijnor News): उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के विकास खंड नूरपुर में रविवार, 15 मार्च 2026 को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नूरपुर ब्लॉक के शहीद रिक्खी सिंह परवीन सिंह सभागार में 'कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत' विषय पर एक विस्तृत संगोष्ठी (Seminar) आयोजित हुई। इस राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश शासन के समाज कल्याण एवं सैनिक कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव तथा उपाम (SIRD) के महानिदेशक, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू (IAS L. Venkateshwara Lu) ने शिरकत की।RTEAD ALSO:-बिजनौर सनसनी: 4 दिन से लापता युवक का तालाब में मिला शव, हाथ के कड़े और कपड़ों से हुई पहचान, परिवार में मचा कोहराम
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य समाज में फैली कुरीतियों को दूर करना, महिलाओं को सशक्त बनाना और भारत को 2047 तक 'विकसित राष्ट्र' बनाने के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूत करना था। कार्यक्रम में बिजनौर जिले के आला अधिकारियों से लेकर पंचायत स्तर के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
\r\n\r\n 
गार्ड ऑफ ऑनर और भव्य स्वागत समारोह
\r\n\r\nकार्यक्रम की शुरुआत प्रशासनिक प्रोटोकॉल और भारतीय संस्कृति के अद्भुत संगम के साथ हुई। मुख्य अतिथि आईएएस एल. वेंकटेश्वर लू के नूरपुर ब्लॉक पहुंचने पर उन्हें पुलिस बल द्वारा शानदार 'गार्ड ऑफ ऑनर' (Guard of Honour) दिया गया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसके पश्चात, नूरपुर की ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान और बिजनौर की जिलाधिकारी (DM Bijnor) जसजीत कौर ने मुख्य अतिथि का भव्य स्वागत किया। उन्होंने एल. वेंकटेश्वर लू को पुष्पगुच्छ (Bouquet) और भगवान राधा-कृष्ण की सुंदर प्रतिमा सप्रेम भेंट की। स्वागत सत्कार के बाद, मुख्य अतिथि ने विद्या की देवी मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर इस ऐतिहासिक संगोष्ठी का विधिवत शुभारंभ किया।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
आध्यात्म और 'विकसित भारत' का संबंध
\r\n\r\nदीप प्रज्ज्वलन के बाद संगोष्ठी के वैचारिक सत्र की शुरुआत हुई। कार्यक्रम में उपस्थित विशिष्ट वक्ता प्रोफेसर मधुसूदन स्वामी ने 'आध्यात्म तथा विकसित भारत' (Spirituality and Developed India) के गहरे अंतर्संबंधों पर अपने विचार मंच से साझा किए। उन्होंने बताया कि कोई भी राष्ट्र केवल भौतिक या आर्थिक प्रगति से विकसित नहीं हो सकता; उसके लिए नागरिकों का आध्यात्मिक और नैतिक रूप से मजबूत होना भी अत्यंत आवश्यक है। जब तक समाज में कर्मयोग की भावना नहीं होगी, तब तक पूर्ण विकास की कल्पना अधूरी है।
\r\n\r\n 
महिलाओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म (Menstruation) पर खुली चर्चा
\r\n\r\nइस बिजनौर न्यूज का सबसे सशक्त और प्रगतिशील पहलू वह रहा, जब मंच से ग्रामीण परिवेश में सदियों से चली आ रही झिझक को तोड़ा गया। ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान और जिलाधिकारी जसजीत कौर ने न केवल 'विकसित भारत' में महिलाओं की सहभागिता पर जोर दिया, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े सबसे संवेदनशील विषय—'मासिक धर्म' (Menstruation) पर खुले मंच से बेबाक चर्चा की।
\r\n\r\n\r\n\r\n
अक्सर ग्रामीण इलाकों में मासिक धर्म को लेकर कई भ्रांतियां और कुरीतियां (Taboos) व्याप्त हैं, जिसके कारण महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक नहीं हो पातीं। डीएम जसजीत कौर और ब्लॉक प्रमुख ने ग्रामीण महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता (Menstrual Hygiene) बनाए रखने, सैनिटरी पैड का उपयोग करने और इस प्राकृतिक प्रक्रिया को लेकर किसी भी प्रकार की शर्म महसूस न करने के प्रति जागरूक किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक स्वस्थ महिला ही एक स्वस्थ और विकसित समाज की नींव रख सकती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
मुख्य अतिथि एल. वेंकटेश्वर लू के अनमोल वचन: 'कर्मयोग ही सच्चा धर्म'
\r\n\r\nकार्यक्रम के मुख्य आकर्षण, अपर मुख्य सचिव एल. वेंकटेश्वर लू ने अपने संबोधन से सभागार में उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने अपने वक्तव्य की शुरुआत संत कबीर दास जी के दोहों (Kabir's Dohas) से की और जीवन में कर्मयोग के वास्तविक अर्थ को समझाया।
\r\n\r\n 
उन्होंने अपने अनमोल वचनों में कहा, "किसी भी समस्या से भागना उसका हल नहीं है, बल्कि उस पर खुलकर चर्चा करना और उसका निदान खोजना ही सच्ची प्रगति है।" उन्होंने भारतीय संविधान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारा संविधान देश की अनेकता में एकता और अखंडता का प्रतीक है, जो सभी देशवासियों को प्रेम और समानता के सूत्र में बांधता है।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
उन्होंने समाज में व्याप्त बुराइयों (विशेषकर मद्यपान/नशाखोरी) पर प्रहार करते हुए कहा कि समाज में अच्छाई और बुराई दोनों मौजूद हैं, लेकिन यह हमारे विवेक पर निर्भर करता है कि हम किसे अपनाते हैं। उन्होंने कहा, "सच्चा कर्मयोगी वही है जो अपने कर्मों से समाज को दिशा दे और लोगों को जाति, धर्म या संप्रदाय के चश्मे से न देखकर समान भाव से देखे। ईश्वर कण-कण में और प्रत्येक मनुष्य के हृदय में बसता है, आवश्यकता केवल उसे पहचानने की है।"
\r\n\r\n\r\n\r\n
'दबंगों और महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों पर हो सख्त कार्रवाई'
\r\n\r\nभारत को वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' (Viksit Bharat 2047) बनाने के विजन पर बोलते हुए, मुख्य अतिथि ने स्पष्ट किया कि इसके लिए समाज से कुरीतियों और बुराइयों को जड़ से खत्म करना होगा। आज देश के हर क्षेत्र—चाहे वह शिक्षा हो, विज्ञान हो या प्रशासन—महिलाओं की सहभागिता तेजी से बढ़ी है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इसी संदर्भ में उन्होंने कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया। आईएएस एल. वेंकटेश्वर लू ने मंच से ही बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर को कड़े निर्देश दिए कि जिले में जो भी दबंग या असामाजिक तत्व महिलाओं का उत्पीड़न करते हैं, उनके खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति अपनाते हुए सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने जिलाधिकारी और ब्लॉक प्रमुख द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों की खुले कंठ से सराहना की और उन्हें उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कार्यक्रम के सफल आयोजक और प्रमुख उपस्थित अधिकारी
\r\n\r\nनूरपुर ब्लॉक में इस भव्य और सफल कार्यक्रम के आयोजन का मुख्य श्रेय खण्ड विकास अधिकारी (BDO) डॉ. दिनेश पाल शर्मा को जाता है, जिन्होंने प्रशासनिक स्तर पर बेहतरीन व्यवस्था सुनिश्चित की।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी में जिले के कई उच्चाधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n रणविजय सिंह (मुख्य विकास अधिकारी, बिजनौर - CDO)\r\n \r\n
- \r\n जागेश्वर सिंह (जिला समाज कल्याण अधिकारी, बिजनौर)\r\n \r\n
- \r\n रचना गुप्ता (जिला विकास अधिकारी, बिजनौर - DDO)\r\n \r\n
- \r\n नितिन तेवतिया (उपजिलाधिकारी, चांदपुर - SDM)\r\n \r\n
- \r\n आलोक कटियार (तहसीलदार, चांदपुर)\r\n \r\n
- \r\n डॉ. अजीत कुमार (जिला प्रशिक्षण अधिकारी, बिजनौर)\r\n \r\n
- \r\n करुणा चौहान (सहायक विकास अधिकारी पंचायत, नूरपुर)\r\n \r\n
- \r\n सलीम अहमद (सहायक विकास अधिकारी ग्राम विकास, नूरपुर)\r\n \r\n
- \r\n योगेश कुमार (सहायक विकास अधिकारी समाज कल्याण)\r\n \r\n
\r\n\r\n
इसके अलावा कार्यक्रम में नीरज कुमार, विपिन सैनी, राजकुमार, और गौरव कुमार जैसे कई ग्राम पंचायत सचिवों ने भी भाग लिया। सभागार में एनसीसी कैडेट्स (NCC Cadets), क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकगण, स्कूली छात्र-छात्राएं और भारी संख्या में ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं, जिन्होंने इस वैचारिक संगोष्ठी से कई महत्वपूर्ण जीवन मूल्य सीखे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बिजनौर के नूरपुर में आयोजित यह 'विकसित भारत' और कर्मयोग संगोष्ठी केवल एक सरकारी कार्यक्रम तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह सामाजिक बदलाव का एक बड़ा मंच साबित हुई। मासिक धर्म जैसे संवेदनशील विषय पर महिला अधिकारियों द्वारा की गई खुली चर्चा और मुख्य अतिथि एल. वेंकटेश्वर लू द्वारा महिला सुरक्षा पर दिए गए सख्त निर्देश यह दर्शाते हैं कि प्रशासन अब केवल कागजी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह सामाजिक और मानसिक विकास की दिशा में भी ठोस कदम उठा रहा है। कर्मयोग और मद्य निषेध का यह संदेश बिजनौर के युवाओं को निश्चित रूप से एक नई दिशा दिखाएगा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
15 मार्च 2026 को बिजनौर के नूरपुर ब्लॉक में 'कर्मयोग, मद्य निषेध एवं विकसित भारत' विषय पर संगोष्ठी का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि IAS एल. वेंकटेश्वर लू ने कबीर के दोहों के माध्यम से समाज सुधार और संविधान की एकता का संदेश दिया। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य (मासिक धर्म) पर खुली चर्चा करने के लिए डीएम जसजीत कौर और ब्लॉक प्रमुख आकांक्षा चौहान की तारीफ की और दबंगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। कार्यक्रम का सफल आयोजन बीडीओ डॉ. दिनेश पाल शर्मा द्वारा किया गया।
Sabse pehle comment karne wale banein.