बिजनौर: उत्तर प्रदेश सरकार अनुसूचित जाति एवं जनजाति (SC/ST) वर्ग के उत्थान और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। सरकार की योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर सही लाभार्थियों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी हकीकत परखने के लिए उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग के माननीय सदस्य श्री मिठाई लाल ने 1 सितंबर को बिजनौर का दौरा किया। मंगलवार को जनपद के सर्किट हाउस में आयोजित एक महत्वपूर्ण जनसुनवाई के दौरान उन्होंने आम जनमानस, विशेषकर अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लोगों की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों को साफ शब्दों में हिदायत दी कि किसी भी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए और हर हाल में उनके साथ न्याय सुनिश्चित किया जाए।Read also:-बिजनौर के गल्ला विक्रेताओं को CM योगी का बड़ा तोहफा! लाभांश में 35 रुपये प्रति क्विंटल की बंपर बढ़ोतरी, गदगद कोटेदारों ने डीएम के माध्यम से सरकार को भेजा धन्यवाद ज्ञापन
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सर्किट हाउस में लगी जनसुनवाई, सुनी गईं फरियादें बिजनौर के सर्किट हाउस में आयोजित इस विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम में दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में लोग अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। आयोग के सदस्य श्री मिठाई लाल ने एक-एक कर सभी शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना। इनमें से ज्यादातर मामले भूमि विवाद, पुलिस प्रशासन से जुड़ी शिकायतों, एससी-एसटी एक्ट (SC-ST Act) के तहत दर्ज मुकदमों और सरकारी योजनाओं का लाभ न मिलने से संबंधित थे। श्री मिठाई लाल ने मौके पर ही मौजूद संबंधित विभागीय अधिकारियों को इन समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि वर्तमान प्रदेश सरकार में किसी भी गरीब या मजलूम के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
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सरकारी योजनाओं की गहन समीक्षा और अधिकारियों को निर्देश जनसुनवाई के पश्चात आयोग के सदस्य ने विभिन्न सरकारी विभागों, विशेषकर समाज कल्याण विभाग (Samaj Kalyan Vibhag), राजस्व विभाग और पुलिस विभाग के कार्यों और उनके द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा जिन विशेष वर्गों के उत्थान के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं, उनका वास्तविक लाभ उन तक हर हाल में पहुंचना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फाइलों में आंकड़े पूरे करने के बजाय धरातल पर काम दिखना चाहिए। समीक्षा बैठक के दौरान नगर पालिका की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी चर्चा की गई।
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आदर्श ग्राम योजना: 181 गांवों में कार्य पूर्ण समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए श्री मिठाई लाल ने 'आदर्श ग्राम योजना' (Adarsh Gram Yojana) की स्थिति जानी। बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी ने अवगत कराया कि इस योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की जाती है, ताकि वहां बुनियादी सुविधाओं का विकास हो सके। जनपद बिजनौर में इस योजना के तहत 470 गांवों को चिन्हित किया गया है। इनमें से 181 गांवों में विकास कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुके हैं, जबकि शेष गांवों में कार्य अभी प्रक्रियाधीन है। आयोग के सदस्य ने शेष कार्यों को भी तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।
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वृद्धावस्था पेंशन और राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का मिला सहारा बैठक में असहाय और बुजुर्गों को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर भी विशेष जोर दिया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी ने आंकड़े प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनपद में 'राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना' के तहत वर्तमान में 60,103 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा रहा है। इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 2,702 नए आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, 'राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना' (Rashtriya Parivarik Labh Yojana) के तहत, परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य की मृत्यु हो जाने पर बेसहारा हुए परिवार को 30 हजार रुपये की एकमुश्त आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। आयोग के सदस्य ने निर्देश दिए कि इन योजनाओं के लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए ताकि दुख की घड़ी में पीड़ित परिवारों को समय पर सरकारी मदद मिल सके।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह और अभ्युदय योजना की प्रगति गरीब बेटियों की शादी के लिए चलाई जा रही 'मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना' (CM Samuhik Vivah Yojana) भी समीक्षा का मुख्य बिंदु रही। अधिकारियों ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में जनपद को 1,276 सामूहिक विवाह संपन्न कराने का लक्ष्य शासन से प्राप्त हुआ था। हालांकि, जनता के भारी उत्साह और आवेदनों की संख्या को देखते हुए, वर्तमान में 2,578 शादियों के आयोजन के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। इसके साथ ही, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे गरीब मेधावी छात्रों के लिए संचालित 'मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना' (Mukhyamantri Abhyudaya Yojana) की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में 32 छात्र-छात्राएं इस योजना के तहत मुफ्त कोचिंग प्राप्त कर अपने भविष्य को संवार रहे हैं।
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तहसील स्तर पर निगरानी समिति बनाने के निर्देश योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से आयोग के सदस्य ने तहसीलदार सदर को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तहसील स्तर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति और लाभ के वितरण की समीक्षा के लिए एक निगरानी समिति का गठन किया जाए। इस समिति की प्रत्येक माह नियमित रूप से बैठक आयोजित की जानी चाहिए। श्री मिठाई लाल ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन मासिक बैठकों में क्षेत्र के माननीय जनप्रतिनिधियों (विधायकों, सांसदों और पंचायत प्रतिनिधियों) को भी अनिवार्य रूप से आमंत्रित किया जाए, ताकि जनता की वास्तविक समस्याएं मंच पर आ सकें।
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पुलिस प्रशासन को न्याय सुनिश्चित करने की हिदायत बैठक में पुलिस और कानून व्यवस्था, विशेषकर एससी-एसटी उत्पीड़न के मामलों की भी समीक्षा की गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (नगर) अभय कुमार पांडे ने जनसुनवाई के दौरान पुलिस विभाग से जुड़े प्रकरणों पर त्वरित संज्ञान लेते हुए अपने अधीनस्थों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने शिकायतकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि पुलिस पूरी निष्पक्षता के साथ मामलों की जांच करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।READ ALSO;-चिराग तले अंधेरा! रक्षाबंधन पर सूने मकान में घुसे चोर, थाने से महज चंद कदमों की दूरी पर टूटे ताले, बिजनौर पुलिस की गश्त के दावों की खुली पोल
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इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई और समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर अभय कुमार पांडे, तहसीलदार सदर, जिला समाज कल्याण अधिकारी, संबंधित नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ), सेनेटरी इंस्पेक्टर सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय आमजन उपस्थित रहे।
Sabse pehle comment karne wale banein.