बिजनौर (Election Desk): लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व यानी 'चुनाव' की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उस देश या राज्य की मतदाता सूची (Voter List) कितनी शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित है। इसी अति-महत्वपूर्ण उद्देश्य को साधने और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए जमीनी स्तर पर प्रशासनिक मशीनरी को चाक-चौबंद करने के लिए, उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (Chief Electoral Officer - CEO) श्री नवदीप रिणवा (आई०ए०एस०) ने बुधवार, 11 मार्च 2026 को बिजनौर जिले का एक बेहद सघन और मैराथन दौरा किया।Read also:-धामपुर में रसोई गैस ने रुलाया: 25 दिन की वेटिंग और 60 रुपये की बढ़ोतरी से फूटा जनता का आक्रोश, गैस एजेंसी पर भारी हंगामा
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इस उच्च स्तरीय दौरे का मुख्य एजेंडा जनपद में चल रहे 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026' (Special Intensive Revision - SIR) अभियान की प्रगति का जायजा लेना था। सुबह कलेक्ट्रेट सभागार में राजनीतिक दलों के साथ बैठक से लेकर, दोपहर में मतदान केंद्रों के औचक निरीक्षण और शाम को बीएलओ (BLO) के सम्मान समारोह तक—श्री रिणवा का पूरा दिन चुनावी तैयारियों को एक नई धार देने में बीता। उनके इस दौरे ने बिजनौर के प्रशासनिक महकमे में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया है।
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आइए, लोकतंत्र की इस बुनियादी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए बिजनौर में उठाए गए हर एक कदम, बैठकों के अहम फैसलों, और आंकड़ों के इस महासागर का विस्तार से विश्लेषण करते हैं।
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लोकतंत्र के पहरुओं के साथ मंथन - विधायकों और राजनीतिक दलों की बैठक

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किसी भी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता तब ही सिद्ध होती है जब उसमें राजनीतिक दलों की पूर्ण सहभागिता हो। इसी सिद्धांत का पालन करते हुए, मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवदीप रिणवा के भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्ट्रेट स्थित 'महात्मा विदुर सभागार' में एक अहम बैठक के साथ हुई।
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इस बैठक में जिले के माननीय विधायकगणों और राष्ट्रीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था, ताकि मतदाता सूची और मतदान प्रक्रिया से जुड़ी उनकी जमीनी शंकाओं और शिकायतों का सीधा निवारण किया जा सके।
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बैठक में उपस्थित प्रमुख राजनीतिक चेहरे:

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  • \r\n
    विधायकगण: स्वामी ओमवेश (चांदपुर), मनोज पारस (नगीना), ओम कुमार (नहटौर), और तस्लीम अहमद (नजीबाबाद)।
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  • \r\n
  • \r\n
    राजनैतिक दलों के प्रतिनिधि: धीर सिंह (भाजपा), मुहम्मद सिद्दीक़ (बसपा), अख़लाक़ उर्फ पप्पू (समाजवादी पार्टी), अनिल त्यागी (नेशनल कांग्रेस पार्टी) सहित अन्य प्रतिनिधि।
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  • \r\n
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प्रमुख मुद्दे और CEO का आश्वासन:

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बैठक के दौरान विधायकों (विशेषकर नजीबाबाद से तस्लीम अहमद, नगीना से मनोज पारस और चांदपुर से स्वामी ओमवेश) ने जनता से जुड़े कुछ बेहद संवेदनशील मुद्दे उठाए:
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  1. \r\n
    मतदान केंद्रों की दूरी: मतदाताओं की सुविधा के लिए उनके घर के निकटतम स्थानों पर मतदान केंद्र बनाए जाने की जोरदार मांग उठी।
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  2. \r\n
  3. \r\n
    फार्म 6 का निस्तारण: नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए भरे जाने वाले 'फार्म 6' की प्रक्रिया को तेज करने और लंबित पड़े आवेदनों के जल्द निस्तारण का अनुरोध किया गया।
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  4. \r\n
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इन चिंताओं को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए श्री रिणवा ने त्वरित समाधान का भरोसा दिया। उन्होंने मौके पर ही जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) जसजीत कौर को कड़े निर्देश दिए कि मतदान प्रक्रिया को जनता के लिए अधिक से अधिक सुविधाजनक बनाया जाए।
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"मैपिंग की समस्या का होगा तुरंत समाधान"
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन मतदाताओं की 'मैपिंग' (Mapping) अभी तक नहीं हो पाई है, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मतदाता निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित मानक दस्तावेजों में से कोई भी एक वैध अभिलेख (Document) बूथ लेवल अधिकारी (BLO) को उपलब्ध कराकर अपनी मैपिंग आसानी से करवा सकते हैं।
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इसके अलावा, उन्होंने जनप्रतिनिधियों को इस बात के लिए आश्वस्त किया कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग और जिला निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर मतदाता सूची से नाम हटाने (फार्म 7) और संशोधन करने (फार्म 8) की अद्यतन (Updated) सूची 24 घंटे उपलब्ध है। कोई भी नागरिक या राजनेता किसी भी समय इसका अवलोकन कर सकता है।
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आंकड़ों की कसौटी पर बिजनौर - ईएआरओ (EARO) की समीक्षा बैठक

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राजनीतिक दलों के साथ संवाद के बाद, चुनावी मशीनरी के 'इंजन' यानी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ERO) और सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (AERO) के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य फोकस 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR)' से संबंधित कार्यों की प्रगति था।
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श्री नवदीप रिणवा ने एक कुशल प्रशासक की तरह सीधे आंकड़ों पर बात की। उन्होंने पूरे प्रदेश और बिजनौर जिले की प्रगति का तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत किया।
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    राज्य स्तर की प्रगति: संपूर्ण उत्तर प्रदेश में एसआईआर (SIR) से संबंधित कार्य लगभग 95% पूर्ण हो चुका है।
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  • \r\n
  • \r\n
    बिजनौर की उपलब्धि: बिजनौर जिले में यह कार्य 92% से अधिक पूरा किया जा चुका है, जिस पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने गहरा संतोष व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी सजगता से काम करने के निर्देश दिए।
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  • \r\n
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जिलाधिकारी जसजीत कौर ने प्रस्तुत किया रिपोर्ट कार्ड

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बैठक में बिजनौर की जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के सामने जिले का विस्तृत डेटा प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि बिजनौर जिले की सभी विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूची शुद्धिकरण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है।
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बिजनौर जिले के एसआईआर (SIR) 2026 के महत्वपूर्ण आंकड़े (एक नजर में):

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विवरण का प्रकार
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कुल संख्या / प्रतिशत
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कुल मतदाता (08.01.2026 की सूची के अनुसार)
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23,23,160
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नो-मैपिंग श्रेणी (No Mapping) के मतदाता
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89,822
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लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी (Logical Discrepancy) के मतदाता
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4,88,247
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कुल जारी किए जाने वाले नोटिस
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5,78,068
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जनरेट किए गए कुल नोटिस
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5,78,069 (100%)
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बीएलओ द्वारा मतदाताओं को रिसीव कराए गए नोटिस
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5,52,502 (95.58%)
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अधिकारियों द्वारा पूर्ण की गई नोटिस सुनवाई
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92.91%
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इन आंकड़ों को देखकर स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन ने 5 लाख से अधिक मतदाताओं के घर-घर जाकर नोटिस रिसीव कराने का जो भगीरथ प्रयास किया है, वह काबिले तारीफ है।
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15 मार्च का अल्टीमेटम और कैंप लगाने के निर्देश

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बैठक के दौरान एक बात स्पष्ट कर दी गई कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उचित सुनवाई के नहीं काटा जाएगा। जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जनपद बिजनौर में नोटिसों की सुनवाई की पूरी प्रक्रिया 15 मार्च 2026 तक हर हाल में शत-प्रतिशत पूरी कर ली जाएगी।
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श्री रिणवा ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि चूंकि नोटिसों की सुनवाई केंद्रों पर 'फार्म 6' (नए नाम जोड़ने) और मैपिंग कार्य के लिए भारी संख्या में नागरिक आ रहे हैं, इसलिए प्रशासन को चाहिए कि वह आवश्यकतानुसार विशेष 'कैंप' (Camps) आयोजित करे, ताकि आम जनता को लंबी लाइनों या किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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 ग्राउंड जीरो का रियलिटी चेक - मतदान केंद्र का औचक निरीक्षण

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वातानुकूलित कमरों में बैठकर नीतियां बनाना एक बात है, और जमीन पर उतरकर उनकी हकीकत परखना बिल्कुल दूसरी बात। श्री नवदीप रिणवा ने बिजनौर दौरे के दौरान इस परिपाटी को निभाया। वे अधिकारियों के लाव-लश्कर के साथ सीधे ग्राउंड जीरो यानी मतदान केंद्र पर जा पहुंचे।
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उन्होंने बिजनौर विधान सभा निर्वाचन क्षेत्र (22) के अंतर्गत आने वाले दयानन्द इन्टर कॉलेज का रुख किया। इस केंद्र पर भाग संख्या-227 से 231 तक के उन मतदाताओं की सुनवाई चल रही थी, जिन्हें नो-मैपिंग या लॉजिकल डिस्क्रीपेंसी के नोटिस प्राप्त हुए थे।
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निरीक्षण के मुख्य बिंदु:

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  1. \r\n
    सुविधाओं का जायजा: मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सबसे पहले केंद्र पर नागरिकों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल और शिकायत निस्तारण प्रणाली की बारीकी से जांच की।
    \r\n
  2. \r\n
  3. \r\n
    बीएलओ से सीधा संवाद: उन्होंने वहां ड्यूटी पर तैनात पांच बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) और उनके सुपरवाइजरों से बातचीत की। उन्होंने पूछा कि फील्ड में काम करते समय उन्हें क्या व्यावहारिक दिक्कतें आ रही हैं और जनता का रेस्पॉन्स कैसा है।
    \r\n
  4. \r\n
  5. \r\n
    जनता से बातचीत: लाइन में खड़े मतदाताओं से सीधे मुखातिब होते हुए श्री रिणवा ने पूछा कि क्या उन्हें कोई परेशानी हो रही है? क्या अधिकारी उनकी बात सुन रहे हैं? उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनता की हर शिकायत का समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण होना चाहिए।
    \r\n
  6. \r\n
  7. \r\n
    सख्त निर्देश: बीएलओ को साफ शब्दों में ताकीद की गई कि सुनवाई केंद्रों पर आने वाले हर नागरिक के साथ अत्यधिक शालीनता, संवेदनशीलता और पूरी पारदर्शिता के साथ व्यवहार किया जाए। दुर्व्यवहार की कोई भी शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
    \r\n
  8. \r\n
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प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद - "बिजनौर की उपलब्धि श्रेष्ठ"

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दोपहर 3:00 बजे, कलेक्ट्रेट सभागार में जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों के साथ एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता (Press Conference) का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी जसजीत कौर, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) वान्या सिंह, डिप्टी कलेक्टर/जिला सूचना अधिकारी हर्ष चावला और सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी प्रमोद कुमार भी मंचासीन रहे।
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प्रेस को संबोधित करते हुए श्री रिणवा ने जिले की उपलब्धियों को गिनाया और चुनाव आयोग के विजन को साझा किया। उन्होंने कहा:
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"मतदाता सूची का शुद्धिकरण लोकतंत्र की पहली सीढ़ी है। राज्य स्तर पर एसआईआर का कार्य 95% हो चुका है और बिजनौर जिले ने 92% का आंकड़ा पार कर लिया है। इस पूरे अभियान में जिला बिजनौर की उपलब्धि प्रदेश में श्रेष्ठ रही है। यहाँ का सारा काम न केवल संतोषजनक है, बल्कि अत्यधिक गुणवत्ता पूर्वक संपन्न कराया जा रहा है।"
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उन्होंने विशेष रूप से जिला निर्वाचन अधिकारी जसजीत कौर की प्रशंसा की और पत्रकारों को याद दिलाया कि हाल ही में उनके उत्कृष्ट प्रशासनिक कार्यों के लिए भारत की माननीय राष्ट्रपति महोदया द्वारा उन्हें नई दिल्ली में सम्मानित किया जा चुका है। यह बिजनौर जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और उसी नेतृत्व का परिणाम है कि जिले का चुनाव महकमा इतनी तेजी से काम कर रहा है।
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लोकतंत्र के 'सच्चे सिपाहियों' का सम्मान - बीएलओ संवाद कार्यक्रम

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चुनाव आयोग दिल्ली या लखनऊ में बैठता है, जिला निर्वाचन अधिकारी कलेक्ट्रेट में बैठते हैं, लेकिन जो व्यक्ति चुनाव आयोग का चेहरा बनकर घर-घर की कुंडी खटखटाता है, वह होता है बीएलओ (Booth Level Officer)। एक बीएलओ की मेहनत के बिना न तो मतदाता सूची बन सकती है और न ही चुनाव हो सकते हैं।
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इन जमीनी कार्यकर्ताओं की अहमियत को समझते हुए, मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दौरे का अंतिम और सबसे भव्य कार्यक्रम वीरा इंजीनियरिंग कॉलेज, बिजनौर के विशाल ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। यह 'बीएलओ एवं सुपरवाइजर संवाद चर्चा' कार्यक्रम था।
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सांस्कृतिक स्वागत और सम्मान

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कार्यक्रम का शुभारंभ श्री नवदीप रिणवा द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर स्कूली छात्राओं ने अतिथियों के सम्मान में एक बेहद सुमधुर और आकर्षक स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
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मंच पर जिलाधिकारी जसजीत कौर ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह देकर और बिजनौर (नगीना) की विश्व प्रसिद्ध 'काष्ठ कला' (Wooden Craft) से निर्मित एक खूबसूरत लकड़ी की घड़ी भेंट कर उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी वान्या सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट स्मृति मिश्रा, और कुणाल रस्तोगी सहित सभी प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
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उत्कृष्ट कार्य करने वालों का हुआ भव्य सम्मान

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इस आयोजन का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल वह था, जब पूरे जिले से छांटे गए सर्वश्रेष्ठ कार्यकर्ताओं को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
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  • \r\n
    40 सर्वश्रेष्ठ बीएलओ (BLOs)
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  • \r\n
  • \r\n
    08 सुपरवाइजर्स
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  • \r\n
  • \r\n
    01 ईआरओ (ERO)
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  • \r\n
  • \r\n
    01 एईआरओ (AERO)
    \r\n
  • \r\n
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इन सभी को मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिलाधिकारी के हाथों प्रशस्ति पत्र और नगीना की काष्ठ कला से बनी विशिष्ट घड़ी देकर सम्मानित किया गया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच जब इन कर्मचारियों ने मंच पर अपना सम्मान प्राप्त किया, तो पूरे हॉल में एक नई ऊर्जा दौड़ गई।
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बीएलओ के अनुभव और CEO का प्रेरक संबोधन

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सम्मान समारोह के बाद 'ओपन माइक' सेशन रखा गया, जहां कई बीएलओ और सुपरवाइजरों ने फील्ड में काम करते समय आने वाली खट्टी-मीठी यादें और अपने अनुभव साझा किए। किसी ने बताया कि कैसे उन्हें एक मतदाता का नाम जोड़ने के लिए तीन बार उसके घर जाना पड़ा, तो किसी ने मृत मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के दौरान आने वाली चुनौतियों का जिक्र किया।
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श्री रिणवा ने इन सभी की बातों को ध्यान से सुना और उनकी पीठ थपथपाते हुए कहा:
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"एक पारदर्शी, निष्पक्ष और त्रुटिरहित मतदाता सूची (विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026) तैयार करने में एक बीएलओ की भूमिका सबसे ज्यादा, बल्कि यूं कहूं कि 100% महत्वपूर्ण है। आप लोग ही चुनाव आयोग की नींव हैं। बिना आपकी विशेष सतर्कता और मेहनत के, हर पात्र नागरिक का नाम सूची में जोड़ना असंभव है।"
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कार्यक्रम के अंत में उन्होंने एक बार फिर पूरी प्रशासनिक टीम को 15 मार्च 2026 तक सभी सुनवाई और पेंडिंग कार्यों को पूरा करने का संकल्प दिलाया।
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एक मजबूत लोकतंत्र की ओर बिजनौर के मजबूत कदम

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मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा का बिजनौर दौरा कोई सामान्य रूटीन विजिट नहीं था। यह इस बात का स्पष्ट संकेत था कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रहा है।
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जिस प्रकार से बैठकों में आंकड़ों का विच्छेदन किया गया, ग्राउंड पर जाकर हकीकत परखी गई, और अंत में अच्छा काम करने वालों की पीठ थपथपाई गई—उससे यह साफ है कि चुनाव आयोग 'दबाव और प्रोत्साहन' दोनों रणनीतियों पर एक साथ काम कर रहा है।
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बिजनौर जिला प्रशासन, जिलाधिकारी जसजीत कौर के नेतृत्व में, जिस तरह से 23 लाख से अधिक मतदाताओं की सूची को त्रुटिरहित बनाने के महाभियान में जुटा है, वह पूरे प्रदेश के लिए एक नजीर बन रहा है। अब सबकी निगाहें 15 मार्च की उस डेडलाइन पर टिकी हैं, जब यह पूरा 'विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण' का काम मुकम्मल हो जाएगा और बिजनौर एक एकदम नई, साफ और पारदर्शी मतदाता सूची के साथ आगामी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार खड़ा होगा।
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