अनिल कुमार शर्मा विशेष संवाददाता:
\r\n\r\nजमालपुर: यहां की मिट्टी में देशभक्ति की खुशबू है, और यहां के लोगों के दिलों में सेना के लिए अटूट सम्मान। यह नजारा देखने को मिला ग्राम जमालपुर में, जब पूर्व सैनिक कल्याण सिंह के आवास पर भारतीय वायु सेना का 93वां स्थापना दिवस मनाया गया। मौका भले ही वायु सेना के स्थापना दिवस का था, लेकिन जश्न में भारत की तीनों सेनाओं का अदम्य साहस और शौर्य गूंज रहा था।READ ALSO:-हिंदुओं पर 'जहर' उगलने वाला मौलाना गिरफ्तार, बच्चों के सामने बोला- '80 करोड़ को जूते की नोक पर...', पीलीभीत में बवाल
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जब गूंजा 'नए हिंदुस्तान' का जयघोष
\r\n\r\nकार्यक्रम में जुटे पूर्व सैनिकों का जोश देखने लायक था। भले ही उन्होंने वर्दी उतार दी हो, लेकिन देश के लिए उनका जज्बा और जुनून आज भी उतना ही है। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, डॉ. दीप सौरभ सिंह गुरु जी ने जब माइक थामा तो माहौल में और भी जोश भर गया। उन्होंने 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा, "ये पुराना भारत नहीं, ये आज का नया हिंदुस्तान है जो घर में घुस कर मारता है!"
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उन्होंने आगे कहा, "हमारी सेना ने दुनिया को अपनी ताकत और काबिलियत दिखाई है। एक ऐसा कैलकुलेटेड ऑपरेशन किया गया, जिसमें आतंकवाद की जड़ों पर精准 हमला हुआ और सबसे बड़ी बात यह कि इस दौरान एक भी निर्दोष नागरिक को खरोंच तक नहीं आई। यह हमारी सेना की व्यावसायिकता और सटीकता का सबसे बड़ा प्रमाण है।"
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'ऑपरेशन सिंदूर' के पराक्रम को सलाम
\r\n\r\nकार्यक्रम में मौजूद सभी पूर्व सैनिकों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' (वक्ताओं द्वारा दिया गया नाम) में शामिल जवानों के पराक्रम को सलाम किया। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि भारत अब आतंकवाद पर रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक नीति अपनाता है।
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देशभक्तों का जमघट
\r\n\r\nइस कार्यक्रम की अध्यक्षता कुंवर मितान सिंह ने की और इसका सफल संचालन कल्याण सिंह ने किया। इस महफिल में अनिल पैरा कमांडो से लेकर अमित फौजी, योगेंद्र फौजी, मनोज फौजी जैसे कई वीर शामिल हुए, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए और युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में रविन्द्र काकरान, महावीर सिंह, महेश पाल, केशव कुमार, ललित रंजन जैसे कई गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम इस बात का सबूत था कि एक फौजी कभी रिटायर नहीं होता; वह हमेशा देश के लिए जीता है।
Sabse pehle comment karne wale banein.