बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर (Bijnor) जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। नहटौर-झालू मार्ग (Nehtaur-Jhalu Road) पर सोमवार की शाम काल बनकर आए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक सवार मां-बेटे को कुचल दिया। यह हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार मां और बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।READ ALSO:-मेरठ: भीषण ठंड का टॉर्चर, कक्षा 9 तक के स्कूल दो दिन के लिए बंद, 10वीं-12वीं का समय बदला, DIOS का आदेश जारी
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घटना के बाद चीख-पुकार मच गई। जिस बेटे को मां दवा दिलाकर घर ला रही थी, किसे पता था कि रास्ते में मौत उनका इंतजार कर रही है। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने नहटौर-झालू मार्ग पर जाम लगा दिया, जिससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने जाम खुलवाया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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बिलाई गांव के पास हुआ खौफनाक हादसा

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पुलिस सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह दर्दनाक हादसा नहटौर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव बिलाई (Bilai Village) के पास हुआ। सोमवार शाम, जब सूरज ढल रहा था, सड़क पर वाहनों की आवाजाही सामान्य थी। तभी एक तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सामने चल रही ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई।
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Mother and son died in a road accident in Bijnor | बिजनौर में सड़क हादसे  में मां-बेटे की मौत: ट्रैक्टर-ट्रॉली और बाइक की टक्कर, डॉक्टर ने मृत घोषित  किया - Bijnor News |

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टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक सवार युवक और उसकी मां उछलकर सड़क पर गिरे और बाइक ट्रैक्टर-ट्रॉली के पिछले हिस्से में बुरी तरह फंस गई। (External link: सड़क सुरक्षा और ट्रैक्टर-ट्रॉली के नियम - UP Traffic Police)
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राहगीरों ने आनन-फानन में पुलिस को सूचना दी और घायलों को उठाने दौड़े। दोनों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में जब यह खबर परिजनों को मिली, तो कोहराम मच गया।
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मृतकों की पहचान: सबसे छोटा बेटा था शिवम

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मृतकों की पहचान नहटौर क्षेत्र के ही गांव रुखड़ियों (Rukhadiyo) के रहने वाले 18 वर्षीय शिवम पुत्र ओमप्रकाश और उसकी 45 वर्षीय मां बीना देवी पत्नी ओमप्रकाश के रूप में हुई है।
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परिजनों ने रोते-बिलखते बताया कि बीना देवी की तबीयत ठीक नहीं थी। शिवम अपनी मां को बाइक पर बैठाकर बिजनौर शहर (Bijnor City) से दवा दिलाने गया था। मां-बेटे दवा लेकर वापस अपने गांव रुखड़ियों लौट रहे थे। उन्हें क्या पता था कि यह उनका आखिरी सफर होगा।
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    परिवार का सहारा: शिवम अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता ओमप्रकाश मजदूरी करके किसी तरह परिवार का पेट पालते हैं। सबसे छोटे बेटे की मौत ने बुढ़ापे का सहारा छीन लिया है।
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गुस्से में सड़क पर उतरे ग्रामीण, लगा दिया जाम

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मां-बेटे की मौत की खबर जैसे ही गांव रुखड़ियों पहुंची, वहां मातम पसर गया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और परिजन घटना स्थल पर पहुंच गए। ग्रामीणों में ट्रैक्टर चालकों की लापरवाही को लेकर भारी गुस्सा था। 
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गुस्साए लोगों ने नहटौर-झालू मार्ग पर शव रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि इस रोड पर अवैध रूप से चलने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली और डंपर आए दिन हादसों का कारण बन रहे हैं, लेकिन प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं करता। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
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पुलिस ने संभाला मोर्चा, कार्रवाई का आश्वासन

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हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। सीओ धामपुर (CO Dhampur) अभय कुमार पांडे और नहटौर थाना प्रभारी (SHO) धीरज नागर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की, लेकिन परिजन आरोपी ट्रैक्टर चालक की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग पर अड़े रहे।
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    पुलिस की कार्रवाई: सीओ अभय कुमार पांडे ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और हिट-एंड-रन के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज होगा।
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    जाम खुला: पुलिस के काफी समझाने और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बिजनौर भेज दिया।
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ट्रैक्टर-ट्रॉली: सड़कों पर दौड़ते यमराज?

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बिजनौर जनपद में यह कोई पहला हादसा नहीं है। कृषि कार्य के लिए पंजीकृत ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का व्यावसायिक उपयोग और सड़कों पर बेलगाम दौड़ना आम बात हो गई है। अक्सर देखा जाता है कि इन ट्रॉलियों पर न तो रिफ्लेक्टर होते हैं और न ही इंडिकेटर। शाम के समय या कोहरे में ये वाहन पीछे से आ रहे बाइक सवारों को दिखाई नहीं देते, जिससे ऐसे हादसे होते हैं।
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नहटौर-झालू मार्ग, जो पहले से ही संकरा है, उस पर गन्ने के सीजन में ओवरलोडेड वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को इस ओर सख्त कदम उठाने की जरूरत है, वरना ऐसे ही घरों के चिराग बुझते रहेंगे।
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बिजनौर के नहटौर में हुए इस हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। एक पिता ने अपनी पत्नी और सबसे छोटे बेटे को एक ही झटके में खो दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर ट्रैक्टर को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश जारी है। लेकिन यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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बिजनौर के नहटौर-झालू मार्ग पर सोमवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में गांव रुखड़ियों निवासी मां बीना देवी (45) और उनके बेटे शिवम (18) की मौत हो गई। बाइक सवार मां-बेटे बिजनौर से दवा लेकर लौट रहे थे तभी उनकी बाइक एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से टकरा गई। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे सीओ धामपुर और थाना प्रभारी ने कार्रवाई का भरोसा देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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