बिजनौर/नगीना। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) की नीति पर काम कर रही है। इसी कड़ी में बिजनौर जनपद के थाना नगीना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक नाबालिग लड़की के अपहरण के सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। यह मामला न केवल एक मासूम बच्ची के अपहरण से जुड़ा है, बल्कि इसमें नए आपराधिक कानूनों (BNS) और SC/ST एक्ट के तहत भी गंभीर धाराएं लगाई गई हैं, जो अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है।READ ALSO:-मुज़फ्फरनगर में गूंजा 'हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई... आपस में सब भाई-भाई' का नारा, जमीयत के सद्भावना सम्मेलन में कांवड़ यात्रा को लेकर हुई खास अपील
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अपराधियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने एक सुनियोजित साजिश के तहत इस वारदात को अंजाम दिया। लेकिन नगीना पुलिस की मुस्तैदी और तेज-तर्रार विवेचना के चलते मुख्य आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश में ताबड़तोड़ दबिश दी जा रही है। आइए विस्तार से जानते हैं इस पूरी वारदात की इनसाइड स्टोरी और पुलिस कार्रवाई का पूरा ब्योरा।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n#BijnorPolice
\r\n— Bijnor Police (@bijnorpolice) July 19, 2026
\r\nथाना नगीना पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 173/26 धारा 137(2)/65(1)/61BNS व 3(2)(VA)SC/ST Act से सम्बन्धित 01 अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार।#UPPolice pic.twitter.com/BvxZJT47uL
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25 जून को रची गई थी खौफनाक साजिश
\r\n\r\nइस पूरी वारदात की शुरुआत पिछले महीने 25 जून 2026 को हुई थी। थाना नगीना क्षेत्र की रहने वाली एक बेबस मां (वादिनी) ने न्याय की गुहार लगाते हुए पुलिस थाने में एक तहरीर दी थी। वादिनी ने पुलिस को बताया कि उनकी नाबालिग बेटी अचानक घर से लापता हो गई है।
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काफी खोजबीन के बाद जब बेटी का कहीं सुराग नहीं मिला, तो परिजनों को पता चला कि उनके इलाके के ही कुछ शातिर किस्म के लोग उनकी मासूम और नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए हैं। आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत लड़की को अपने जाल में फंसाया और उसका अपहरण कर लिया। एक मां के लिए अपनी जवान और नाबालिग बेटी का यूं अचानक गायब हो जाना किसी बड़े सदमे से कम नहीं था। परिजनों की शिकायत और मामले की गंभीरता को देखते हुए नगीना पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया।
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पांच शातिरों ने मिलकर बनाया था अपहरण का प्लान
\r\n\r\nपुलिस को दी गई तहरीर में वादिनी ने एक या दो नहीं, बल्कि पूरे पांच लोगों को नामजद किया था, जिन्होंने मिलकर इस खौफनाक वारदात की पटकथा लिखी थी। इन आरोपियों ने एक संगठित तरीके से नाबालिग को गुमराह किया।
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नामजद आरोपियों का विवरण:
\r\n\r\n| \r\n क्रम सं. \r\n | \r\n \r\n आरोपी का नाम \r\n | \r\n \r\n पिता/पति का नाम \r\n | \r\n \r\n निवासी (गांव/थाना) \r\n | \r\n \r\n भूमिका \r\n | \r\n
| \r\n 1. \r\n | \r\n \r\n सुशांत कुमार (गिरफ्तार) \r\n | \r\n \r\n राजाराम \r\n | \r\n \r\n ग्राम बिन्जाहैड़ी (थाना नगीना) \r\n | \r\n \r\n मुख्य आरोपी \r\n | \r\n
| \r\n 2. \r\n | \r\n \r\n कमलेश \r\n | \r\n \r\n पत्नी अरविन्द \r\n | \r\n \r\n ग्राम सिकन्दरपुर बसी (थाना नजीबाबाद) \r\n | \r\n \r\n सह-आरोपी (फरार) \r\n | \r\n
| \r\n 3. \r\n | \r\n \r\n सूरज \r\n | \r\n \r\n पुत्र छब्बा \r\n | \r\n \r\n ग्राम सिकन्दरपुर बसी (थाना नजीबाबाद) \r\n | \r\n \r\n सह-आरोपी (फरार) \r\n | \r\n
| \r\n 4. \r\n | \r\n \r\n अनस \r\n | \r\n \r\n पुत्र केशव \r\n | \r\n \r\n ग्राम सिकन्दरपुर बसी (थाना नजीबाबाद) \r\n | \r\n \r\n सह-आरोपी (फरार) \r\n | \r\n
| \r\n 5. \r\n | \r\n \r\n सोहित \r\n | \r\n \r\n पुत्र बबलू \r\n | \r\n \r\n ग्राम अल्हाहैड़ी (थाना नगीना देहात) \r\n | \r\n \r\n सह-आरोपी (फरार) \r\n | \r\n
BNS (नए कानून) और SC/ST एक्ट का कसा गया कड़ा शिकंजा
\r\n\r\nमामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नगीना पुलिस ने तुरंत मुकदमा अपराध संख्या (FIR No.) 173/2026 दर्ज किया। शुरुआत में यह मुकदमा नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) (अपहरण/बहला-फुसलाकर ले जाना) के तहत पंजीकृत किया गया था।
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लेकिन, जैसे-जैसे पुलिस की विवेचना (Investigation) आगे बढ़ी और नए तथ्य सामने आए, पुलिस ने कानूनी शिकंजा और कड़ा कर दिया। दौरान-ए-विवेचना इस अभियोग में धारा 65(1) और 61 BNS के साथ-साथ अत्यंत गंभीर माने जाने वाले SC/ST Act की धारा 3(2)(VA) की वृद्धि की गई। इन गंभीर धाराओं के जुड़ने का सीधा मतलब है कि आरोपियों को अब आसानी से जमानत नहीं मिलेगी और उन्हें कठोर कारावास की सजा का सामना करना पड़ेगा।
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नगीना पुलिस का एक्शन: मुख्य आरोपी सुशांत को दबोचा
\r\n\r\nएफआईआर दर्ज होने और धाराएं बढ़ने के बाद थाना नगीना पुलिस ने आरोपियों की धरपकड़ के लिए अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय कर दिया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया, जिसे आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने का टास्क सौंपा गया था।
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रविवार, 19 जुलाई 2026 को पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए इस पूरे मामले के मुख्य और वांछित अभियुक्त सुशांत पुत्र राजाराम (निवासी ग्राम बिन्जाहेड़ी, थाना नगीना, जनपद बिजनौर) को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तारी करने वाली होनहार पुलिस टीम:
\r\n\r\nमुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने में थाना नगीना की पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। इस साहसिक टीम में शामिल थे:
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- \r\n श्री सरवेज खां (उप-निरीक्षक / SI) - थाना नगीना\r\n \r\n
- \r\n सचिन कुमार (कांस्टेबल नं. 1834) - थाना नगीना\r\n \r\n
- \r\n स्वाति (रिक्रूट महिला कांस्टेबल नं. 720) - थाना नगीना\r\n \r\n
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4 अन्य आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी
\r\n\r\nमुख्य आरोपी सुशांत की गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है, लेकिन पुलिस का ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। इस मामले में नामजद 4 अन्य आरोपी (कमलेश, सूरज, अनस और सोहित) अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
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थाना प्रभारी नगीना के अनुसार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार उनके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और नजीबाबाद तथा नगीना देहात के विभिन्न इलाकों में ताबड़तोड़ दबिश दे रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही बाकी के सभी आरोपी भी पुलिस की गिरफ्त में होंगे। पुलिस गिरफ्तार आरोपी सुशांत से कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि नाबालिग से जुड़े अन्य सुराग और बाकी आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया जा सके।
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समाज के लिए एक सबक
\r\n\r\nबिजनौर का यह मामला समाज और विशेषकर अभिभावकों के लिए भी एक बड़ा सबक है। आज के समय में असामाजिक तत्व किशोरियों और नाबालिगों को बहुत आसानी से अपने झूठे जाल में फंसा लेते हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों, उनके दोस्तों और मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर नजर रखें, साथ ही उनसे दोस्ताना व्यवहार रखें ताकि वे अपनी हर बात घर पर साझा कर सकें।
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फिलहाल, बिजनौर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा हुआ है और आम जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की भूरि-भूरि प्रशंसा की है। आगे की विधिक कार्रवाई (Legal Proceedings) न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जा रही है।
Sabse pehle comment karne wale banein.