बिजनौर, 3 अक्टूबर 2025: बिजनौर कलेक्ट्रेट परिसर शुक्रवार को उस वक्त नारों से गूंज उठा, जब भारतीय किसान यूनियन (सामाजिक) के बैनर तले दर्जनों किसान और अभिभावक एक निजी कोचिंग संस्थान के खिलाफ धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कोचिंग सेंटर पर ठगी करने और खराब शिक्षा देकर बच्चों का भविष्य बर्बाद करने का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।READ ALSO:-टक्कर मामूली, बवाल 'हाई प्रोफाइल'! मेरठ में वकील और होटल मालिक के बेटे में बीच सड़क पर दंगल, थाने में भी हुआ हंगामा
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क्या हैं अभिभावकों के आरोप?
\r\n\r\nयूनियन के जिला प्रभारी ज्ञान सिंह प्रजापति ने बताया कि इस कोचिंग संस्थान ने ऊंची फीस लेकर बच्चों को अच्छी शिक्षा देने का वादा किया था, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।
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- \r\n भाषा की बाधा: संस्थान में पढ़ाने वाले अधिकांश शिक्षक अन्य प्रदेशों से हैं, जिनकी भाषा स्थानीय बच्चों को समझ ही नहीं आती। इस कारण छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।\r\n \r\n
- \r\n ठगी का आरोप: अभिभावकों का कहना है कि उन्हें अच्छी शिक्षा का झांसा देकर ठगा गया है। जब उन्होंने इस बारे में संस्थान प्रबंधन से बात की, तो कोई सुनवाई नहीं हुई।\r\n \r\n
- \r\n फीस वापसी में आनाकानी: अब परेशान अभिभावक अपनी फीस वापस मांग रहे हैं, लेकिन कोचिंग सेंटर का प्रबंधन लगातार टालमटोल कर रहा है।\r\n \r\n
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'पहले भी की शिकायत, नहीं हुई सुनवाई'
\r\n\r\nप्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले भी कई बार संस्थान प्रबंधन और यहां तक कि जिलाधिकारी से भी इस मामले की शिकायत की जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। थक-हारकर उन्हें किसान यूनियन के साथ सड़कों पर उतरना पड़ा।
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क्या है किसानों की मांग?
\r\n\r\nकिसानों और अभिभावकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक और जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में साफ मांग की है कि जितने दिन बच्चों ने पढ़ाई की है, केवल उतने दिन की फीस काटी जाए और बाकी बची हुई पूरी रकम अभिभावकों को तुरंत वापस दिलाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
Sabse pehle comment karne wale banein.