धामपुर (Dhampur News): जनपद बिजनौर के धामपुर में सोमवार को एक जमीनी विवाद ने उस वक्त उग्र रूप ले लिया, जब शहर के एक प्रतिष्ठित चिकित्सक और एक सराफा व्यापारी आमने-सामने आ गए। खेत से मिट्टी उठाने (Soil lifting dispute) को लेकर शुरू हुई यह कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना के बाद धामपुर का माहौल गरमा गया और आक्रोशित सराफा व्यापारियों ने अनिश्चितकाल के लिए बाजार बंद कर दिया।READ ALSO:-बिजनौर न्यूज: साहूवाला रेंज में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई, हरेवली गंगा बैराज से खैर की कीमती लकड़ी से भरी पिकअप जब्त, चालक गिरफ्तार
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मामला धामपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पीपलसाना (Peepalsana Village) से जुड़ा है। आरोप है कि डॉ. एन.पी. सिंह (Dr. NP Singh) और उनके समर्थकों ने एक सराफा व्यापारी के साथ मारपीट की। घटना की सूचना आग की तरह शहर में फैली, जिसके बाद व्यापारी समाज एकजुट हो गया। दोनों पक्षों के लोग भारी संख्या में थाने पहुंचे और एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
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पीपलसाना में विवाद की जड़: खेत और मिट्टी

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस पूरे विवाद की शुरुआत धामपुर के निकटवर्ती गांव पीपलसाना में हुई। बताया जा रहा है कि वहां स्थित एक खेत से मिट्टी उठाने को लेकर डॉ. एन.पी. सिंह पक्ष और सराफा व्यापारी पक्ष के बीच पिछले कुछ समय से तनातनी चल रही थी।
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सोमवार को यह विवाद तब गहरा गया जब मिट्टी उठाने को लेकर दोनों पक्ष मौके पर आमने-सामने आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक हुई, जो बाद में हाथापाई में तब्दील हो गई। सराफा व्यापारी पक्ष का आरोप है कि डॉ. एन.पी. सिंह अपने कुछ साथियों के साथ वहां मौजूद थे और उन्होंने व्यापारी के साथ अभद्रता और मारपीट की। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि विवाद की शुरुआत व्यापारी पक्ष की ओर से की गई थी।
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बाजार में शटर गिरे, व्यापारियों में रोष

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जैसे ही सराफा व्यापारी के साथ मारपीट की खबर धामपुर के मुख्य बाजार में पहुंची, वहां हड़कंप मच गया। सराफा एसोसिएशन (Sarafa Association) से जुड़े पदाधिकारी और अन्य दुकानदार तुरंत हरकत में आ गए। व्यापारियों ने इस घटना को "गुंडागर्दी" करार देते हुए अपना विरोध दर्ज कराया।
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देखते ही देखते धामपुर का पूरा सराफा बाजार बंद हो गया। दुकानों के शटर गिर गए और व्यापारी सड़कों पर उतर आए। व्यापारियों का कहना है कि यदि शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी सुरक्षित नहीं हैं, तो सामान्य जनता का क्या होगा? उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए और उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।
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थाने में दोनों पक्षों का जमावड़ा, गहमागहमी

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विवाद के बाद दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थकों के साथ धामपुर कोतवाली (Dhampur Police Station) पहुंचे। थाने में भारी भीड़ जमा हो जाने से पुलिस के लिए भी स्थिति को संभालना चुनौतीपूर्ण हो गया। एक तरफ जहां सराफा व्यापारी और उनके समर्थक डॉ. एन.पी. सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे, वहीं डॉ. सिंह के समर्थक भी अपनी बात रखने के लिए डटे रहे।
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पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराने का प्रयास किया। कोतवाल ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर (Complaint) ली जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी।
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डॉ. एन.पी. सिंह और उनके लोगों पर गंभीर आरोप
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सराफा व्यापारी पक्ष ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में डॉ. एन.पी. सिंह और उनके साथ आए लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि डॉक्टर और उनके गुर्गों ने न केवल मारपीट की बल्कि जान से मारने की धमकी भी दी। व्यापारियों का आरोप है कि डॉक्टर अपनी रसूख का इस्तेमाल कर जमीन पर कब्जा करने और अवैध रूप से मिट्टी उठाने का दबाव बना रहे थे।
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वहीं, इस घटना ने शहर के दो बड़े वर्गों—चिकित्सक समुदाय और व्यापारी समुदाय—को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि ऐसे विवाद बातचीत से सुलझाए जाने चाहिए थे, न कि मारपीट से।
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डॉ. एन.पी. सिंह का पक्ष (Doctor's Statement)

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इस पूरे प्रकरण पर डॉ. एन.पी. सिंह ने अपनी सफाई पेश की है। मीडिया से बात करते हुए (बाइट के अनुसार) डॉ. सिंह ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि "मेरे और मेरे सहयोगियों के खिलाफ एक साजिश के तहत झूठा माहौल बनाया जा रहा है। असल में, खेत पर अवैध अतिक्रमण और मिट्टी चोरी का विरोध करने पर दूसरे पक्ष ने अभद्रता शुरू की थी। हमने सिर्फ अपना बचाव किया। कानून पर मुझे पूरा भरोसा है और जांच में दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"
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बिजनौर में मिट्टी खनन: एक बड़ी समस्या

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बिजनौर जिले (Bijnor News) में मिट्टी खनन (Soil Mining) एक संवेदनशील मुद्दा रहा है। अक्सर देखा गया है कि अवैध मिट्टी खनन और परिवहन को लेकर गांवों में विवाद होते रहते हैं। प्रशासन द्वारा कई बार सख्त कदम उठाए जाने के बावजूद, मिट्टी माफिया और स्थानीय दबंगों के बीच झड़पें आम हैं।
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पीपलसाना की यह घटना भी इसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। यह जांच का विषय है कि जिस खेत से मिट्टी उठाई जा रही थी, क्या उसके लिए प्रशासन से अनुमति ली गई थी? या फिर यह अवैध खनन का मामला है? पुलिस अब राजस्व विभाग (Revenue Department) की मदद से यह भी जांचेगी कि जमीन का असली मालिक कौन है और मिट्टी उठाने का अधिकार किसके पास था।
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पुलिस की कार्रवाई और आगे की रणनीति

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धामपुर पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बाजार और विवादित स्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया है। सीओ धामपुर (CO Dhampur) ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और मौके पर मौजूद गवाहों के बयानों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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पुलिस के सामने अब दोहरी चुनौती है:
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    कानून व्यवस्था बनाए रखना: आक्रोशित व्यापारियों को शांत करना ताकि बाजार दोबारा खुल सके और आम जनजीवन प्रभावित न हो।
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    निष्पक्ष जांच: चूंकि मामला एक हाई-प्रोफाइल डॉक्टर और एक प्रभावशाली व्यापारी वर्ग के बीच का है, इसलिए पुलिस पर किसी भी पक्ष के दबाव में न आने का भी दबाव है।
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धामपुर (Dhampur) की यह घटना यह दर्शाती है कि कैसे छोटे-छोटे जमीनी विवाद बड़े सामाजिक संघर्ष का रूप ले लेते हैं। डॉ. एन.पी. सिंह और सराफा व्यापारी के बीच हुआ यह टकराव अब पुलिस की जांच पर निर्भर है। यदि पुलिस ने समय रहते निष्पक्ष कार्यवाही नहीं की, तो व्यापारियों का आंदोलन और उग्र हो सकता है। फिलहाल, शहर की नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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