उत्तर प्रदेश की राजनीति में पश्चिमी यूपी हमेशा से सत्ता की चाबी रहा है। इसी कड़ी में बिजनौर जनपद से एक बड़ी राजनीतिक हलचल सामने आई है। नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने बिजनौर के नूरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल रोजा इफ्तार कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने आगामी Azad Samaj Party 2027 Election (आजाद समाज पार्टी 2027 चुनाव) की तैयारियों का बिगुल फूंका और सूबे की योगी सरकार पर कानून व्यवस्था से लेकर बेरोजगारी तक के मुद्दों पर तीखा प्रहार किया। गांव मंझोला बिल्लोच में पार्टी के पश्चिमी उत्तर प्रदेश जोन प्रभारी गोहर इकबाल के आवास (जेके फार्म हाउस) पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोगों ने भाग लेकर आपसी भाईचारे का मजबूत संदेश दिया।READ ALSO:-मेरठ में खूनी होली: पहले पत्नी का रेता गला, फिर खुद फंदे से झूला; 10 साल के मासूम के सामने उजड़ गया पूरा परिवार
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इस विस्तृत विश्लेषणात्मक रिपोर्ट में हम जानेंगे कि चंद्रशेखर आजाद की यह रैली और उनके द्वारा किए गए दावे उत्तर प्रदेश की राजनीति, विशेषकर 2027 के विधानसभा चुनावों के परिदृश्य को किस तरह बदलने की क्षमता रखते हैं।
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रोजा इफ्तार से 'भाईचारा' का राजनीतिक और सामाजिक संदेश

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बिजनौर के नूरपुर में आयोजित इस रोजा इफ्तार कार्यक्रम को केवल एक धार्मिक आयोजन के नजरिए से नहीं देखा जा सकता। राजनीति में इफ्तार पार्टियां हमेशा से सामाजिक समीकरण साधने और राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का एक प्रमुख मंच रही हैं। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट कर दिया कि उनकी राजनीति का मूल आधार सर्वसमाज को साथ लेकर चलना है। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ इस बात की गवाह बनी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आजाद समाज पार्टी अपनी जड़ें कितनी तेजी से गहरी कर रही है।
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मुस्लिम समुदाय के पवित्र महीने रमजान के दौरान आयोजित इस कार्यक्रम में दलित, मुस्लिम, पिछड़े और किसान वर्ग के लोगों की भारी उपस्थिति ने उस 'भाईचारा' फॉर्मूले पर मुहर लगाई, जिसका जिक्र चंद्रशेखर आजाद अपने हर भाषण में करते हैं। यह आयोजन Azad Samaj Party 2027 Election के लिए उस मजबूत नींव को दर्शा रहा था, जिसे पार्टी जमीनी स्तर पर तैयार कर रही है।
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गोहर इकबाल: पश्चिमी यूपी में आजाद समाज पार्टी के रणनीतिकार

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अपने संबोधन के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने आजाद समाज पार्टी के जोन प्रभारी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, गोहर इकबाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोहर इकबाल पार्टी के सबसे मजबूत, निष्ठावान और भरोसेमंद नेताओं की सूची में सबसे ऊपर हैं।
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सांसद आजाद ने एक भावुक संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उनका और गोहर इकबाल का रिश्ता कोई आज का नहीं है, बल्कि यह उस दौर का है जब आजाद समाज पार्टी का राजनीतिक गठन भी नहीं हुआ था और वे केवल बहुजन समाज के अधिकारों के लिए सामाजिक संघर्ष कर रहे थे। उन्होंने कहा, "गोहर इकबाल की कार्यशैली, उनकी जमीनी पकड़ और लोगों के प्रति उनके व्यवहार से मैं व्यक्तिगत रूप से काफी प्रभावित हूं। पार्टी ने उनकी इसी क्षमता को देखते हुए उन्हें पूरे जोन की एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।"
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यह जिम्मेदारी छोटी नहीं है। चंद्रशेखर आजाद ने खुलासा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की करीब 110 विधानसभा सीटों पर संगठन को मजबूत करने, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ने और सबसे महत्वपूर्ण, प्रत्याशियों के चयन में गोहर इकबाल की भूमिका बेहद अहम होने वाली है। 110 सीटों का मतलब है उत्तर प्रदेश विधानसभा की कुल सीटों (403) का एक चौथाई से अधिक हिस्सा। यह स्पष्ट करता है कि Azad Samaj Party 2027 Election में पश्चिमी यूपी को अपना सबसे बड़ा किला बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।
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नगीना जीत का फॉर्मूला और 2027 का बड़ा दावा

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कार्यक्रम के दौरान मीडिया और जनता से रूबरू होते हुए चंद्रशेखर आजाद ने नगीना लोकसभा चुनाव में अपनी ऐतिहासिक जीत का संदर्भ दिया। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह नगीना में दलित, मुस्लिम, किसान और समाज के अन्य कमजोर वर्गों ने एकजुट होकर भाईचारे की एक ऐसी मिसाल कायम की, जिसके परिणामस्वरूप भारतीय जनता पार्टी (BJP) को डेढ़ लाख से अधिक वोटों के भारी अंतर से हार का सामना करना पड़ा।
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सांसद ने हुंकार भरते हुए कहा, "यही नगीना का भाईचारा अब पूरे उत्तर प्रदेश में मजबूत किया जाएगा।" उन्होंने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में आजाद समाज पार्टी के बिना उत्तर प्रदेश में किसी भी पार्टी की सरकार नहीं बनेगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि ASP आगामी चुनावों में एक किंगमेकर (Kingmaker) या मुख्य सत्ताधारी दल के रूप में उभरने वाली है और राजनीतिक दल उन्हें नजरअंदाज करने की भूल नहीं कर सकते।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अनदेखी और युवाओं का दर्द

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चंद्रशेखर आजाद का फोकस केवल राजनीतिक बयानों तक सीमित नहीं रहा; उन्होंने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बुनियादी और ढांचागत समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। पश्चिमी यूपी, जिसे अपनी कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था और गन्ना बेल्ट के रूप में जाना जाता है, आजाद के अनुसार राजनीतिक विकास के मामले में हमेशा हाशिए पर रहा है।
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उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इस समृद्ध बेल्ट को हर सरकार ने सिर्फ वोट बैंक के लिए इस्तेमाल किया और विकास के नाम पर नजरअंदाज किया। उन्होंने कहा, "आज यहां के पढ़े-लिखे नौजवान, जिनके हाथों में डिग्रियां हैं, वे बेरोजगारी के कारण सड़कों पर भटकने को मजबूर हैं। सरकार के पास युवाओं को रोजगार देने की कोई ठोस नीति नहीं है।"
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आजाद ने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी का मुख्य प्रयास इस क्षेत्र को राजनीतिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि सत्ता का विकेंद्रीकरण हो सके और यहां के युवाओं को उनके घर के आस-पास ही रोजगार के पर्याप्त अवसर मिल सकें।
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कानून व्यवस्था पर सीधा हमला: "नगीना में डॉक्टर की हत्या सबसे बड़ी विफलता"

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उत्तर प्रदेश सरकार लगातार 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) और सख्त कानून व्यवस्था का दावा करती है, लेकिन चंद्रशेखर आजाद ने इन दावों की हवा निकालते हुए प्रदेश की कानून व्यवस्था को बेहद 'चिंताजनक' करार दिया।
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अपने ही संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने हाल ही में नगीना में हुई एक डॉक्टर की नृशंस हत्या का जिक्र किया। उन्होंने आक्रोशित लहजे में कहा, "अगर एक डॉक्टर को अस्पताल में उसके अपने केबिन के अंदर घुसकर दिनदहाड़े गोली मार दी जाती है, तो इससे बड़ी सरकार और पुलिस महकमे की विफलता और क्या हो सकती है? आम आदमी अपने काम की जगह पर भी सुरक्षित नहीं है।"
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बुलडोजर न्याय पर तीखी प्रतिक्रिया: उन्होंने उत्तर प्रदेश में चल रही 'बुलडोजर कार्रवाई' (Bulldozer Action) पर भी कड़ा प्रहार किया। आजाद ने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिना किसी अदालत के आदेश और बिना उचित कानूनी प्रक्रिया (Due Process) का पालन किए लोगों के घरों और संपत्तियों पर बुलडोजर चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "सरकार पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। कई मामलों में बाद में माननीय न्यायालय उन लोगों को निर्दोष बताता है, लेकिन तब तक उनके जीवन भर की पूंजी उस बुलडोजर के नीचे दबकर मलबे में तब्दील हो चुकी होती है। यह न्याय नहीं, तानाशाही है।"
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माफिया राज और केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप

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राजनीतिक विरोधियों पर होने वाली कार्रवाई को लेकर चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट कहा कि उत्तर प्रदेश से माफिया राज पूरी तरह से खत्म होना चाहिए, इसके पक्ष में आजाद समाज पार्टी हमेशा खड़ी है। लेकिन, उन्होंने वर्तमान सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हालात ये हैं कि जो भी व्यक्ति या नेता सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर बदले की भावना से कार्रवाई की जाती है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की आवाजों को दबाने के लिए सीबीआई (CBI), इनकम टैक्स (Income Tax), और ईडी (ED) जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है या उन पर फर्जी मुकदमे लाद दिए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने मंच से गरजते हुए कहा कि "आजाद समाज पार्टी इन हथकंडों से डरने या झुकने वाली नहीं है। हम प्रदेश के हालात बदलने के लिए अपना संघर्ष सड़क से लेकर संसद तक जारी रखेंगे।"
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13 जातियों का गठबंधन: सामाजिक इंजीनियरिंग का नया अध्याय

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Azad Samaj Party 2027 Election की रणनीति का सबसे दिलचस्प और रणनीतिक पहलू चंद्रशेखर आजाद का नया सामाजिक इंजीनियरिंग (Social Engineering) फॉर्मूला है। उन्होंने खुलासा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में केवल एक या दो जातियों पर निर्भर रहने के बजाय, पार्टी ने 13 विभिन्न जातियों को जोड़कर एक अभेद्य 'भाईचारा संगठन' तैयार किया है।
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इस वृहद गठबंधन में गुर्जर, जाट, सिख, पाल, प्रजापति, कश्यप, सैनी, लोधी, सैन, विश्वकर्मा समाज समेत कई अन्य अति पिछड़े और अल्पसंख्यक समाज शामिल हैं। यह रणनीति बहुजन समाज पार्टी (BSP) के पुराने 'सोशल इंजीनियरिंग' फॉर्मूले का एक उन्नत और अधिक समावेशी रूप दिखाई देती है।
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आजाद ने बताया कि पार्टी का स्पष्ट लक्ष्य समाज के सभी उपेक्षित और मेहनतकश वर्गों को एक साथ लेकर संगठन को ग्राम पंचायत स्तर तक मजबूत करना है। उन्होंने अपना चुनावी लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि पार्टी की कोशिश पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हर विधानसभा सीट पर कम से कम एक लाख से अधिक वोट हासिल करने की है, जो किसी भी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए काफी है।
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राजनीतिक गठबंधन और आगामी महा-रैलियां

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जब पत्रकारों ने उनसे 2027 के चुनावों के लिए अन्य राजनीतिक दलों (जैसे समाजवादी पार्टी या कांग्रेस) के साथ गठबंधन के सवाल किए, तो चंद्रशेखर आजाद ने बेहद कूटनीतिक और आत्मविश्वास भरा जवाब दिया। उन्होंने कहा, "हमारे लिए जनता के गठबंधन से बड़ा कोई गठबंधन नहीं होता। अगर जनता हमारे साथ खड़ी है, तो हमें किसी अन्य सहारे की जरूरत नहीं है।"
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पार्टी के विस्तार और शक्ति प्रदर्शन की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि आजाद समाज पार्टी पूरे प्रदेश में अब तक सात बड़ी और सफल रैलियां कर चुकी है। उन्होंने आने वाले कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए बताया कि:
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    15 मार्च (बाराबंकी): पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर बाराबंकी में एक ऐतिहासिक और विशाल रैली का आयोजन किया जाएगा, जो पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में पार्टी की ताकत का अहसास कराएगी।
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    29 मार्च (लखीमपुर खीरी): तराई बेल्ट में किसानों और मजदूरों के मुद्दों को लेकर लखीमपुर खीरी में भी एक बहुत बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
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संसद से सड़क तक विकास और रोजगार की मांग

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एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि के तौर पर चंद्रशेखर आजाद ने बताया कि वे केवल चुनावी राजनीति नहीं कर रहे हैं, बल्कि संसद भवन में भी अपने क्षेत्र और प्रदेश के अहम मुद्दों को पूरी मजबूती से उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनके प्रस्तावों में क्षेत्र में नए उद्योग स्थापित करना, जर्जर सड़कों का निर्माण, नदियों पर पुल बनाना, और शिक्षा व स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
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उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग: उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से पुरजोर मांग की कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आबादी और जरूरतों को देखते हुए यहां आईआईटी (IIT), आईआईएम (IIM), सरकारी मेडिकल कॉलेज (Medical College), एम्स (AIIMS) जैसी उच्च स्तरीय संस्थाएं और युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम (International Stadium) की तत्काल स्थापना होनी चाहिए।
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बेरोजगारी के ज्वलंत मुद्दे पर बात करते हुए आजाद ने तंज कसा कि वे सरकार से युवाओं के लिए नौकरियां मांग-मांग कर थक चुके हैं, लेकिन सरकार के कान पर जूं नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा, "युवाओं को उनका हक दिलाने और रोजगार देने के लिए अब हमें राजनीतिक शक्ति अपने हाथों में लेनी होगी। अगर 2027 में जनता ने हमें मौका दिया, तो हम उत्तर प्रदेश में एक ऐसा पारदर्शी सिस्टम बनाएंगे जहां किसी भी युवा को सरकारी नौकरी के लिए नेताओं या दफ्तरों के धक्के नहीं खाने पड़ेंगे।"
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आजाद समाज पार्टी का 2027 का संभावित घोषणापत्र (Manifesto Blueprint)

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इफ्तार कार्यक्रम के अंत में, चंद्रशेखर आजाद ने Azad Samaj Party 2027 Election के संभावित घोषणापत्र की एक झलक पेश की। यह स्पष्ट था कि उनकी पार्टी केवल राजनीतिक वादे नहीं कर रही, बल्कि समाज के हर उस वर्ग को छूने का प्रयास कर रही है जो आज आर्थिक तंगी और शोषण का शिकार है। उन्होंने जो प्रमुख वादे और विजन साझा किए, वे इस प्रकार हैं:
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    शिक्षा और स्वास्थ्य: सरकारी स्कूलों और अस्पतालों का निजीकरण रोकना और उन्हें विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करना।
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    महिला सशक्तिकरण: महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए उन्हें घर पर ही रोजगार (Work from Home / Cottage Industries) के संसाधन उपलब्ध कराना।
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    पुलिस सुधार: पुलिसकर्मियों के मानसिक तनाव को कम करने और मानवीय गरिमा बनाए रखने के लिए पुलिस की ड्यूटी को 24 घंटे से घटाकर फिक्स 8 घंटे (8-hour shift) करना।
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    टोल टैक्स मुक्ति: आम जनता और किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए सड़कों पर लगाए गए अनियंत्रित टोल सिस्टम को पूरी तरह खत्म करना।
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    मानदेय कर्मियों के वेतन में वृद्धि: राज्य में वर्षों से अल्प वेतन पर काम कर रहे पीआरडी (PRD) जवानों, होमगार्ड्स (Homeguards), आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं (Anganwadi Workers), पंचायत सहायकों, ग्राम प्रधानों और कोटेदारों (Ration dealers) के वेतन और भत्तों में सम्मानजनक वृद्धि करना, ताकि वे भी एक गरिमापूर्ण जीवन जी सकें।
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कार्यक्रम के समापन पर मंच पर मौजूद आजाद समाज पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, संभावित प्रत्याशी और बड़ी संख्या में आए कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिला। चंद्रशेखर आजाद की आक्रामकता और उनकी सुनियोजित राजनीतिक रणनीति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव केवल दोतरफा मुकाबला नहीं होने वाला है, बल्कि आजाद समाज पार्टी इसमें एक बेहद निर्णायक और शक्तिशाली धुरी बनकर उभरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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बिजनौर के नूरपुर क्षेत्र में गोहर इकबाल के फार्म हाउस पर आयोजित विशाल रोजा इफ्तार कार्यक्रम में नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने 2027 यूपी विधानसभा चुनावों का शंखनाद किया। उन्होंने गोहर इकबाल को पश्चिमी यूपी की 110 सीटों की अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए 13 जातियों के 'भाईचारा' संगठन को पार्टी की ताकत बताया। आजाद ने योगी सरकार पर कानून व्यवस्था (नगीना डॉक्टर हत्याकांड), बिना कोर्ट आदेश के बुलडोजर कार्रवाई और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए जमकर निशाना साधा। साथ ही, उन्होंने पश्चिमी यूपी में IIT, IIM, एम्स की मांग करते हुए 2027 में पुलिस की 8 घंटे की ड्यूटी, टोल सिस्टम खत्म करने और पीआरडी, आंगनवाड़ी व होमगार्ड्स के वेतन वृद्धि का चुनावी वादा किया। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में आजाद समाज पार्टी के बिना यूपी में कोई भी सरकार नहीं बन सकेगी।
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