[बिजनौर/अफजलगढ़, क्राइम रिपोर्टर] दिनांक: 14 फरवरी 2026
\r\n\r\nबिजनौर पुलिस ने अंतरराज्यीय (Inter-state) अपराधियों और आर्थिक भगोड़ों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में अफजलगढ़ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने जीएसटी (GST) चोरी और फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी पड़ोसी राज्य उत्तराखंड का निवासी है और बिजनौर में बैठकर फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहा था।READ ALSO:-बिजनौर: सड़क पर 'सनक' - ओवरटेक करने पर तान दिया तमंचा और कर दी फायरिंग; लेकिन इस बार दांव उल्टा पड़ा, वादी ने जान पर खेलकर दोनों हमलावरों को दबोचा
\r\n\r\n\r\n\r\n
क्या है पूरा मामला? (The Case Details)
\r\n\r\nइस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब श्री आशुतोष कुमार सिंह, सहायक आयुक्त राज्य कर (खण्ड-1, धामपुर) ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। तहरीर में बताया गया कि 'A R TRADERS' (ए.आर. ट्रेडर्स) नाम की एक फर्म पंजीकृत है, जिसके स्वामी के रूप में हबीबुल हसन (निवासी जसपुर, उत्तराखंड) का नाम दर्ज है। जांच में पाया गया कि यह फर्म वास्तविक व्यापार करने के बजाय केवल कागजों पर फर्जी बिलिंग कर रही है और सरकार को जीएसटी (GST) का भुगतान नहीं कर रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n#BijnorPolice
\r\n— Bijnor Police (@bijnorpolice) February 14, 2026
\r\nथाना अफजलगढ पुलिस द्वारा मु0अ0सं0 362/25 धारा 420/ 467/468/471/120बी भादवि से सम्बन्धित वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया गया। #UPPolice pic.twitter.com/33BQgdyAHw
\r\n\r\n
विवेचना में आया 'वसीम' का नाम
\r\n\r\nपुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जब विवेचना (Investigation) शुरू की, तो परत-दर-परत नए राज खुले। जांच में पता चला कि इस पूरे खेल में केवल हबीबुल हसन ही नहीं, बल्कि वसीम नाम का एक अन्य व्यक्ति भी बराबर का हिस्सेदार और साजिशकर्ता है। वसीम ही पर्दे के पीछे रहकर इस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहा था।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
गिरफ्तारी और पहचान
\r\n\r\nअफजलगढ़ पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n गिरफ्तार अभियुक्त: वसीम (पुत्र मुन्तयाज हुसैन)।\r\n \r\n
- \r\n निवासी: ग्राम खेड़ा लक्ष्मीपुर, थाना जसपुर, जनपद उधमसिंह नगर (उत्तराखंड)।\r\n \r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
बरामदगी: दूसरे के नाम का आधार कार्ड मिला
\r\n\r\nगिरफ्तारी के वक्त पुलिस को वसीम के पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि यह गिरोह दूसरों की पहचान (Identity Theft) का इस्तेमाल कर फर्जी फर्में बना रहा था।
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n मोबाइल: एक रेडमी कंपनी का फोन (हल्का हरा-नीला)।\r\n \r\n
- \r\n आधार कार्ड (2): एक आधार कार्ड स्वयं वसीम का है, लेकिन दूसरा आधार कार्ड विकास सिंह नाम के किसी अन्य व्यक्ति का है। (पुलिस जांच कर रही है कि क्या विकास सिंह के नाम पर भी कोई फर्जी फर्म खोली गई है)।\r\n \r\n
- \r\n पैन कार्ड: वसीम के नाम का पैन कार्ड।\r\n \r\n
\r\n\r\n
कानूनी शिकंजा: जालसाजी की गंभीर धाराएं
\r\n\r\nपुलिस ने इस मामले में बेहद सख्त रुख अपनाया है। अभियुक्त वसीम के खिलाफ थाना अफजलगढ़ पर मुकदमा अपराध संख्या (मु0अ0सं0) 362/2025 दर्ज है। उस पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की निम्नलिखित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं:
\r\n\r\n\r\n\r\n
- \r\n
- \r\n धारा 420: (धोखाधड़ी)।\r\n \r\n
- \r\n धारा 467: (मूल्यवान प्रतिभूति की जालसाजी - इसमें आजीवन कारावास तक का प्रावधान है)।\r\n \r\n
- \r\n धारा 468: (धोखाधड़ी के उद्देश्य से कूटरचना)।\r\n \r\n
- \r\n धारा 471: (फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में प्रयोग करना)।\r\n \r\n
- \r\n धारा 120बी: (आपराधिक षड्यंत्र)।\r\n \r\n
\r\n\r\n
पुलिस का बयान
\r\n\r\nअफजलगढ़ थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है कि उसने अब तक कितनी फर्जी फर्में बनाई हैं और सरकार को कितने करोड़ का नुकसान पहुंचाया है। पुलिस अग्रिम वैधानिक कार्यवाही पूरी कर उसे जेल भेज रही है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
(Disclaimer: यह रिपोर्ट बिजनौर पुलिस (थाना अफजलगढ़) द्वारा 14 फरवरी 2026 को जारी प्रेस नोट पर आधारित है।)
Sabse pehle comment karne wale banein.