बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है। सड़कों पर बेलगाम दौड़ते भारी वाहनों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को शेरकोट थाना क्षेत्र में रफ़्तार के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। एक तेज रफ्तार इंडियन ऑयल (Indian Oil) के विशालकाय टैंकर ने बाइक सवार भाई-बहन को जोरदार टक्कर मार दी और महिला को बेरहमी से कुचल दिया।READ ALSO:-गुड न्यूज़: ऑफिस में अब 'ओवरटाइम' होगा डबल मुनाफे का सौदा! 1 घंटे के एक्स्ट्रा काम पर मिलेगी 2 घंटे की सैलरी, लागू हुए नए कड़क नियम
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इस खौफनाक हादसे में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बाइक चला रहा उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया है। सबसे बड़ी विडंबना और दुखद बात यह है कि मृतका किसी पुरानी चोट के टांके (Stitches) कटवाने के लिए अस्पताल गई थी और वहां से लौटते वक्त ही मौत ने उसे अपने आगोश में ले लिया। हादसे के बाद से मृतका के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। आइए, इस हृदयविदारक घटना के पूरे घटनाक्रम और पुलिस की अब तक की कार्रवाई पर विस्तार से नजर डालते हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

कहां और कैसे हुआ यह खौफनाक हादसा?

\r\n\r\n
यह भीषण सड़क हादसा बिजनौर जिले के शेरकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हरेवली रोड पर हुआ है। जानकारी के अनुसार, हरेवली रोड पर स्थित गांव नूरपुर छिपरी के पास से यह भाई-बहन अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर गुजर रहे थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
प्रत्यक्षदर्शियों (चश्मदीदों) के मुताबिक, जिस समय बाइक सवार भाई-बहन अपनी साइड से सामान्य गति में जा रहे थे, तभी पीछे या सामने से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार इंडियन ऑयल के टैंकर ने अपना नियंत्रण खो दिया। भारी-भरकम टैंकर के चालक ने लापरवाही से वाहन चलाते हुए बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
\r\n\r\n

 

विज्ञापन
विज्ञापन
\r\n\r\n
टक्कर इतनी भयंकर थी कि बाइक चला रहा भाई छिटक कर सड़क के दूसरी ओर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, बाइक के पीछे बैठी उसकी बहन सीधे टैंकर के विशाल और भारी पहियों की चपेट में आ गई। टैंकर महिला को बुरी तरह कुचलता हुआ आगे निकल गया, जिससे मौके पर ही अत्यधिक खून बहने और गंभीर चोटों के कारण उसकी दर्दनाक मौत हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

नियति का क्रूर मजाक: अस्पताल से लौटते वक्त मिली मौत

\r\n\r\n
इस हादसे का सबसे मार्मिक और रुला देने वाला पहलू यह है कि यह परिवार पहले से ही एक मेडिकल परेशानी से गुजर रहा था। जानकारी के मुताबिक, मृतका को कुछ समय पहले कोई चोट लगी थी या कोई मेडिकल प्रोसीजर हुआ था, जिसके चलते उसे टांके (Stitches) लगे हुए थे।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
शुक्रवार को वह अपने भाई के साथ उन्हीं टांकों को कटवाने के लिए स्थानीय अस्पताल गई थी। अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने और टांके कटवाने के बाद, दोनों भाई-बहन राहत की सांस लेते हुए वापस अपने घर की ओर लौट रहे थे। उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस मेडिकल समस्या से वे निजात पाकर लौट रहे हैं, उससे कहीं बड़ा काल सड़क पर इंडियन ऑयल के टैंकर के रूप में उनका इंतजार कर रहा है। नियति के इस क्रूर मजाक ने पूरे इलाके के लोगों की आंखें नम कर दी हैं।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भीड़ को आता देख मौके से फरार हुआ 'कातिल' चालक

\r\n\r\n
हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल का नजारा बेहद डरावना और हृदयविदारक था। सड़क पर खून बिखरा हुआ था और घायल भाई अपनी बहन के शव को देखकर दर्द और सदमे से चीख-पुकार मचा रहा था।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
इतने बड़े एक्सीडेंट के बाद अक्सर भारी वाहनों के चालक भीड़ के गुस्से और पिटाई (Mob Lynching) के डर से भाग निकलते हैं। इस मामले में भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ। घटना को अंजाम देने के बाद, इंडियन ऑयल के टैंकर चालक ने इंसानियत नहीं दिखाई। उसने घायल भाई या कुचली गई महिला की कोई मदद करने के बजाय, टैंकर को मौके पर ही छोड़ दिया और वहां से मौका पाकर रफूचक्कर (फरार) हो गया। कुछ ही देर में वहां राहगीरों और स्थानीय ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: शव को कब्जे में लिया, चालक की तलाश तेज

\r\n\r\n
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही शेरकोट थाने की पुलिस फोर्स भारी दलबल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गई।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
    \r\n
  • \r\n
    शव और घायल को भेजा अस्पताल: पुलिस ने सबसे पहले मौके पर जमा भीड़ को तितर-बितर कर हाईवे का यातायात सुचारू करवाया। इसके बाद, पुलिस ने महिला के क्षत-विक्षत शव को अपने कब्जे में लेकर पंचायतनामा (Inquest) की कार्रवाई पूरी की और उसे पोस्टमार्टम (Post-Mortem) के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घायल भाई को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    टैंकर जब्त, तलाश जारी: पुलिस ने दुर्घटना को अंजाम देने वाले विशालकाय इंडियन ऑयल टैंकर को अपने कब्जे में ले लिया है और उसे थाने भिजवा दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टैंकर के नंबर (Registration Plate) और कंपनी के रिकॉर्ड के आधार पर फरार आरोपी चालक की पहचान की जा रही है।
    \r\n
  • \r\n
  • \r\n
    मुकदमा दर्ज: पुलिस ने मृतका के परिजनों की तहरीर (लिखित शिकायत) के आधार पर आरोपी टैंकर चालक के खिलाफ तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाने (Rash Driving) और गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस की कई टीमें फरार चालक की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है।
    \r\n
  • \r\n
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

परिवार में मचा कोहराम, महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल

\r\n\r\n
इस मनहूस खबर के गांव और घर पहुंचते ही मृतका के परिवार में मातम छा गया। जो परिवार सुबह अपनी बेटी को अस्पताल यह सोचकर भेज रहा था कि वह अब पूरी तरह स्वस्थ होकर लौटेगी, उन्हें उसकी खून से लथपथ लाश की खबर मिली।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
घर की महिलाओं और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में इस दर्दनाक हादसे को लेकर शोक की लहर दौड़ गई है। लोग पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने उनके घर पहुंच रहे हैं, लेकिन अचानक हुए इस वज्रपात ने पूरे परिवार को तोड़ कर रख दिया है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n

भारी वाहनों का बढ़ता आतंक: सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल

\r\n\r\n
शेरकोट और बिजनौर के आसपास के इलाकों में यह कोई पहली घटना नहीं है। राज्य राजमार्गों (State Highways) और ग्रामीण सड़कों पर ओवरलोडेड डंपर, ट्रक और तेल के भारी टैंकरों का तेज गति से दौड़ना एक आम बात हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि भारी वाहनों के चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर अंधी रफ़्तार से गाड़ियां दौड़ाते हैं, जिसकी वजह से आए दिन ऐसे जानलेवा सड़क हादसे होते रहते हैं। प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस की तमाम चेतावनियों और अभियानों के बावजूद इन 'सड़क के यमदूतों' की रफ़्तार पर लगाम नहीं लग पा रही है।
\r\n\r\n

 

\r\n\r\n
बिजनौर के शेरकोट में हुआ यह हादसा हमारी सड़क सुरक्षा व्यवस्था (Road Safety) की एक डरावनी तस्वीर पेश करता है। एक निर्दोष महिला की जान चली गई और एक परिवार जीवन भर के लिए गहरे सदमे में डूब गया। अब यह पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वे फरार आरोपी चालक को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजें, ताकि पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय मिल सके। साथ ही, ऐसे मार्गों पर भारी वाहनों की गति सीमा (Speed Limit) को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में कोई और भाई अपनी बहन को इस तरह सड़क पर न खो दे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पढ़िए फटाफट खबरेंस्वाइप करके पढ़ें