उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के बिजनौर (Bijnor) जिले में पुलिस महकमे के भीतर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में एक साथ पांच पुलिसकर्मियों पर निलंबन (Suspension) की गाज गिरा दी। निलंबित होने वालों में नांगल थाने में तैनात एक दरोगा (Sub-Inspector) और चार सिपाही (Constables) शामिल हैं। यह पूरी कार्रवाई एक अंतरराज्यीय छापेमारी (Inter-state Raid) के दौरान हुई भारी प्रक्रियात्मक चूक और उस दौरान घटी एक खौफनाक घटना के बाद की गई है।READ ALSO:-मेरठ के होटल में बड़ा खेल: नाबालिग किशोरी के लिए बनवाया गया 'फर्जी आधार कार्ड', खुद को बीजेपी नेता बताने वाला संचालक अमन फौजी गिरफ्तार!
\r\n\r\n\r\n\r\n
गुरुग्राम में आरोपी को पकड़ने गई बिजनौर पुलिस की टीम के सामने ही एक शातिर अपराधी ने खुद को गोली मार ली थी। इस घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। आइए, सिलसिलेवार तरीके से समझते हैं कि आखिर तिसोतरा गांव की एक घटना कैसे गुरुग्राम के खूनी अंजाम तक पहुंची और क्यों एसपी को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद? तिसोतरा गांव में हुई थी फायरिंग
\r\n\r\nइस पूरी घटना की जड़ें बिजनौर के नांगल थाना क्षेत्र के तिसोतरा गांव से जुड़ी हुई हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, 1 अगस्त को तिसोतरा गांव में एक महिला के घर के बाहर अज्ञात बदमाशों द्वारा दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग की गई थी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सूचना मिलते ही नांगल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची थी। पीड़ित महिला की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ फायरिंग और जानलेवा हमले का संगीन मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को कुछ ही दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था और उसे सलाखों के पीछे (जेल) भेज दिया था। लेकिन, पुलिस का काम अभी अधूरा था, क्योंकि इस पूरी वारदात का दूसरा मुख्य आरोपी 'पंकज' अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
\r\n\r\nFollow the Khabreelal News channel on WhatsApp Join › \r\n\r\n
सर्विलांस का अलर्ट और गुरुग्राम में आरोपी की लोकेशन
\r\n\r\nफरार आरोपी पंकज को पकड़ने के लिए पुलिस की कई टीमें लगाई गई थीं। सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के जरिए पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि पंकज उत्तर प्रदेश की सीमा पार कर चुका है और पड़ोसी राज्य हरियाणा के गुरुग्राम (Gurugram) में छिपा हुआ है। उसकी सटीक लोकेशन गुरुग्राम के सेक्टर-14 इलाके में ट्रेस हुई।
\r\n\r\n\r\n\r\n
लोकेशन मिलते ही नांगल थाने में तैनात एक दरोगा ने अपनी टीम तैयार की, जिसमें चार अन्य सिपाहियों को शामिल किया गया। टीम बिना कोई समय गंवाए आरोपी पंकज को गिरफ्तार करने के लिए बिजनौर से सीधे गुरुग्राम के लिए रवाना हो गई। लेकिन, इसी जोश और जल्दबाजी में पुलिस टीम एक ऐसी बड़ी विभागीय गलती कर बैठी, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में भुगतना पड़ा।
\r\n\r\n\r\n\r\n
गुरुग्राम के सेक्टर-14 का वो कमरा और खौफनाक खूनी मंजर
\r\n\r\nबिजनौर पुलिस की टीम पंकज की तलाश करते हुए गुरुग्राम के सेक्टर-14 स्थित एक किराए के कमरे तक पहुंच गई। पुलिस ने जब वहां दबिश दी, तो कमरे के अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। उस कमरे में मुख्य आरोपी पंकज अकेला नहीं था। वहां पंकज की बहन, उसका एक बेहद करीबी दोस्त दिकेंदर उर्फ DK (Dikender) और DK की गर्लफ्रेंड भी मौजूद थी।
\r\n\r\n
🏪 आपके शहर के ऑफर
विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →
सभी ऑफर देखें →
अचानक सिविल और वर्दी में पुलिस को दरवाजे पर खड़ा देखकर कमरे के अंदर मौजूद लोगों के होश उड़ गए और भारी अफरा-तफरी मच गई। पुलिस अभी पंकज को हिरासत में लेने की प्रक्रिया शुरू ही कर रही थी कि अचानक पंकज का दोस्त DK घबरा गया। वह दौड़कर कमरे के अटैच बाथरूम में घुसा और उसने दरवाजा अंदर से लॉक कर लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इससे पहले कि पुलिस टीम कुछ समझ पाती या दरवाजा तोड़ पाती, बाथरूम के अंदर से एक जोरदार गोली चलने की आवाज आई। DK ने अपनी ही अवैध पिस्तौल से अपने सीने में गोली मार ली थी। गोली लगते ही वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़ा। इस आत्मघाती कदम से मौके पर चीख-पुकार मच गई। हालांकि, इस भारी हंगामे और खूनी खेल के बीच पुलिस टीम ने अपने मुख्य टार्गेट, फायरिंग के आरोपी पंकज को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
कौन था दिकेंदर उर्फ DK? क्यों मारी उसने खुद को गोली?
\r\n\r\nDK द्वारा पुलिस को देखते ही खुद को गोली मार लेने की घटना ने कई सवाल खड़े किए। पुलिस जांच और मिली जानकारी के अनुसार, दिकेंदर उर्फ DK कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी था। उस पर स्थानीय थानों में गंभीर धाराओं के तहत करीब आठ मुक़दमे (8 FIRs) दर्ज थे।
\r\n\r\n\r\n\r\n
सूत्रों के मुताबिक, DK इलाके में अवैध हथियारों की सप्लाई (Arms Smuggling) के काले धंधे में भी संलिप्त था। इसके अलावा, लोगों को सड़क पर सरेआम रोककर उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट करने के भी उस पर गंभीर आरोप थे। हाल ही में उसके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ऐसा वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसमें वह गुंडागर्दी करते हुए किसी की बेरहमी से पिटाई कर रहा था। माना जा रहा है कि पुलिस की अचानक हुई रेड से DK को लगा कि पुलिस उसी का एनकाउंटर करने या उसे गिरफ्तार करने आई है। अपनी गिरफ्तारी के खौफ और पुराने मुकदमों में लंबी सजा के डर से उसने यह खौफनाक आत्मघाती कदम उठा लिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
एसपी का कड़ा एक्शन: क्यों हुए पांचों पुलिसकर्मी सस्पेंड?
\r\n\r\nगुरुग्राम में हुई इस पूरी घटना की गूंज जब बिजनौर पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंची, तो महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधीक्षक (SP) कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इस पूरे घटनाक्रम को बेहद गंभीरता से लिया और तत्काल प्रभाव से एक आंतरिक जांच (Internal Inquiry) के आदेश दिए।
\r\n\r\n\r\n\r\n
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि नांगल पुलिस की इस टीम ने दूसरे राज्य (हरियाणा) में जाकर रेड मारने से पहले किसी भी उच्च अधिकारी (SP या CO स्तर के अधिकारी) को इसकी आधिकारिक सूचना नहीं दी थी। पुलिस विभाग के सख्त प्रोटोकॉल और स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) के अनुसार, किसी दूसरे राज्य या जिले में दबिश देने से पहले न केवल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करना अनिवार्य होता है, बल्कि संबंधित राज्य (इस मामले में गुरुग्राम पुलिस) के स्थानीय थाने को भी विश्वास में लेकर वहां आमद दर्ज करानी होती है।
\r\n\r\n\r\n\r\n
इस टीम ने इन सभी नियमों को ताक पर रखकर खुद ही रेड मार दी, जिससे एक अनियंत्रित स्थिति पैदा हुई और एक व्यक्ति (DK) की जान चली गई। इसी घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और प्रोटोकॉल के उल्लंघन को देखते हुए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सख्त कदम उठाया। उन्होंने उस दबिश में शामिल एक दरोगा और चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspended) कर दिया।
\r\n\r\n\r\n\r\n
बिजनौर एसपी की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में एक बहुत ही कड़ा संदेश गया है। यह साफ कर दिया गया है कि अपराधियों को पकड़ने के जोश में किसी भी पुलिसकर्मी को कानून की तय प्रक्रिया (Due Process of Law) और विभागीय अनुशासन को तोड़ने की इजाजत बिल्कुल नहीं दी जाएगी।
Sabse pehle comment karne wale banein.