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नगीना, बिजनौर: उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना में एक निजी नर्सिंग होम से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। नगीना-नहटौर मार्ग पर स्थित मुदित नर्सिंग होम में डिलीवरी के बाद एक महिला की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने डॉक्टर पर गलत उपचार और लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। मामले को बिगड़ता देख, आरोपी डॉक्टर नवजात शिशु को अस्पताल के अंदर ही बंद कर, दरवाजे पर अंदर से ताला लगाकर फरार हो गया।READ ALSO:-मेरठ एनकाउंटर: गैंगरेप के आरोपी शहजाद को पुलिस ने किया ढेर, माता-पिता ने शव लेने से किया इनकार, बोले- 'हमारे लिए वो 15 साल पहले ही मर चुका था'
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क्या है पूरा मामला?
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जानकारी के अनुसार, एक परिवार ने अपनी बहू को डिलीवरी के लिए मुदित नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। डिलीवरी तो हो गई, लेकिन इसके तुरंत बाद महिला की हालत तेजी से बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती, जिसके कारण महिला की जान पर बन आई। जब महिला की स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो डॉक्टर ने आनन-फानन में उसे बिजनौर के लाइफ लाइन हॉस्पिटल के लिए रेफर कर दिया, जहां महिला इस समय जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रही है।
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अस्पताल में कैद नवजात, बाहर इंसाफ की गुहार
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जैसे ही परिजनों को डॉक्टर की लापरवाही और महिला की गंभीर हालत का पता चला, उनका गुस्सा फूट पड़ा। लेकिन जब वे नर्सिंग होम पहुंचे तो उनके होश उड़ गए। आरोपी डॉक्टर अस्पताल के दरवाजे पर अंदर से ताला लगाकर मौके से फरार हो चुका था, जबकि उनका नवजात शिशु अभी भी अस्पताल के अंदर ही बंद था।
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इस अमानवीय कृत्य के बाद, पूरा परिवार और रिश्तेदार नर्सिंग होम के बाहर जमा हो गए और इंसाफ की मांग को लेकर डटे हुए हैं। उनकी चीख-पुकार और कोहराम से माहौल गमगीन हो गया। उनकी सबसे बड़ी चिंता अस्पताल के अंदर अकेले बंद अपने नवजात की सुरक्षा को लेकर है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित परिजनों को शांत कराने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन यह घटना निजी अस्पतालों की कार्यशैली और डॉक्टरों की जवाबदेही पर एक बहुत बड़ा और गंभीर सवाल खड़ा कर गई है।
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