बिजनौर/शेरकोट। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। थाना शेरकोट क्षेत्र के ग्राम मुबारक टप्पा भारती में तालाब में सिंघाड़े की बेल में दवाई लगाने गए एक व्यक्ति की पानी में डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि गांव में भी शोक का माहौल है।READ ALSO:-मौसम अलर्ट: 4 सितंबर को 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का खतरा, UP-बिहार समेत कई राज्यों में IMD की चेतावनी
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बताया जा रहा है कि व्यक्ति रोजमर्रा के काम के सिलसिले में तालाब में सिंघाड़े की बेल में दवाई लगाने के लिए गया था। इसी दौरान किसी तरह वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। काफी समय बीत जाने के बावजूद जब वह शाम तक अपने घर वापस नहीं लौटा तो परिजनों को उसकी चिंता सताने लगी।
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इसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई। तलाश के दौरान तालाब में उसके डूबने की आशंका सामने आई, जिसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया।
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शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने शुरू की तलाश

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जानकारी के मुताबिक, मृतक तालाब में सिंघाड़े की बेल में दवाई लगाने के लिए गया था। परिवार को उम्मीद थी कि काम पूरा करने के बाद वह वापस घर लौट आएगा। लेकिन शाम होने तक जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई।
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परिजनों और ग्रामीणों ने आसपास तलाश शुरू की। जब काफी खोजबीन के बावजूद उसका कोई पता नहीं चला तो तालाब में तलाश करने की कोशिश की गई। स्थानीय स्तर पर गोताखोरों को बुलाया गया और तालाब में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
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काफी मशक्कत के बाद गोताखोरों ने तालाब के पानी से व्यक्ति का शव बरामद कर लिया। शव बाहर आते ही मौके पर मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई।
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तालाब से शव मिलते ही परिवार में मचा कोहराम

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व्यक्ति के तालाब में डूबने की खबर जैसे ही परिवार तक पहुंची, वहां मातम छा गया। जिस व्यक्ति के शाम तक सुरक्षित घर लौटने का इंतजार किया जा रहा था, उसकी मौत की खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे की सूचना मिलने के बाद आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया।
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गांव में भी घटना को लेकर शोक का माहौल है। ग्रामीण मृतक के परिवार को ढांढस बंधाने में जुटे हैं।
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चार बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

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इस हादसे ने परिवार के सामने जिंदगी का एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। मृतक की मौत के बाद चार बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है।
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परिवार के लिए यह क्षति बेहद गहरी है। बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है। जिस पिता के सहारे परिवार की जिम्मेदारियां चल रही थीं, उनकी अचानक मौत से परिजनों के सामने भावनात्मक के साथ-साथ भविष्य की कई चिंताएं भी खड़ी हो गई हैं।
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मृतक की मौत की खबर ने गांव के लोगों को भी भावुक कर दिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, घटना बेहद दुखद है और परिवार पर अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
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सिंघाड़े की खेती के दौरान हुआ हादसा

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ग्रामीण इलाकों में तालाबों में सिंघाड़े की खेती की जाती है और इसकी बेलों की देखभाल के लिए किसानों या कामगारों को पानी के भीतर जाकर काम करना पड़ता है। इस दौरान पानी की गहराई और तालाब की स्थिति के कारण कई बार जोखिम भी बना रहता है।
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बताया गया है कि मृतक भी तालाब में सिंघाड़े की बेल में दवाई लगाने के लिए गया था। इसी काम के दौरान वह पानी में डूब गया। हालांकि वह किस परिस्थिति में तालाब के गहरे हिस्से में पहुंचा, इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
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घटना के बाद ग्रामीणों में भी तालाब में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता देखने को मिली।
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मुबारक टप्पा भारती गांव का पूरा मामला

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यह पूरा मामला बिजनौर जिले के थाना शेरकोट क्षेत्र के ग्राम मुबारक टप्पा भारती का बताया जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जमा हो गई।
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शाम तक व्यक्ति के घर न पहुंचने के बाद तलाश शुरू होना और फिर तालाब से शव बरामद होना परिवार के लिए किसी सदमे से कम नहीं था। गोताखोरों की मदद से शव को तालाब से बाहर निकाला गया।
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घटना के बाद स्थानीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया की गई। हादसे की वास्तविक परिस्थितियों और आगे की कार्रवाई की जानकारी संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
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तालाब और जलाशयों में काम करने वालों को सावधानी की जरूरत

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इस घटना ने तालाबों और जलाशयों में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पानी के भीतर सिंघाड़े की बेल या अन्य कृषि कार्य करते समय गहराई का सही अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है।
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ऐसे स्थानों पर काम करने वालों को संभव हो तो अकेले पानी में जाने से बचना चाहिए। साथ में किसी व्यक्ति की मौजूदगी और आवश्यक सुरक्षा साधन हादसे की स्थिति में मददगार साबित हो सकते हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों में काम करने वाले लोगों को पानी की गहराई, कीचड़ और फिसलन जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है।
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गांव में पसरा मातम, परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे ग्रामीण

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दर्दनाक हादसे के बाद मुबारक टप्पा भारती गांव में गमगीन माहौल है। मृतक के घर पर परिजनों की चीख-पुकार से माहौल बेहद भावुक हो गया। आसपास के लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
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चार बच्चों के पिता की अचानक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़े होने की बात कही है।
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बिजनौर के शेरकोट क्षेत्र की यह घटना एक बार फिर बताती है कि तालाबों और गहरे जलाशयों में काम करते समय थोड़ी सी लापरवाही या अचानक संतुलन बिगड़ना कितना घातक साबित हो सकता है।
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