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बिजनौर: उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन लंगड़ा' के तहत बिजनौर पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। नहटौर थाना क्षेत्र में बीती रात हुई एक जबरदस्त बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ (Bijnor Mein Police Muthbhed) के बाद पुलिस ने पशु चोरी की घटनाओं में वांछित चल रहे एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।READ ALSO:-बिजनौर में मतदाता सूची महाअभियान: 25 नवंबर तक का अल्टीमेटम, DM जसजीत कौर ने BLO को दिए 'मिशन मोड' में काम करने के निर्देश
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इस मुठभेड़ में पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी की गई भैंस, नकदी और अवैध हथियार बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी नहटौर पुलिस और स्वाट टीम के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, क्योंकि क्षेत्र में पशु चोरी की घटनाओं से किसान काफी परेशान थे।
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रात 2 बजे आकू चौकी के पास हुई मुठभेड़

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घटनाक्रम के अनुसार, नहटौर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पशु चोरी में वांछित अपराधी क्षेत्र में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने या भागने की फिराक में है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जाल बिछाया।
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रात्रि लगभग 02:00 बजे, नहटौर पुलिस टीम आकू चौकी क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की सघन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने जब उसे रुकने का इशारा किया, तो वह घबरा गया और पुलिस को चकमा देकर भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर बदमाश ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधी फायरिंग कर दी।
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आत्मरक्षा में पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली बदमाश के पैर में जा लगी और वह वहीं गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अपराधी अब पुलिस की रडार से बच नहीं सकते।
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कौन है गिरफ्तार बदमाश गुलफू?

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गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान गुलफू उर्फ शाहबाज़ पुत्र मुर्तजा के रूप में हुई है, जो ग्राम गावड़ी पनियलिया, थाना नूरपुर, जनपद बिजनौर का निवासी है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गुलफू एक शातिर किस्म का अपराधी है और उस पर पशु चोरी के कई मुकदमे दर्ज हैं।
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पूछताछ में गुलफू ने कबूल किया कि उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर नहटौर क्षेत्र से भैंस चोरी की घटना को अंजाम दिया था। उसने बताया कि चोरी की गई भैंस को वे ओटनी पुल के पास एक भट्ठे पर बेचने या छिपाने की फिराक में थे। पुलिस अब उसके फरार साथी की सरगर्मी से तलाश कर रही है। 
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क्या-क्या हुआ बरामद?

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पुलिस ने मौके से और आरोपी की निशानदेही पर निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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    चोरी की गई भैंस: पुलिस ने किसान की चोरी हुई भैंस को सकुशल बरामद कर लिया है।
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    नकदी: आरोपी के पास से ₹12,000 नकद मिले हैं।
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    हथियार: एक अवैध तमंचा (12 बोर) और कुछ जिंदा व खोखा कारतूस बरामद हुए हैं।
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8 नवंबर को दर्ज हुआ था मुकदमा

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इस पूरे मामले की शुरुआत 8 नवंबर को हुई थी, जब वादी सुनील कुमार ने नहटौर थाने में अपनी भैंस चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गरीब किसान की भैंस चोरी होने की घटना को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लिया और चोरों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था।
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महज कुछ ही दिनों के भीतर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए न केवल आरोपी को बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, बल्कि किसान की भैंस भी बरामद कर ली। इस त्वरित कार्रवाई से स्थानीय किसानों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है।
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पुलिस की आगे की कार्रवाई

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घायल बदमाश गुलफू को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की चोरी की धाराओं के अलावा आर्म्स एक्ट और पुलिस पर हमला करने के तहत नया मुकदमा दर्ज किया है।
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थाना प्रभारी ने बताया कि बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ के बाद फरार हुए दूसरे आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जिले में पशु तस्करों और चोरों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। 
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नहटौर में हुई इस बिजनौर में पुलिस मुठभेड़ ने अपराधियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। किसान की चोरी हुई भैंस की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस की सतर्कता का परिणाम है। यह घटना संदेश देती है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ पुलिस सख्ती से निपटेगी।
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