बिजनौर (खबरीलाल क्राइम इन्वेस्टिगेशन डेस्क): उत्तर प्रदेश में अपराधियों और तस्करों के खिलाफ योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति के तहत बिजनौर पुलिस लगातार एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में बिजनौर जिले के नगीना थाना क्षेत्र में पुलिस और शातिर पशु तस्करों के बीच एक जोरदार मुठभेड़ (Police Encounter) की खबर सामने आई है। अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल में गोकशी (पशु कटान) की फिराक में बैठे इन तस्करों ने जब पुलिस टीम पर फायरिंग की, तो पुलिस ने भी आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं।READ ALSO:-बिजनौर की सड़कों पर 'मौत का तांडव': 3 घंटे के भीतर 3 भीषण हादसों में 5 लोगों की दर्दनाक मौत, खून से लाल हुआ हाईवे
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इस खौफनाक मुठभेड़ में पुलिस की जवाबी फायरिंग से एक शातिर बदमाश के पैर में गोली लग गई और वह वहीं ढेर हो गया। वहीं, भागने की हड़बड़ाहट में उसका दूसरा साथी एक गाड़ी से जोरदार तरीके से टकराकर गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मांस (Meat) और पशु कटान के घातक उपकरण बरामद किए हैं। आइए, 'खबरीलाल' की इस विस्तृत और एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में जानते हैं इस पूरी मुठभेड़ की इनसाइड स्टोरी।
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तुक्मापुर के जंगल में रची जा रही थी नापाक साजिश

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यह पूरी घटना बिजनौर जिले के नगीना थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम तुक्मापुर के घने जंगलों की है। पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को मुखबिर (Informer) के जरिए एक बेहद पुख्ता और गुप्त सूचना मिली थी। मुखबिर ने बताया था कि तुक्मापुर के सुनसान जंगल में कुछ शातिर पशु तस्कर (Animal Smugglers) छिपे हुए हैं और वे किसी बड़े पशु के कटान (Slaughtering) की तैयारी कर रहे हैं।
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इस सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए, नगीना थाना प्रभारी ने तुरंत एक विशेष पुलिस टीम (Special Police Team) का गठन किया। टीम पूरी तैयारी के साथ हथियारों से लैस होकर बिना कोई शोर किए तुक्मापुर के जंगल की ओर रवाना हो गई। पुलिस का लक्ष्य इन तस्करों को रंगे हाथों पकड़ना और उनके नापाक मंसूबों पर पानी फेरना था।
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पुलिस की घेराबंदी और तस्करों की फायरिंग

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रात के अंधेरे में जब पुलिस टीम ने मुखबिर द्वारा बताई गई जगह पर दबिश दी, तो उन्होंने देखा कि वहां कुछ संदिग्ध लोग मौजूद हैं और पशु कटान की तैयारी चल रही है। पुलिस ने चारों तरफ से घेराबंदी (Cordon Off) कर ली और बदमाशों को सख्त लहजे में आत्मसमर्पण (Surrender) करने की चेतावनी दी।
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लेकिन, खुद को पुलिस से घिरता देख तस्करों में हड़कंप मच गया। सरेंडर करने के बजाय, इन शातिर बदमाशों ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से अवैध हथियारों से सीधी फायरिंग (Firing) शुरू कर दी। अचानक हुई इस गोलीबारी से जंगल गूंज उठा। गनीमत यह रही कि पुलिसकर्मियों ने फुर्ती दिखाते हुए पेड़ों की आड़ ले ली, जिससे किसी भी पुलिसकर्मी को गोली नहीं लगी।
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जवाबी कार्रवाई: वाहिद के पैर में लगी गोली, अल्ताफ भी पस्त

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जब बदमाशों ने पुलिस पर गोलियां बरसानी जारी रखीं, तो यूपी पुलिस ने भी अपने चिर-परिचित 'ऑपरेशन लंगड़ा' (Operation Langda) के तहत आत्मरक्षा और जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
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इस क्रॉस फायरिंग (Cross Firing) में पुलिस की एक सटीक गोली तस्कर गैंग के मुख्य गुर्गे वाहिद के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वाहिद के हाथ से हथियार छूट गया और वह दर्द से चीखता हुआ वहीं जमीन पर गिर पड़ा। अपने साथी को गोली लगता देख दूसरे बदमाश अल्ताफ के होश उड़ गए। वह अंधेरे का फायदा उठाकर वहां से भागने लगा। लेकिन, भागने की इस हड़बड़ाहट और पुलिस के खौफ के कारण वह अपना संतुलन खो बैठा और वहां खड़ी एक गाड़ी से बहुत ही बुरी तरह से टकरा गया। इस भीषण टक्कर से अल्ताफ को भी गंभीर चोटें आईं और वह भी वहीं पस्त होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों घायल बदमाशों को दबोच लिया।
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मौके से क्या-क्या हुआ बरामद? (Police Recovery)

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गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने मुठभेड़ स्थल (Encounter Spot) की सघन तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई। तस्करों ने वहां पूरी एक अवैध 'कत्लगाह' बना रखी थी। पुलिस को मौके से निम्नलिखित चीजें बरामद हुई हैं:
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    भारी मात्रा में मांस: पुलिस ने वहां से भारी मात्रा में ताजा कटा हुआ मांस (Meat) बरामद किया है। पुलिस को शक है कि यह प्रतिबंधित पशु का मांस हो सकता है, जिसके सैंपल को जांच के लिए फॉरेंसिक लैब (Forensic Lab) भेजा जा रहा है।
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    पशु कटान के उपकरण: घटनास्थल से पशुओं को काटने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले कई घातक और धारदार उपकरण (छुरे, कुल्हाड़ी, चापड़, रस्सियां और लकड़ी के गुटके) बरामद किए गए हैं।
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    अवैध हथियार: पुलिस पर फायरिंग करने में इस्तेमाल किए गए अवैध तमंचे (देशी पिस्तौल) और कई जिंदा तथा चले हुए कारतूस (Cartridges) भी मौके से जब्त किए गए हैं।
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अस्पताल में भर्ती, पुलिस खंगाल रही क्रिमिनल हिस्ट्री

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मुठभेड़ के तुरंत बाद, पुलिस ने इंसानियत का फर्ज निभाते हुए घायल वाहिद (जिसके पैर में गोली लगी है) और अल्ताफ (जो गाड़ी से टकराकर घायल हुआ है) को पुलिस कस्टडी में इलाज के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल (Government Hospital) में भर्ती कराया है। फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
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अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। वहीं, बिजनौर पुलिस अब इन दोनों बदमाशों का पुराना आपराधिक इतिहास (Criminal History) खंगालने में जुट गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गोकशी के सिंडिकेट में इनके साथ और कौन-कौन लोग शामिल हैं, इन्हें पशु कहां से सप्लाई होते थे, और काटे गए मांस को वे किन इलाकों या होटलों में बेचते थे।
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अधिकारियों का सख्त संदेश: बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी

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इस सफल मुठभेड़ पर पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि जनपद बिजनौर में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। गोकशी और पशु तस्करी जैसे जघन्य अपराधों में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। जो भी पुलिस पर गोली चलाएगा, उसे उसी की भाषा में करारा जवाब दिया जाएगा।
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इस घटना के बाद नगीना और तुक्मापुर क्षेत्र के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में अक्सर रात के अंधेरे में संदिग्ध गतिविधियां होती थीं, लेकिन पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई से निश्चित तौर पर तस्करों के हौसले पस्त होंगे।
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(बिजनौर क्राइम की हर एक्सक्लूसिव रिपोर्ट, पुलिस एनकाउंटर और आपके शहर की हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए सबसे पहले पढ़ते रहें खबरीलाल - सच्ची और बेबाक खबरें।)
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