बिजनौर (उत्तर प्रदेश)। उत्तर प्रदेश में अपराधियों और गौकशी करने वालों के खिलाफ पुलिस का 'जीरो टॉलरेंस' अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में बिजनौर जनपद की चांदपुर थाना पुलिस ने एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई करते हुए गौकशी (गौवंश वध) के एक शातिर और कुख्यात अपराधी को पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस सीधी फायरिंग में 22 से अधिक मुकदमों का वांटेड अपराधी अजीम उर्फ छंगा पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया।READ ALSO:-बिजनौर में इंसानियत शर्मसार: 10वीं के छात्र का अश्लील वीडियो बना 2 साल तक किया कुकर्म, ब्लैकमेल कर मांगे पैसे; आरोपी गिरफ्तार
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यह अपराधी पिछले कई दिनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक कर फरार चल रहा था। इस मुठभेड़ ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में अपराध करने वालों के लिए अब कोई सुरक्षित पनाहगाह नहीं बची है। आइए, इस विस्तृत रिपोर्ट में जानते हैं कि यह पूरी घटना कैसे शुरू हुई, पुलिस ने कैसे जाल बिछाया और इस मुठभेड़ की पूरी इनसाइड स्टोरी क्या है।
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विवाद की जड़: 14 अप्रैल को हुई थी गौकशी की दुस्साहसिक घटना

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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत आज से लगभग 15 दिन पहले, 14 अप्रैल 2026 को हुई थी। बिजनौर के चांदपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सब्दलपुर तेली के पास कुछ असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने और अपनी अवैध कमाई के लिए गौकशी की घटना को अंजाम दिया था।
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सुबह के समय जब ग्रामीणों और हिंदूवादी संगठनों को घटना की जानकारी मिली, तो इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बजरंग दल के नगर संयोजक, श्री सुशील कुमार ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दी। घटनास्थल पर गौवंश के अवशेष पाए गए थे, जो एक गंभीर अपराध की ओर इशारा कर रहे थे। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत वादी सुशील कुमार की तहरीर पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 200/2026 धारा 3/5/8 गौवध निवारण अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया और आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित कर दीं।
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पहला एनकाउंटर: 4 आरोपी चढ़े थे पुलिस के हत्थे, लेकिन छंगा हो गया था फरार

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चांदपुर पुलिस इस मामले को सुलझाने के लिए दिन-रात एक कर रही थी। इसी बीच, पुलिस को मुखबिरों से सूचना मिली जिसके आधार पर 16 और 17 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि को पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी की। उस समय भी बदमाशों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस के साथ उनकी मुठभेड़ हुई।
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उस साहसिक कार्रवाई में पुलिस ने गौकशी गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों— वसीम, फईम, तहसीन उर्फ कलवा और फरीद को गिरफ्तार कर लिया था। इन चारों के पास से भी पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध हथियार, गौकशी के उपकरण और भागने में इस्तेमाल होने वाला वाहन बरामद किया था।
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लेकिन, इस गिरोह का सबसे शातिर और मास्टरमाइंड सदस्य अजीम उर्फ छंगा रात के अंधेरे और भौगोलिक परिस्थितियों का फायदा उठाकर पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया था। उसी दिन से चांदपुर पुलिस ने छंगा की गिरफ्तारी को अपनी नाक का सवाल बना लिया था और उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही थी।
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29 अप्रैल का दिन: ऐसे बिछाया गया मौत के सौदागर के लिए जाल

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बुधवार, 29 अप्रैल 2026 का दिन अजीम उर्फ छंगा के अपराधों के अंत का दिन साबित हुआ। चांदपुर थाना प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह को अपने एक खास मुखबिर से बेहद सटीक सूचना मिली कि फरार गौकश अजीम अपने कुछ अन्य साथियों के साथ किसी नई घटना को अंजाम देने या इलाका छोड़ने की फिराक में ग्राम अकौंदा के पास मध्य गंग नहर की पटरी से गुजरने वाला है।
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सूचना पुख्ता थी, इसलिए बिना एक पल गंवाए प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह ने अपनी पूरी तरह से हथियारों से लैस टीम के साथ गंग नहर की पटरी पर घेराबंदी कर ली। पुलिस टीम ने हर रास्ते को सील कर दिया ताकि अपराधी किसी भी सूरत में बचकर न निकल सकें।
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गोलियों की तड़तड़ाहट और छंगा का अंत: मुठभेड़ का आंखों देखा हाल

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कुछ ही देर बाद पुलिस को एक मोटरसाइकिल पर कुछ संदिग्ध व्यक्ति आते हुए दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। लेकिन, पुलिस को सामने देख बदमाशों में हड़कंप मच गया। खुद को पुलिस से घिरा हुआ देखकर बदमाशों ने अपनी मोटरसाइकिल पीछे घुमाने की कोशिश की, लेकिन जब वे सफल नहीं हुए तो उन्होंने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से सीधी फायरिंग शुरू कर दी।
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गोलियों की आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। पुलिस टीम ने अत्यंत संयम और साहस का परिचय देते हुए पहले बदमाशों को सरेंडर करने की चेतावनी दी। लेकिन जब बदमाश नहीं माने और लगातार गोलियां बरसाते रहे, तो पुलिस को आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग करनी पड़ी।
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पुलिस द्वारा की गई इस 'सटीक जवाबी फायरिंग' में एक गोली सीधे भाग रहे अभियुक्त अजीम उर्फ छंगा के पैर में जा लगी। गोली लगते ही वह मोटरसाइकिल से नीचे गिर पड़ा और दर्द से कराहने लगा। पुलिस टीम ने तुरंत उसे अपने घेरे में ले लिया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
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दो साथी हुए फरार: हालांकि, इस भीषण मुठभेड़ के दौरान मौके का और नहर के आसपास की झाड़ियों का फायदा उठाकर अजीम के दो अन्य साथी— कामिल और राशिद— वहां से भागने में सफल रहे। पुलिस ने पूरे इलाके में सघन कॉम्बिंग (तलाशी अभियान) शुरू कर दी है और दावा किया है कि जल्द ही वे दोनों भी सलाखों के पीछे होंगे।
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कौन है अजीम उर्फ छंगा? एक नजर इसके आपराधिक इतिहास पर

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अजीम उर्फ छंगा कोई मामूली अपराधी नहीं है। वह इस इलाके का एक कुख्यात हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
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    वर्ष 2014 से ही वह अपराध की दुनिया में सक्रिय है।
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    उस पर बिजनौर और आसपास के थानों में अब तक कुल 22 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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    इन मुकदमों में गौवध निवारण अधिनियम, उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखना), और चोरी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं।
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    वह एक ऐसा आदतन अपराधी है जिसके खिलाफ पुलिस बार-बार कार्रवाई करती रही है, लेकिन जेल से छूटने के बाद वह फिर से अपराध में लिप्त हो जाता था।
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क्या-क्या हुआ बरामद?

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घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए अजीम उर्फ छंगा के पास से पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल होने वाला पूरा साजो-सामान बरामद किया है। बरामदगी की सूची:
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    अवैध शस्त्र: एक देशी तमंचा 315 बोर (जिससे पुलिस पर फायर किया गया था)।
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    कारतूस: एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस (315 बोर)।
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    वाहन: एक बिना कागज की मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर UP20BH1372), जिसका इस्तेमाल वह भागने और अपराध के लिए कर रहा था।
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    गौकशी के उपकरण: पशुओं को बेरहमी से काटने के लिए इस्तेमाल होने वाले धारदार हथियार, जिनमें 2 छुरी, 1 भारी चापड़ और 1 मजबूत नायलॉन की रस्सी शामिल है।
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    नकद धनराशि: 300 रुपये नकद।
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इन शूरवीरों ने दिया ऑपरेशन को अंजाम

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इस दुस्साहसिक मुठभेड़ को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली चांदपुर थाने की पुलिस टीम की उच्चाधिकारियों द्वारा भी भूरि-भूरि प्रशंसा की जा रही है। इस एनकाउंटर टीम में शामिल थे:
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    राहुल सिंह (प्रभारी निरीक्षक, थाना चांदपुर)
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    सुभाष चौधरी (उप-निरीक्षक)
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    अमित कुमार (कांस्टेबल 1604)
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    अंकित कुमार (कांस्टेबल 1877)
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    अंकुर कुमार (कांस्टेबल 2123)
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    आदेश कुमार (कांस्टेबल 187)
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आगे की कानूनी कार्रवाई: लगेगा सख्त BNS कानून

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पुलिस ने घायल बदमाश अजीम उर्फ छंगा को तत्काल प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी सरकारी अस्पताल में भर्ती करा दिया है, जहां पुलिस के कड़े पहरे में उसका इलाज चल रहा है।
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इस पुलिस मुठभेड़ (जानलेवा हमले) के संबंध में थाना चांदपुर पर मु0अ0सं0 234/2026 के तहत एक नई FIR दर्ज की गई है। इसमें नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेजा जाएगा और उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी ऐसी घटनाओं को अंजाम देने की जुर्रत न कर सके।
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