बिजनौर (नूरपुर): उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर योगी सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' (Zero Tolerance) नीति 2026 में और भी ज्यादा सख्त और प्रभावी नजर आ रही है। इसी कड़ी में जनपद बिजनौर की नूरपुर पुलिस (Bijnor Police) ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक जघन्य अपराध का खुलासा महज 5 दिनों के भीतर कर दिया है।
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नूरपुर थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने और उसके साथ दुष्कर्म (Rape) करने के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी रोहित चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पड़ोसी जिले मुरादाबाद के रहने वाले इस आरोपी को पुलिस ने न केवल ट्रेस किया, बल्कि वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। यह मामला नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रभावशीलता का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है।READ ALSO:-गाजियाबाद में कोहराम: सड़क के एक 'जानलेवा' गड्ढे ने उजाड़ दी हंसती-खेलती दुनिया; LPG ट्रक ने दंपती और मासूम को रौंदा, 7 साल का बेटा अब दुनिया में अकेला
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13 जनवरी की वो काली शाम: जब गायब हुई थी बेटी

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इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत 13 जनवरी 2026 को हुई थी। नूरपुर थाने में एक बदहवास पिता अपनी फरियाद लेकर पहुंचा था। पीड़ित पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उनकी नाबालिग बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में घर से लापता हो गई है। उन्होंने 'रोहित' नाम के एक युवक पर शक जाहिर किया था, जिसका पूरा पता उस वक्त उन्हें मालूम नहीं था।
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पिता की तहरीर पर नूरपुर पुलिस ने तत्काल प्रभाव से मुकदमा अपराध संख्या 14/2026 दर्ज किया। शुरुआत में, चूंकि मामला केवल गुमशुदगी और बहला-फुसलाकर ले जाने का प्रतीत हो रहा था, इसलिए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की। यह धारा अपहरण (Kidnapping) से संबंधित है।
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(Internal link to related article: भारतीय न्याय संहिता (BNS) में महिलाओं के लिए क्या हैं नए प्रावधान? यहाँ जानें)
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विवेचना में हुआ खौफनाक खुलासा: अपहरण नहीं, यह रेप था

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मुकदमा दर्ज करने के बाद, नूरपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए विवेचना (Investigation) की रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस (Electronic Surveillance) और अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया।
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जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे परतें खुलती गईं। पुलिस द्वारा बरामदगी और पीड़िता के बयानों के बाद जो सच सामने आया, उसने सभी को सन्न कर दिया। जांच में पुष्टि हुई कि आरोपी रोहित चौहान ने न केवल नाबालिग का अपहरण किया था, बल्कि उसके साथ शारीरिक संबंध (Sexual Assault) भी बनाए थे। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के धारा 164 के बयानों ने इस बात की तस्दीक कर दी।
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इसके बाद पुलिस ने बिना देरी किए मुकदमे में धाराओं की बढ़ोतरी (Case Alteration) की। मूल मुकदमे में निम्नलिखित गंभीर धाराएं जोड़ी गईं:
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    धारा 65(1) BNS: यह नए कानून के तहत बलात्कार (Rape) की धारा है, जो पुरानी आईपीसी की धारा 376 के समतुल्य है लेकिन इसमें सजा के प्रावधान और भी स्पष्ट और सख्त हैं।
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    धारा 3/4 POCSO Act: चूंकि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम थी, इसलिए लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) की धारा 3 और 4 भी लगाई गई, जो 'पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट' के लिए है।
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बिजनौर पुलिस का 'ऑपरेशन धरपकड़': मुरादाबाद से दबोचा गया आरोपी

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आरोपी की पहचान और अपराध की पुष्टि होने के बाद, पुलिस अधीक्षक (SP) बिजनौर ने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए। थाना अध्यक्ष नूरपुर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
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सर्विलांस से पता चला कि आरोपी रोहित चौहान घटना को अंजाम देने के बाद अपने गृह जनपद मुरादाबाद में छिपा हुआ है। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था ताकि पुलिस की पकड़ में न आए। लेकिन नूरपुर पुलिस की तकनीकी टीम उससे दो कदम आगे निकली।
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18 जनवरी 2026 (रविवार) को पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने जाल बिछाया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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गिरफ्तार अभियुक्त का विवरण:

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    नाम: रोहित चौहान
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    पिता: स्वर्गीय रामजस सिंह
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    निवासी: ग्राम पुराना मझरा लाकड़ी, थाना मझौला, जनपद मुरादाबाद।
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पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस ने उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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(External link: source URL - बिजनौर पुलिस का आधिकारिक ट्विटर हैंडल और प्रेस नोट यहाँ देखें)
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जांबाज पुलिस टीम: जिन्होंने दिलाया पीड़ित को न्याय

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इस संवेदनशील मामले को सुलझाने में नूरपुर थाने के पुलिसकर्मियों ने अहम भूमिका निभाई। उनकी सूझबूझ के कारण ही आरोपी 5 दिनों के अंदर सलाखों के पीछे है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में शामिल थे:
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    उप-निरीक्षक (SI) अमूल मिश्रा: जिन्होंने केस की बारीकी से विवेचना की।
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    कांस्टेबल (Ct.) 375 आकाश चौहान: जिन्होंने गिरफ्तारी के दौरान साहस दिखाया।
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स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्यवाही की सराहना की है। लोगों का कहना है कि पुलिस की ऐसी सक्रियता से अपराधियों में खौफ पैदा होगा और बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी।
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कानूनी विश्लेषण: BNS और POCSO में क्या होगी सजा?

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2026 में लागू नए कानूनों ने अपराधियों के बचने के रास्ते बंद कर दिए हैं। Bijnor Police Nurpur Rape Case में आरोपी पर लगी धाराएं बेहद सख्त हैं:
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    BNS धारा 65(1) (Rape): नए कानून के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति किसी महिला के साथ उसकी सहमति के बिना शारीरिक संबंध बनाता है, तो उसे कम से कम 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा होगी, जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
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    POCSO Act धारा 3/4: यह धारा बच्चों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों के लिए है। यह एक गैर-जमानती अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर न्यूनतम 20 वर्ष की सजा का प्रावधान है, जो आजीवन कारावास या मृत्युदंड तक जा सकती है। यह सुनिश्चित करता है कि बालिकाओं के साथ अपराध करने वाले आसानी से बाहर न आ सकें।
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(Internal link to related article: पॉक्सो एक्ट क्या है और इसमें जमानत के नियम कितने सख्त हैं?)
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अभिभावकों के लिए अलर्ट: डिजिटल युग में कैसे रखें बच्चों का खयाल?

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यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी (Wake-up Call) है। आरोपी रोहित चौहान दूसरे जिले (मुरादाबाद) का रहने वाला था, फिर भी वह बिजनौर की किशोरी के संपर्क में आया। यह अक्सर सोशल मीडिया या मोबाइल फोन के जरिए होता है।
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पुलिस और विशेषज्ञों की सलाह:

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    संवाद (Communication): अपने बच्चों, खास तौर पर टीनेजर्स (Teenagers) से दोस्ताना व्यवहार रखें ताकि वे डर के बिना अपनी बातें आपसे साझा कर सकें।
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    ऑनलाइन निगरानी: देखें कि बच्चे सोशल मीडिया (Instagram, Snapchat, WhatsApp) पर किससे बातें कर रहे हैं। अक्सर अपराधी फेक प्रोफाइल बनाकर नाबालिगों को प्रेम जाल में फंसाते हैं।
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    विश्वास जीतें: बच्चों को भरोसा दिलाएं कि अगर उनसे कोई गलती हो भी गई है, तो परिवार उनका साथ देगा। अक्सर बच्चे डांट के डर से बातें छुपाते हैं और ब्लैकमेलिंग का शिकार हो जाते हैं।
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न्याय की जीत

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नूरपुर पुलिस द्वारा रोहित चौहान की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि कानून के हाथ अब पहले से ज्यादा लंबे और सख्त हो चुके हैं। 13 जनवरी को एक परिवार की खुशियां छिन गई थीं, लेकिन 18 जनवरी को पुलिस की कार्यवाही ने उन्हें न्याय की उम्मीद दी है।
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बिजनौर पुलिस का यह संदेश साफ है—अपराधी चाहे पाताल में भी छिपा हो, उसे ढूंढ निकाला जाएगा। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वालों की जगह अब सिर्फ जेल में है।
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(External link: source URL - यूपी पुलिस की महिला सुरक्षा हेल्पलाइन 1090 की जानकारी)
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बिजनौर के नूरपुर थाने की पुलिस ने 13 जनवरी को लापता हुई नाबालिग के मामले का 5 दिनों में पर्दाफाश कर दिया है। जांच में अपहरण के साथ रेप (Rape) की पुष्टि होने पर पुलिस ने मुरादाबाद निवासी आरोपी रोहित चौहान को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1) और POCSO एक्ट की धारा 3/4 के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार को न्याय मिला है।
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क्विक हाइलाइट्स (Key Takeaways)
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  • गिरफ्तारी: रोहित चौहान (निवासी मुरादाबाद) गिरफ्तार ।
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  • धाराएं: BNS 137(2), 65(1) (दुष्कर्म) और POCSO एक्ट 3/4 ।
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  • पुलिस स्टेशन: नूरपुर, बिजनौर ।
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  • तारीख: गिरफ्तारी 18.01.2026 को हुई ।
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  • मामला: 13.01.2026 को नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का ।
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नोट: यह समाचार जनहित में जारी पुलिस प्रेस नोट के आधार पर प्रकाशित किया गया है। अपराध और अपराधियों के खिलाफ सूचना देने के लिए आप हमेशा पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 का उपयोग कर सकते हैं।
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