रसोई गैस को लेकर बिजनौर में बड़ा बदलाव: जनपद के 30 से अधिक शहरी क्षेत्रों और कॉलोनियों में पीएनजी (PNG) पाइपलाइन से गैस सप्लाई शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां पीएनजी मीटर और पाइपलाइन लग चुकी है, उन्हें अब घरेलू एलपीजी (LPG) गैस सिलेंडर का लाभ नहीं दिया जाएगा। जानिए अपने शहर का हाल, पीएनजी के फायदे और क्या है नया नियम।READ ALSO:-सर्राफा बाजार में हाहाकार: 1 हफ्ते में 12,900 रुपये महंगी हुई चांदी, सोना 1.58 लाख के पार; जानिए यूपी में आज का ताजा भाव
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उत्तर प्रदेश का बिजनौर जिला अब तेजी से आधुनिकीकरण और 'स्मार्ट सिटी' की तर्ज पर आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में बिजनौर वासियों को रसोई गैस सिलेंडर की भारी-भरकम बुकिंग, डिलीवरी के इंतजार और खत्म होने के डर से हमेशा के लिए मुक्ति मिलने जा रही है। शहर के एक बड़े हिस्से में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की लाइनें बिछा दी गई हैं और सप्लाई भी सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है।
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लेकिन इस नई और आधुनिक सुविधा के साथ-साथ जिला प्रशासन ने गैस वितरण प्रणाली में एक बड़ा और सख्त नियम भी लागू किया है। जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर द्वारा 16 मई 2026 को जारी की गई आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जो भी उपभोक्ता पीएनजी गैस नेटवर्क से जुड़ चुके हैं, उनके लिए पुराने एलपीजी (LPG) सिलेंडर की सेवाएं बंद कर दी जाएंगी। आइए इस खबर का हर एक पहलू विस्तार से समझते हैं।
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क्या है जिलाधिकारी जसजीत कौर का नया आदेश?

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बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर ने सर्वसाधारण को सूचित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि जनपद बिजनौर के नगरीय क्षेत्र में पीएनजी (PNG) सप्लाई का ढांचा पूरी तरह से तैयार हो गया है और कई इलाकों में गैस छोड़ दी गई है।
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इस योजना के तहत अब तक शहर के हजारों घरों में पीएनजी कनेक्शन के लिए पंजीकरण (Registration) किया जा चुका है। प्रशासन की देखरेख में कार्यदायी संस्थाओं ने अनेक घरों की रसोइयों तक पाइपलाइन पहुंचाने और स्मार्ट मीटर स्थापित करने का काम भी पूरा कर लिया है।
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नया नियम (सबसे महत्वपूर्ण बिंदु): प्रशासन ने गैस आपूर्ति में पारदर्शिता लाने और 'एक घर-एक कनेक्शन' की नीति को प्रभावी बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं। इन नए नियमानुसार, "जिन उपभोक्ताओं के घरों में पीएनजी (PNG) गैस कनेक्शन उपलब्ध हो चुका है या मीटर लग गया है, उन्हें अब घरेलू एलपीजी (LPG) गैस (सिलेंडर) का लाभ नहीं दिया जा सकेगा।" इसका सीधा अर्थ यह है कि प्रशासन अब दोहरे गैस कनेक्शन की अनुमति नहीं देगा। पीएनजी चालू होते ही आपका एलपीजी कनेक्शन स्वतः निष्क्रिय कर दिया जाएगा या आपको सिलेंडर की डिलीवरी मिलनी बंद हो जाएगी।
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बिजनौर की किन 30+ कॉलोनियों में पहुंची है PNG पाइपलाइन? (पूरी लिस्ट)

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जिला प्रशासन ने उन सभी कॉलोनियों और मोहल्लों की आधिकारिक सूची जारी की है, जहां पीएनजी की सप्लाई सफलतापूर्वक उपलब्ध करा दी गई है। यदि आप बिजनौर के नगरीय क्षेत्र में रहते हैं, तो तुरंत चेक करें कि क्या आपका मोहल्ला इस लिस्ट में शामिल है:
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    प्रमुख आवासीय कॉलोनियां: राधे कृष्ण कुंज, कृष्णपुरम, शांति निकेतन, प्रेम नगर, आदर्श नगर।
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    विहार और एन्क्लेव: राणा एन्क्लेव, श्याम विहार, मयूर विहार, आनंद विहार, प्रगति विहार, साई विहार, वैष्णों विहार, अशोक विहार, भारत विहार।
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    अन्य प्रमुख क्षेत्र: दयानंद कॉलोनी, शांतिपुरम, दयाल कुंज, चंद्रलोक कॉलोनी, साई सिटी, हयात नगर, चामुंडा कॉलोनी, इंदरलोक सिटी।
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    शहरी केंद्र: सरोजिनी नगर, शिवलोकन सिटी, आदमपुर, महादेव पुरम, तैमुरपुर, आवास विकास कॉलोनी, सुरेंद्र नगर एवं रामबाग।
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इन सभी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों के लिए अब पीएनजी ही उनके किचन का मुख्य आधार होगी।
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तुरंत करें ये काम: वरना रुक सकता है आपकी रसोई का काम

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चूंकि अब एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई इन घरों में बंद हो जाएगी, इसलिए जिलाधिकारी ने उपभोक्ताओं से एक विशेष अपील की है। ऐसे सभी व्यक्ति जिनके द्वारा पीएनजी (PNG) कनेक्शन के लिए पहले ही पंजीकरण कराया जा चुका है और उनके घरों में पाइपलाइन या मीटर लग गए हैं, वे बिल्कुल भी लापरवाही न बरतें।
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गैस आपूर्ति निर्बाध रूप से चलती रहे और किचन में खाना बनने में कोई रुकावट न आए, इसके लिए आपको अपना पीएनजी कनेक्शन तुरंत सक्रिय (Activate) कराना होगा। कनेक्शन निर्गत या चालू कराने के लिए प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं:
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    टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर (Toll-Free): 1800-843-0492
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    मोबाइल हेल्पलाइन नंबर (Mobile): 9412087899
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उपभोक्ता इन नंबरों पर संपर्क करके अपनी पंजीकरण संख्या बता सकते हैं और गैस चालू करने का अनुरोध दर्ज करा सकते हैं।
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क्यों उठाया जा रहा है यह कदम? जानिए LPG से PNG में शिफ्ट होने के 5 बड़े फायदे

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बहुत से लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा होगा कि आखिर एलपीजी (LPG) को हटाकर पीएनजी (PNG) को क्यों अनिवार्य किया जा रहा है? विशेषज्ञों और प्रशासन के अनुसार, पीएनजी भविष्य का ईंधन है और यह एलपीजी सिलेंडर के मुकाबले कई मायनों में बेहतर है:
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    सिलेंडर बुकिंग के झंझट से हमेशा के लिए मुक्ति: एलपीजी में सबसे बड़ी समस्या सिलेंडर के खत्म होने और उसे दोबारा बुक करने की होती है। कई बार डिलीवरी में देरी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पीएनजी में पानी और बिजली की तरह 24 घंटे और सातों दिन (24x7) निर्बाध सप्लाई मिलती है।
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    रसोई में जगह की बचत और सुंदरता: भारी-भरकम और लोहे के लाल एलपीजी सिलेंडर रसोई में काफी जगह घेरते हैं और फर्श पर जंग के निशान छोड़ देते हैं। पीएनजी एक पतली और सुरक्षित पाइप के जरिए सीधे आपके गैस चूल्हे तक पहुंचती है, जिससे आपकी रसोई साफ, सुरक्षित और मॉड्यूलर दिखती है।
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    सुरक्षा के लिहाज से कहीं अधिक बेहतर: पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) हवा से हल्की होती है। यदि कभी गैस का रिसाव (Leakage) होता भी है, तो यह तुरंत हवा में ऊपर उठकर फैल जाती है और आग लगने का खतरा एलपीजी की तुलना में बेहद कम होता है। वहीं एलपीजी हवा से भारी होने के कारण फर्श पर बैठ जाती है, जो गंभीर हादसों का कारण बनती है।
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    किफायती और 'जितना इस्तेमाल, उतना बिल': पीएनजी का सबसे बड़ा आर्थिक फायदा यह है कि आपको पहले से पूरे सिलेंडर के पैसे नहीं देने पड़ते। आपके घर में बिजली की तरह गैस का मीटर लगा होता है। आप जितनी गैस इस्तेमाल करेंगे, महीने के अंत में आपको सिर्फ उतने का ही बिल चुकाना होगा। कई मामलों में यह एलपीजी से सस्ती भी पड़ती है।
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    पर्यावरण के अनुकूल (Eco-Friendly): पीएनजी एक बहुत ही स्वच्छ ईंधन है। जलने पर यह कोई हानिकारक धुंआ, कालिख या राख नहीं छोड़ती है। इससे न केवल आपके बर्तन साफ रहते हैं, बल्कि शहर का पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
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बिजनौर का बदलता स्वरूप: स्मार्ट सिटी की ओर एक बड़ा कदम

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बिजनौर में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार केवल एक सुविधा नहीं है, बल्कि यह जिले के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के विकास का एक बड़ा प्रमाण है। सरकार पूरे उत्तर प्रदेश में 'सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन' (CGD) नेटवर्क का जाल बिछा रही है, ताकि लोगों के जीवन स्तर (Ease of Living) में सुधार किया जा सके।
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जिलाधिकारी जसजीत कौर की इस पहल और तत्परता से यह स्पष्ट है कि प्रशासन बिजनौर को एक आधुनिक शहर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब यह जिम्मेदारी नागरिकों की है कि वे इस बदलाव का खुले दिल से स्वागत करें और समय रहते अपने पीएनजी कनेक्शन को चालू करा लें, ताकि नए नियमों के कारण उन्हें भविष्य में कोई असुविधा न हो।
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अपील: इस महत्वपूर्ण जानकारी को अपने पड़ोसियों, रिश्तेदारों और बिजनौर के उन सभी निवासियों तक जरूर पहुंचाएं जो ऊपर बताई गई कॉलोनियों में रहते हैं, ताकि कोई भी परिवार गैस की समस्या से परेशान न हो।
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