उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (Lucknow) के विस्तृत एक्शन प्लान और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिजनौर के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में न्याय और कानून तक आम जनमानस की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत बिजनौर की स्टेट बैंक कॉलोनी में स्थित दीप सृजन कॉन्वेंट स्कूल में एक विशेष विधिक साक्षरता शिविर (Bijnor Legal Literacy Camp) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों, महिला सुरक्षा के नियमों और राज्य सरकार द्वारा भलाई के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जमीनी स्तर पर जागरूक करना था।
बालिकाओं की सुरक्षा और कानूनी संरक्षण पर विशेष जोर विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पैराल लीगल वालंटियर (PLV) जयवीर सिंह ने मुख्य वक्ता के रूप में छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने बालिकाओं की सुरक्षा और संरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों और कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने छात्राओं को समझाया कि आज के समय में बालिकाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उन्हें अपने विधिक अधिकारों की सटीक जानकारी होना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण की दिशा में संचालित कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया।
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मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना और सुकन्या योजना के प्रावधान पीएलवी जयवीर सिंह ने शिविर में उपस्थित छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ को आर्थिक सहायता से जुड़ी सरकार की दो प्रमुख योजनाओं के नियम व शर्तें विस्तार से समझाईं:
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना: इस लाभकारी योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके तहत ऐसे पढ़ने वाले बालक-बालिकाओं को प्रतिमाह 2,500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिनके परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य की मृत्यु हो गई हो। इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए यह अनिवार्य है कि संबंधित परिवार की कुल वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम हो।
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विज्ञापन · स्थानीय दुकानों की ताज़ा स्कीम · स्वाइप करें →सभी ऑफर देखें →सुकन्या योजना: बालिकाओं के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए चलाई जा रही इस योजना के बारे में भी बताया गया। इसके अंतर्गत, जन्म से लेकर 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक बालिकाओं को 2,500 रुपये की आवश्यक आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में कोई आर्थिक बाधा न उत्पन्न हो सके।
सुरक्षा के लिए टोल-फ्री नंबरों की दी गई जानकारी विधिक साक्षरता शिविर में पुलिस विभाग की ओर से भी महत्वपूर्ण भागीदारी दर्ज की गई। कार्यक्रम में मौजूद सब-इंस्पेक्टर (SI) शिवानी चौहान ने पुलिस और प्रशासन द्वारा महिलाओं तथा बालिकाओं की त्वरित सहायता के लिए जारी किए गए विभिन्न टोल-फ्री और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की उपयोगी जानकारी साझा की। उन्होंने मंच से सभी छात्राओं को प्रेरित किया कि किसी भी प्रकार की विपरीत परिस्थिति या खतरे का आभास होने पर वे बिल्कुल भी न डरें और तुरंत इन हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग कर पुलिस की सहायता लें।

कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधन की रही सक्रिय भागीदारी इस जागरूकता शिविर के सफल आयोजन में विद्यालय प्रबंधन का भी विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम में दीप सृजन कॉन्वेंट स्कूल की प्रबंधक अनिता चौहान के साथ-साथ विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं। उपस्थित छात्राओं ने शिविर में दी गई सभी कानूनी और सुरक्षा संबंधी जानकारियों को पूरी गंभीरता से सुना। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर आयोजित किए जाने वाले ऐसे शिविरों का मुख्य उद्देश्य समाज के युवा वर्ग को एक सुरक्षित और जागरूक नागरिक के रूप में विकसित करना है।

Sabse pehle comment karne wale banein.