उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में वन विभाग की कार्रवाई और किसान संगठन के बीच तनातनी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले में अवैध लकड़ी के परिवहन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों के बीच एक ऐसी घटना घटी, जिसने सरकारी तंत्र के इकबाल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग द्वारा सीज किए गए सागौन की कीमती लकड़ी से भरे ट्रक को भाकियू (तोमर) के नेताओं द्वारा बलपूर्वक छुड़ा ले जाने का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए संगठन के जिला अध्यक्ष समेत 10 लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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क्या है पूरा मामला?
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घटना बिजनौर के कोतवाली शहर क्षेत्र की है। रिपोर्टर शकील अहमद के अनुसार, वन विभाग की टीम ने चेकिंग के दौरान अवैध रूप से ले जाए जा रहे सागौन की कीमती लकड़ी से भरे एक ट्रक को पकड़ा था और उसे जब्त (सीज) करके रेंज कार्यालय लाया गया था। इस कार्रवाई से नाराज भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं और नेताओं में आक्रोश फैल गया।
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रेंज कार्यालय पर हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा
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बीती 5 सितंबर को स्थिति तब बेकाबू हो गई जब भाकियू तोमर के जिला अध्यक्ष सचिन गुप्ता के नेतृत्व में लगभग 20 से 25 लोगों की भीड़ अचानक रेंज कार्यालय जा पहुंची।
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धरना और नारेबाजी: कार्यालय पहुंचते ही इन लोगों ने ट्रक को तुरंत छोड़ने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया और परिसर में ही धरना-नारेबाजी शुरू कर दी।
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रेंजर से तीखी नोकझोंक: इस दौरान मौके पर मौजूद रेंजर महेश गौतम और किसान नेताओं के बीच जमकर तीखी नोकझोंक हुई। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।
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जबरन ट्रक छुड़ाकर ले गए नेता
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मामले की गंभीरता और भीड़ के उग्र तेवर के बावजूद जब बात नहीं बनी, तो आरोप है कि किसान नेताओं ने अपनी दबंगई दिखाते हुए प्रशासनिक नियमों को ताक पर रख दिया। भीड़ ने विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में रेंज ऑफिस परिसर में खड़े सागौन की कीमती लकड़ी से भरे उस सीज ट्रक को जबरन स्टार्ट किया और वहां से भगा ले गए। सरकारी दफ्तर से इस तरह सरेआम ट्रक छुड़ाए जाने की घटना से वन विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
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वनरक्षक की तहरीर पर 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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इस पूरी घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। वनरक्षक मोहित कुमार और विभागीय दरोगा की तहरीर पर कोतवाली शहर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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पुलिस ने भाकियू (तोमर) के जिला अध्यक्ष सचिन गुप्ता सहित 9 नामजद और 1 अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा करने और संपत्ति जबरन ले जाने के आरोप में FIR दर्ज की है।
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मुकदमा दर्ज होने की खबर मिलते ही स्थानीय राजनीतिक और किसान संगठनों में खलबली मच गई है।
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डीएफओ बिजनौर (जय सिंह कुशवाहा) का बयान
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मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बिजनौर के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO - जय सिंह कुशवाहा) ने स्थिति पर कड़ी नजर रखी हुई है। विभाग का स्पष्ट कहना है कि सरकारी संपत्ति और जब्ती के सामान को इस तरह जबरन ले जाना गंभीर अपराध है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीमें अब आरोपियों की धरपकड़ और ट्रक की बरामदगी के लिए आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई हैं।
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कानून व्यवस्था के दायरे में रहकर अपनी बात रखना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकारी दफ्तरों में घुसकर इस तरह की अराजकता फैलाना और सीज किए गए सामान को जबरन ले जाना सीधे तौर पर कानून की अवहेलना है। बिजनौर पुलिस और वन विभाग द्वारा की गई यह सख्त कार्रवाई ऐसे मामलों में एक कड़ा संदेश देने का काम करती है।
Sabse pehle comment karne wale banein.