बिजनौर: बिजनौर में गुलदार के आतंक के बीच एक माँ और बेटे ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपनी जान दांव पर लगाकर चार साल की मासूम को गुलदार के जबड़े से बचा लिया। इस घटना ने लोगों को यह संदेश दिया है कि आत्मरक्षा के लिए केवल सरकारी मदद पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।READ ALSO:-मेरठ: भाजपा नेता की 10 साल की बेटी पर कुत्तों का झुंड का हमला, गंभीर रूप से घायल; दिल्ली रेफर
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क्या है पूरी घटना?
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यह घटना हरेवली के गांव भगौता की है। देर रात, रीना अपने 17 साल के बेटे भूरे और चार साल की बेटी गायत्री के साथ रामलीला देखने जा रही थीं। अचानक, खेत से निकलकर एक गुलदार ने उनकी बेटी गायत्री को जबड़े में दबोच लिया। यह देखकर माँ रीना और भाई भूरे बिना डरे तुरंत गुलदार पर टूट पड़े।
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रीना और भूरे की हिम्मत और शोर सुनकर गुलदार घबरा गया और बच्ची को छोड़कर भाग गया। आसपास के लोगों ने भी शोर मचाना शुरू कर दिया, जिससे गुलदार जंगल की ओर चला गया। घायल गायत्री को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
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लापरवाही पर फूटा गुस्सा
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बिजनौर में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ रहा है। पिछले 27 महीनों में गुलदार के हमलों में 35 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद, वन विभाग द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द पिंजरा लगाने और गुलदार को पकड़ने की मांग की है।
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इस संबंध में वन दारोगा सुनील राजौरा ने आश्वासन दिया है कि गुलदार को पकड़ने के लिए जल्द ही पिंजरा लगाया जाएगा। हालाँकि, इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि स्थानीय लोगों का साहस और सूझबूझ ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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