बिजनौर में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुलिस-प्रशासन का अभियान लगातार तेज हो रहा है। धार्मिक स्थलों पर निर्धारित मानकों से अधिक तेज आवाज में बजने वाले और बिना अनुमति लगाए गए लाउडस्पीकरों को हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान को लेकर बिजनौर के पुलिस अधीक्षक केके बिश्नोई ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई किसी एक धर्म या समुदाय को निशाना बनाकर नहीं, बल्कि शासन के निर्देशों और अदालतों के आदेशों के अनुपालन के लिए की जा रही है।READ ALSO:-मेरठ के भाग्यश्री हॉस्पिटल में महिला मरीज की मौत पर बवाल, शव रखकर प्रदर्शन; लापरवाही के आरोपों के बीच तोड़फोड़ और मारपीट
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जेल निरीक्षण के दौरान तेज आवाज से शुरू हुआ मामला
\r\n\r\nरिपोर्टों के मुताबिक, अभियान की शुरुआत उस समय चर्चा में आई जब डीएम जसजीत कौर और एसपी केके बिश्नोई जिला जेल के निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान जेल के पीछे स्थित एक मस्जिद से तेज आवाज में अजान सुनाई दी। इसके बाद एसपी ने अधिकारियों से धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की स्थिति और उनकी आवाज के मानकों की जांच कराने के निर्देश दिए।
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इसके बाद पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर लाउडस्पीकरों की जांच शुरू कर दी। जिन स्थानों पर निर्धारित मानकों से अधिक लाउडस्पीकर पाए गए या बिना अनुमति उपकरण लगाए गए थे, वहां उन्हें हटाने की कार्रवाई की गई।
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मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों तक पहुंची पुलिस
\r\n\r\nबिजनौर पुलिस के अभियान की खास बात यह है कि कार्रवाई को केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं रखा गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों समेत अलग-अलग धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकरों की जांच की गई।
\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n\r\n@Shakeel57767846 बिजनौर में ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पुलिस का बड़ा अभियान जारी है। मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों से मानकों के विपरीत लगे लाउडस्पीकर हटाए जा रहे हैं। जानें SP केके बिश्नोई ने क्या कहा। pic.twitter.com/Zhlz669lWY
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अमर उजाला की 4 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार तक 1,900 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की जानकारी दी गई, जिनमें 1,001 मस्जिद, 846 मंदिर और 53 गुरुद्वारे बताए गए। उसी रिपोर्ट में एसपी केके बिश्नोई के हवाले से 1,214 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की संख्या बताई गई है। अलग-अलग रिपोर्टों में कार्रवाई के आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है, इसलिए संख्या को लेकर आधिकारिक पुलिस अपडेट को अंतिम आधार माना जाना चाहिए।
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इससे पहले 3 सितंबर की रिपोर्ट में 622 धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर हटाए जाने की जानकारी सामने आई थी। इनमें 391 मस्जिद, 214 मंदिर और 17 गुरुद्वारे शामिल बताए गए थे।
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चांदपुर, नूरपुर और हीमपुर दीपा में भी कार्रवाई
\r\n\r\nअभियान का असर बिजनौर के ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक चांदपुर थाना क्षेत्र से 462, नूरपुर थाना क्षेत्र से 167, हीमपुर दीपा से 196 और शिवाला कला क्षेत्र से 92 लाउडस्पीकर हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस ने बताया कि बिना अनुमति लगाए गए लाउडस्पीकरों को हटाने के साथ-साथ निर्धारित मानकों के अनुरूप ध्वनि रखने के लिए धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार लोगों को समझाया जा रहा है।
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नींदड़ू क्षेत्र में भी पुलिस ने अतिरिक्त लाउडस्पीकर हटाए। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार वहां अलग-अलग मस्जिदों से कुल 12 अतिरिक्त लाउडस्पीकर हटाए गए और बचे हुए लाउडस्पीकरों की आवाज को निर्धारित मानकों के अनुसार कराने की कार्रवाई की गई।
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SP केके बिश्नोई ने क्या कहा?
\r\n\r\nएसपी केके बिश्नोई के अनुसार यह अभियान शासन के निर्देशों और कोर्ट के आदेशों के तहत चलाया जा रहा है। धार्मिक स्थलों पर होने वाले धार्मिक कार्यक्रमों की आवाज निर्धारित सीमा में रखने और उसे संबंधित परिसर तक सीमित रखने पर पुलिस का जोर है।
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पुलिस का कहना है कि धार्मिक स्थल के जिम्मेदार लोगों को पहले नियमों और निर्धारित मानकों के बारे में बताया जा रहा है। जहां नियमों का पालन नहीं हो रहा है, वहां आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
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आवाज की सीमा को लेकर क्या है नियम?
\r\n\r\nएसपी केके बिश्नोई ने मीडिया रिपोर्टों में बताया है कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन कराया जा रहा है। एक रिपोर्ट में दिन के समय 55 डेसिबल और रात में 45 डेसिबल की सीमा का उल्लेख किया गया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि धार्मिक स्थल से निकलने वाली ध्वनि परिसर से बाहर नहीं जानी चाहिए।
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यानी पुलिस की कार्रवाई का मुख्य फोकस केवल लाउडस्पीकर हटाना नहीं, बल्कि ध्वनि की निर्धारित सीमा और अनुमति से जुड़े नियमों का पालन कराना है।
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कुछ जगह लोगों ने खुद उतारे लाउडस्पीकर
\r\n\r\nअभियान के दौरान कई धार्मिक स्थलों पर पुलिस के पहुंचने के बाद वहां मौजूद जिम्मेदार लोगों ने स्वयं अतिरिक्त लाउडस्पीकर उतार दिए। पुलिस की ओर से लोगों से सहयोग की अपील भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य धार्मिक गतिविधियों को रोकना नहीं, बल्कि ध्वनि प्रदूषण से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
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अभियान अभी जारी, पुलिस की नजर नियमों पर
\r\n\r\nबिजनौर में लाउडस्पीकर को लेकर चल रही कार्रवाई आने वाले दिनों में भी जारी रहने की बात सामने आई है। पुलिस टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में धार्मिक स्थलों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि सभी धार्मिक स्थलों पर ध्वनि से जुड़े निर्धारित नियमों का पालन हो और किसी भी स्थान से अत्यधिक तेज आवाज आसपास के रिहायशी क्षेत्र में न पहुंचे।
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इस पूरे अभियान के बीच एसपी केके बिश्नोई का संदेश साफ है कि धार्मिक स्थल कोई भी हो, लाउडस्पीकर की आवाज निर्धारित मानकों के भीतर रहनी चाहिए। नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस की टीमें लगातार मैदान में हैं। वहीं, धार्मिक स्थलों के प्रबंधकों से भी प्रशासन ने सहयोग की अपील की है।
Sabse pehle comment karne wale banein.