उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नजीबाबाद क्षेत्र के ग्राम धनसीनी में पिछले कुछ समय से दहशत का पर्याय बना एक गुलदार (तेंदुआ) आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। यह घटना गुरुवार (13 नवंबर 2025) सुबह लगभग 6 बजे की है। गुलदार के पकड़े जाने से स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। वन विभाग के अनुसार, पकड़ा गया यह गुलदार नर है और उसकी उम्र लगभग 6 वर्ष बताई जा रही है।READ ALSO:-योगी सरकार का 'मास्टरस्ट्रोक'! मुख्तार की जब्त कोठी पर बने फ्लैट 25 साल तक 'नॉट फॉर सेल', बिचौलियों का खेल खत्म
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एक सप्ताह से ग्रामीणों में थी दहशत

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ग्राम धनसीनी में पिछले कई दिनों से गुलदार को लगातार देखा जा रहा था, जिससे ग्रामीणों में डर का माहौल था।
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    ग्रामीणों की सूचना: ग्रामीणों ने गुलदार की लगातार आवाजाही की सूचना तत्काल वन विभाग को दी थी।
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    वन विभाग की कार्रवाई: ग्रामीणों की शिकायत के मद्देनजर, वन अधिकारियों ने लगभग एक सप्ताह पहले गुलदार को पकड़ने के लिए गांव में पिंजरा लगाया था।
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सुबह 6 बजे पिंजरे में कैद

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गुरुवार सुबह जब ग्रामीणों ने पिंजरे में फंसे गुलदार को देखा, तो उन्होंने तत्काल वन अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
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    तत्काल रेस्क्यू: सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्रीय वन अधिकारी नजीबाबाद श्री राम कुमार प्रथम, क्षेत्र वन अधिकारी नजीबाबाद रेंज श्री हरगोविंद सिंह सहित अन्य कर्मचारियों की टीम ने गुलदार को सुरक्षित रूप से पिंजरे से निकाला।
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    सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट: पकड़े गए गुलदार को ग्राम धनसीनी से जबलपुर नर्सरी ले जाया गया है।
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 Leopard captured in forest department's cage in Bijnor | बिजनौर में वन विभाग  के पिंजरे में कैद हुआ गुलदार: ग्रामीणों ने ली राहत की सांस, धनसीनी से जबलपुर  नर्सरी ले ...

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उच्च अधिकारियों के निर्देश का इंतजार

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वन विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि गुलदार को अब उच्च अधिकारियों के आदेश का इंतजार है।
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    आगे की कार्रवाई: उच्च अधिकारियों के आदेश पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और गुलदार को उसकी उम्र और स्वास्थ्य की जांच के बाद किसी सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा।
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    मौके पर मौजूद टीम: रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दैनिक श्रमिक श्री मोहम्मद यामीन उर्फ गम और श्री मोहम्मद अकरम सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
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सुरक्षा की मांग

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बिजनौर और नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार के हमले और रिहायशी इलाकों में आने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। इस बार गुलदार के सुरक्षित पकड़े जाने से ग्रामीणों में खुशी है। सोशल मीडिया पर लोगों ने वन विभाग की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। हालांकि, ग्रामीणों ने वन विभाग से भविष्य में भी सुरक्षा और निगरानी बनाए रखने की मांग की है।
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